नीमच। आगामी अक्षय तृतीया (20 अप्रैल 2026) के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बाल विवाह रोकने के लिए व्यापक और सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देश पर पूरे जिले में विशेष उड़न दस्ता गठित किया गया है, जो संभावित बाल विवाह पर निगरानी रखेगा और तत्काल कार्रवाई करेगा।
हर वर्ष अक्षय तृतीया पर बाल विवाह के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है, जिसे देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही रणनीतिक तैयारी कर ली है। बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक निगरानी तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
उड़न दस्ता करेगा सीधी कार्रवाई
प्रशासन द्वारा गठित उड़न दस्ता में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जनपद CEO, नगर पालिका CMO, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल हैं। इन सभी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहें और बाल विवाह की किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई करें।
यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो मौके पर पहुंचकर जांच की जाएगी और पुष्टि होने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आंगनवाड़ी स्तर पर तैयार होगी संवेदनशील सूची
जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में
- 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं
- 21 वर्ष से कम उम्र के बालकों
की सूची तैयार करें।
इस सूची के माध्यम से उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां बाल विवाह की संभावना अधिक है, जिससे प्रशासन पहले ही सतर्क रह सके।
सेवा प्रदाताओं को भी किया जाएगा जागरूक
प्रशासन ने यह समझा है कि बाल विवाह रोकने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। इसके तहत प्रिंटिंग प्रेस, हलवाई, केटरर्स, बैंड संचालक, धर्मगुरु और ट्रांसपोर्ट सेवा देने वाले लोगों को कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूक किया जाएगा।
इनसे अपील की जाएगी कि वे किसी भी बाल विवाह में अपनी सेवाएं न दें और इस सामाजिक बुराई को रोकने में सहयोग करें।
स्कूल और पंचायत स्तर पर अभियान
जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। रैली, शपथ और जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को बाल विवाह के नुकसान बताए जाएंगे।
ग्राम पंचायत स्तर पर पंच-सरपंच और सचिव शपथ लेंगे कि वे अपने क्षेत्र में बाल विवाह नहीं होने देंगे और इस शपथ को सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा भी करेंगे।
कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी
बाल विवाह की सूचना देने के लिए जिला स्तर पर वन स्टॉप सेंटर (सखी) में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
- लैंडलाइन: 07423-257050
- मोबाइल: 8085627008 (वैभव बैरागी)
- हेल्पलाइन: 1098, 181, 112
कोई भी व्यक्ति इन नंबरों पर सूचना देकर बाल विवाह रोकने में सहयोग कर सकता है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे आगे आकर इस अभियान का हिस्सा बनें।
कानून के तहत सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ किया है कि बाल विवाह के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सीधे बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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