मंदसौर (Mandsaur News)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध वसूली के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। मंगलवार शाम को खाद्य एवं राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर की जानी-मानी Dwarka Indane Agency पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान न केवल भारी अनियमितताएं पाई गईं, बल्कि एजेंसी के एक कर्मचारी को उपभोक्ताओं से सिलेंडर के बदले दोगुनी कीमत वसूलते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
रंगे हाथों पकड़ा गया कालाबाजारी का खेल
पिछले काफी समय से जिला प्रशासन को शिकायतें मिल रही थीं कि Dwarka Indane Agency में गैस सिलेंडरों की कृत्रिम किल्लत पैदा की जा रही है और जरूरतमंद ग्राहकों से निर्धारित सरकारी रेट से कहीं ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जब Dwarka Indane Agency परिसर में दबिश दी, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था।
एजेंसी का कर्मचारी घनश्याम घरेलू गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग (Black Marketing) में पूरी तरह संलिप्त पाया गया। वह ग्राहकों को बिना उचित रसीद और बिना किसी वैध बुकिंग के सिलेंडर उपलब्ध करवा रहा था और इसके बदले में सरकार द्वारा तय की गई कीमत से दोगुनी राशि की मांग कर रहा था। जैसे ही लेनदेन हुआ, मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कर्मचारी को रंगे हाथों धर दबोचा।
दस्तावेजों की कमी और स्टॉक में हेराफेरी
छापेमारी के दौरान जब संयुक्त टीम ने Dwarka Indane Agency के संचालक और वहां मौजूद स्टाफ से स्टॉक रजिस्टर, सेल मेमो और गैस वितरण से जुड़े अन्य अनिवार्य कानूनी दस्तावेज मांगे, तो प्रबंधन कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि स्टॉक में मौजूद सिलेंडरों की संख्या और कागजों पर दिखाए गए आंकड़ों में बड़ा अंतर था।
अनियमितताओं की पराकाष्ठा और किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने की स्थिति को देखते हुए, प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया और Dwarka Indane Agency को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक के लिए सील कर दिया। इस कार्रवाई से जिले के अन्य गैस वितरकों और कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा


इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिले के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। टीम में एसडीएम शुभम पाटीदार, डिप्टी कलेक्टर रोहित राणावत, तहसीलदार अभिषेक चौरसिया, जिला आपूर्ति अधिकारी नारायणसिंह चन्द्रावत और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आराधना खडिया सहित अन्य महत्वपूर्ण कर्मचारी शामिल रहे।
एसडीएम शुभम पाटीदार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि Dwarka Indane Agency के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही यह कदम उठाया गया है। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि आम जनता की बुनियादी जरूरतों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन अब इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घोटाले के पीछे और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।
जनता से अपील और भविष्य की कार्रवाई
जिला प्रशासन ने मंदसौर के सभी नागरिकों से यह अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में गैस सिलेंडरों के लिए अधिक कीमत न चुकाएं। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शहर और जिले में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। अगर कोई भी एजेंसी या वेंडर अवैध भंडारण करता है या डिलीवरी के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला आपूर्ति विभाग को दें।
फिलहाल, Dwarka Indane Agency को सील कर दिया गया है और जब्त किए गए रिकॉर्ड्स की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि बाजार में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पारदर्शी बनी रहे और मुनाफाखोरी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
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