मंदसौर । मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। दलौदा स्थित अंबिका नगर में रविवार देर रात पड़ोसियों के बीच का एक मामूली विवाद इतना भयंकर हो गया कि वहां सरेआम हथियारों का खुला नंगा नाच हुआ।
यह पूरा मामला सिर्फ एक दरवाजे को खोलने और बंद करने को लेकर शुरू हुआ था, जिसने रातों-रात एक भयानक गेट विवाद (Gate Dispute) का रूप ले लिया। एक पड़ोसी द्वारा दूसरे पड़ोसी के परिवार पर तलवार, कथित पिस्टल और अन्य धारदार हथियारों से किया गया यह जानलेवा हमला साफ बताता है कि समाज में असहिष्णुता कितनी खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है। इस खूनी संघर्ष में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जो फिलहाल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
क्या है इस Gate Dispute की असली वजह?
पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, अंबिका नगर में रहने वाली पीड़िता पूजा के मकान में निकास के लिए दो गेट बने हुए हैं। इनमें से एक गेट दूसरी तरफ खुलता है, जबकि दूसरा गेट ठीक उनके पड़ोसी काला राठौर के घर के सामने खुलता है। बताया जाता है कि काला राठौर को पूजा के घर के इस दूसरे गेट से सख्त आपत्ति रहती थी।
वह आए दिन पूजा और उसके परिवार पर इस गेट को बंद रखने का अनुचित दबाव बनाता था। इसी रवैये के कारण दोनों परिवारों के बीच पिछले काफी समय से तनातनी चल रही थी। यह गेट विवाद (Gate Dispute) धीरे-धीरे एक सुलगती हुई आग बन चुका था, जिसे बस एक छोटी सी चिंगारी की जरूरत थी और रविवार को बिल्कुल वैसा ही हुआ।
पानी के टैंकर से भड़की विवाद की चिंगारी
रविवार की दोपहर इलाके में नगर पंचायत का पानी का टैंकर आया था। पानी भरने की मजबूरी के चलते पूजा ने अपने घर के सामने वाला वह विवादित गेट खोल दिया। गेट का खुलना था कि सामने रहने वाले काला राठौर के परिवार का गुस्सा भड़क उठा।
काला राठौर की मां दुर्गा तुरंत घर से बाहर निकल आईं और उन्होंने पूजा के साथ बीच सड़क पर जमकर गाली-गलौज शुरू कर दी। दोनों महिलाओं के बीच काफी देर तक तीखी बहस हुई। उस वक्त आसपास के लोगों ने किसी तरह समझाइश देकर और बीच-बचाव कर मामले को शांत करवा दिया।
मोहल्ले वालों को लगा कि यह गेट विवाद (Gate Dispute) यहीं खत्म हो गया है, लेकिन किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि रात के अंधेरे में एक खौफनाक खूनी साजिश रची जा रही है।
रात के अंधेरे में हथियारों का खौफनाक तांडव
पीड़िता पूजा के अनुसार, रविवार की देर रात जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद में सो रहा था, तब काला राठौर अपने साथ कई हथियारबंद साथियों को लेकर पूजा के घर धमक पड़ा। इन हमलावरों के हाथों में नंगी तलवारें, धारदार हथियार और कथित तौर पर पिस्टल भी मौजूद थी। आरोपियों ने सबसे पहले घर का मेन गेट जोर-जोर से पीटना और गालियां देना शुरू किया। जब अंदर से डरे-सहमे परिवार ने गेट नहीं खोला, तो आरोपी दूसरे रास्ते से जबरन घर के अंदर दाखिल हो गए।
घर में घुसते ही उन्होंने बिना कुछ सोचे-समझे पूजा पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस दौरान पूजा की चीख-पुकार सुनकर उसकी 38 वर्षीय मां चंदाबाई अपनी बेटी को बचाने के लिए दौड़ीं। लेकिन खून के प्यासे हो चुके हमलावरों ने उस बेबस मां को भी नहीं बख्शा और उन पर भी बेरहमी से हथियारों से वार कर दिया। इस मामूली से गेट विवाद (Gate Dispute) ने अब एक भयानक और जानलेवा अपराध का रूप ले लिया था, जहां इंसानियत पूरी तरह से शर्मसार हो गई।
बीच-बचाव करने वाले राहगीर पर भी बरपा कहर
हमले के दौरान घर से आ रही दर्दनाक चीख-पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे एक 40 वर्षीय राहगीर अनिल मीणा ने इंसानियत के नाते बीच-बचाव करने की कोशिश की। लेकिन हमलावरों के सिर पर खून सवार था। उन्होंने अनिल मीणा पर भी तलवार से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में अनिल के दोनों हाथ बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं और उनके सिर तथा कंधे पर भी बहुत गहरी चोटें आई हैं।
वहीं, चंदाबाई के दोनों हाथ, कंधे और पीठ पर तलवार के गहरे घाव लगे हैं। इस वारदात में चंदाबाई की बेटी मनीषा को भी मामूली चोटें आई हैं। सबसे दुखद बात यह है कि पूजा के दो साल के मासूम बेटे को भी इस दरिंदगी के दौरान चोट लगने की जानकारी सामने आई है। यह गेट विवाद (Gate Dispute) अब तक चार लोगों को अस्पताल पहुंचा चुका है, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और इलाके में दहशत
इस पूरी घटना ने दलौदा के अंबिका नगर इलाके में भारी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी घबरा रहे हैं और इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने घायलों के बयानों के आधार पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
अब पुलिस इस पूरे गेट विवाद (Gate Dispute) की हर एंगल से गहनता से जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी छोटे-मोटे विवादों को लेकर इस तरह सरेआम हथियारों का इस्तेमाल न कर सके। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
यह भी पढ़ें: युद्ध की आहट से दहला Share Market Crash में निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ खाक, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।


















