बालाघाट न्यूज़ (MP News)। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से सामने आया बालाघाट कार दुर्घटना (Balaghat Car Accident) एक दिल दहला देने वाली त्रासदी बनकर सामने आया है। इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। शनिवार देर रात बैहर-मलाजखंड मार्ग पर हुई इस दुर्घटना में ससुर, बहू और एक 3 साल के मासूम बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
घटना कैसे हुई?
यह बालाघाट कार दुर्घटना (Balaghat Car Accident) केवलारी चौराहे के पास रात करीब 11 से 12 बजे के बीच हुआ। जानकारी के अनुसार, पोंडी गांव निवासी सीतम केलकर अपनी वेल्डिंग की दुकान से परिवार के साथ घर लौट रहे थे। कार में कुल छह लोग सवार थे—परिवार के बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
रास्ते में अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गाड़ी गिरते ही उसमें आग लग गई और कुछ ही पलों में वह पूरी तरह आग की लपटों में घिर गई।
बालाघाट कार दुर्घटना (Balaghat Car Accident) की भयावहता इसी से समझी जा सकती है कि अंदर बैठे लोग बाहर निकलने का प्रयास भी नहीं कर सके।
मृतकों की पहचान
इस दर्दनाक बालाघाट कार दुर्घटना (Balaghat Car Accident) में जिन तीन लोगों की मौत हुई, वे एक ही परिवार के सदस्य थे:
- नगारची केलकर (65) – परिवार के मुखिया
- सविता केलकर (28) – बहू
- अभि केलकर (3) – मासूम बच्चा
तीनों की मौके पर ही जिंदा जलने से मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।
घायल और सुरक्षित लोग
इस बालाघाट कार दुर्घटना (Balaghat Car Accident) में चालक सीतम केलकर और उनकी मां नाना बाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए महाराष्ट्र के गोंदिया रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
वहीं, कार में मौजूद 8 साल की बच्ची पूर्वी राहांगडाले इस भयानक हादसे में सुरक्षित बच गई। यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं मानी जा रही है कि इतनी भीषण आग के बावजूद वह सही सलामत बाहर निकल आई।
राहगीरों ने दिखाई हिम्मत

हादसे के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने जलती हुई कार के कांच तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। हालांकि, आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि तीन लोगों को बचाया नहीं जा सका।
फिर भी स्थानीय लोगों की तत्परता और साहस ने दो घायलों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। बालाघाट कार दुर्घटना (Balaghat Car Accident) में लोगों की यह मानवता सराहनीय रही।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, इस बालाघाट कार दुर्घटना (Balaghat Car Accident) की जांच जारी है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ड्राइवर को नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया।
कार पूरी तरह जल चुकी है, जिससे उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
सड़क सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
यह बालाघाट कार दुर्घटना (Balaghat Car Accident) एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी बन सकती है। खासकर रात में ड्राइविंग के दौरान नींद या थकान बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
इलाके में शोक और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस हादसे के बाद पूरे बालाघाट जिले में शोक का माहौल है। गांव में लोगों की आंखें नम हैं और हर कोई इस दर्दनाक घटना से आहत है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस बालाघाट कार दुर्घटना (Balaghat Car Accident) को लेकर दुख और आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। कई लोग प्रशासन से बेहतर सड़क सुरक्षा और जागरूकता अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं।
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