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नीमच जिला अस्पताल से मजदूर की बाइक चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Bike Chori

नीमच (Neemuch News) मध्यप्रदेश के नीमच में जिला अस्पताल परिसर से बाइक चोरी (Bike Chori) का मामला सामने आया है। अस्पताल में इलाज के लिए आए एक मजदूर की बाइक रात के समय चोरी हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने अभी तक अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों की जांच नहीं की है, जिससे बाइक चोरी (Bike Chori) की इस घटना का खुलासा नहीं हो सका है।

पत्नी की डिलीवरी के लिए अस्पताल आया था मजदूर

जानकारी के अनुसार मनासा तहसील के हांसपुर गांव निवासी श्यामलाल शर्मा अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए 8 मार्च को नीमच जिला अस्पताल पहुंचे थे। उसी दिन उनके घर बेटी का जन्म हुआ, जिससे परिवार में खुशी का माहौल था।

लेकिन खुशी के इस माहौल के बीच अचानक बाइक चोरी (Bike Chori) की घटना ने पूरे परिवार को परेशानी में डाल दिया। अस्पताल परिसर में खड़ी उनकी बाइक रात के समय चोरी हो गई।

तलाश के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग

श्यामलाल ने बताया कि जब उन्हें बाइक दिखाई नहीं दी तो उन्होंने अस्पताल परिसर और आसपास काफी तलाश की। लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी बाइक का कोई पता नहीं चल सका।

इसके बाद उन्हें यकीन हो गया कि यह बाइक चोरी (Bike Chori) की घटना है और किसी अज्ञात चोर ने उनकी बाइक चुरा ली है।

भाई के नाम पर दर्ज थी बाइक

पीड़ित श्यामलाल मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। चोरी हुई बाइक टीवीएस स्पोर्ट मॉडल की बताई जा रही है। यह बाइक उनके बड़े भाई राजेंद्र शर्मा के नाम पर रजिस्टर है।

बाइक चोरी (Bike Chori) की इस घटना के बाद श्यामलाल को अस्पताल से बाजार तक जाने और जरूरी सामान लाने में काफी परेशानी हो रही है। कई बार उन्हें पैदल ही आना-जाना पड़ रहा है।

पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

श्यामलाल शर्मा ने इस बाइक चोरी (Bike Chori) की शिकायत नीमच के कैंट थाने में दर्ज कराई है। उनका कहना है कि अगर पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच करे तो चोर तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

हालांकि पीड़ित का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने अभी तक फुटेज की जांच शुरू नहीं की है।

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस बाइक चोरी (Bike Chori) घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार पिछले करीब चार महीनों से अस्पताल के वाहन स्टैंड का ठेका समाप्त हो चुका है।

लेकिन अब तक नया टेंडर जारी नहीं किया गया है, जिससे अस्पताल परिसर में खड़े वाहनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी के पास नहीं है।

रात के समय नहीं रहती सुरक्षा

अस्पताल में दिन के समय कुछ कर्मचारी तैनात रहते हैं, लेकिन रात के समय सुरक्षा की कोई खास व्यवस्था नहीं होती। इसी वजह से कई बार बाइक चोरी (Bike Chori) जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है।

सिविल सर्जन ने बताई वजह

जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र पाटिल ने बताया कि पहले वाहन स्टैंड के ठेकेदार और मरीजों के परिजनों के बीच कई बार विवाद की स्थिति बन जाती थी।

इसी कारण फिलहाल टेंडर प्रक्रिया को रोक दिया गया है। हालांकि उन्होंने माना कि बाइक चोरी (Bike Chori) जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है।

लोगों ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

अस्पताल परिसर में हुई बाइक चोरी (Bike Chori) की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन आते हैं, इसलिए यहां वाहनों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था होना जरूरी है।

फिलहाल पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही जांच तेज करेगी और बाइक चोरी (Bike Chori) की इस घटना का खुलासा कर चोर को पकड़ने में सफलता मिलेगी।


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