पुलिया से ट्रैक्टर गिरने से किसान की दर्दनाक मौत,वीडियो देखें

नीमच (अकाली गांव):ज़िंदगी की डोर कब और कहाँ टूट जाए, यह कोई नहीं कह सकता। अक्सर जिन रास्तों से हम रोज़ गुजरते हैं, वही रास्ते कभी-कभी अंतिम सफर का गवाह बन जाते हैं। बुधवार को नीमच जिले के जावद क्षेत्र में एक ऐसी ही हृदयविदारक घटना घटी। मंडी में अपनी मेहनत की फसल बेचकर खुशी-खुशी घर लौट रहे एक किसान के लिए अकाली (Ankali) गांव की पुलिया मौत का सबब बन गई। इस भीषण हादसे ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
अकाली(Ankali) पुलिया पर खौफनाक मंज़र
घटना जावद थाना क्षेत्र की सरवानिया महाराज चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम अकाली (Ankali) की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चौकानखेड़ा के रहने वाले मनोहर भील, जो पेशे से किसान थे, अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर उपज बेचने मंडी गए थे। दिन भर की मेहनत के बाद जब वह वापस अपने घर मेलानखेड़ा की ओर लौट रहे थे, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मनोहर का ट्रैक्टर सामान्य गति से आ रहा था। जैसे ही वाहन अकाली (Ankali) गांव के पास स्थित पुलिया पर पहुंचा, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि चालक कुछ समझ पाता, ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे जा गिरा। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि आसपास मौजूद लोगों को पलक झपकाने का मौका भी नहीं मिला।
चीख-पुकार से गूंज उठा पूरा इलाका
ट्रैक्टर के गिरने की तेज़ आवाज़ सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और राहगीर दौड़े चले आए। अकाली (Ankali) पुलिया के नीचे का नज़ारा बेहद डरावना था। भारी-भरकम ट्रैक्टर पूरी तरह पलट चुका था और चालक मनोहर उसके नीचे बुरी तरह दबे हुए थे। ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, लेकिन वजन ज़्यादा होने के कारण उन्हें बाहर निकालना मुश्किल हो रहा था। हादसे की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और भारी भीड़ जमा हो गई।
जेसीबी से रेस्क्यू, लेकिन हार गई ज़िन्दगी
सूचना मिलते ही सरवानिया चौकी प्रभारी निलेश सोलंकी अपनी टीम के साथ तत्काल अकाली (Ankali) पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जेसीबी मशीन बुलवाई। काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को सीधा किया गया और मनोहर को बाहर निकाला गया। लेकिन विधि को कुछ और ही मंजूर था। गंभीर चोटें आने और भारी दबाव के कारण मनोहर की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल भिजवाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अकाली (Ankali) में हुए इस हादसे की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया यह वाहन के अनियंत्रित होने का मामला लगता है, लेकिन तकनीकी खराबी से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
अकाली (Ankali)पुलिया की सुरक्षा पर सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में रोष और सुरक्षा को लेकर चिंता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अकाली (Ankali) स्थित यह पुलिया संकरी है और यहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। क्या अगर पुलिया पर मज़बूत रेलिंग होती तो यह हादसा टाला जा सकता था? यह सवाल अब हर किसी की ज़ुबान पर है। आए दिन ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर सड़कें और असुरक्षित पुलिया जानलेवा साबित हो रही हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक मनोहर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले मुख्य सदस्य थे। मंडी से पैसे लेकर लौटते वक्त हुई इस अकाल मृत्यु ने उनके परिवार को तोड़कर रख दिया है। चौकानखेड़ा गांव में मातम पसरा है। अकाली (Ankali)i के पास हुए इस हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सड़क सुरक्षा में थोड़ी सी भी चूक कितनी भारी पड़ सकती है।
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा, लेकिन इस घटना ने कई सवाल पीछे छोड़ दिए हैं।
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