Carlsen vs Arjun मुकाबले में फिर फूटा चैंपियन का गुस्सा, बीच मैच में टेबल पर मारा हाथ,देखें पूरा वीडियो

Carlsen vs Arjun
स्पोर्ट्स डेस्क, दोहा (Carlsen vs Arjun): “शतरंज की बिसात पर जब गोटियों की चालें उम्मीद के मुताबिक नहीं चलतीं, तो दुनिया के सबसे शांत दिमाग वाले खिलाड़ी का धैर्य भी जवाब दे जाता है।” कतर की राजधानी दोहा में चल रही वर्ल्ड रैपिड और ब्लिट्ज चैंपियनशिप में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। दुनिया के नंबर-1 चेस प्लेयर और 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन एक बार फिर अपनी हार से ज्यादा अपने व्यवहार को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी झुंझलाहट का कारण बने भारत के उभरते हुए सितारे अर्जुन एरिगैसी। Carlsen vs Arjun के इस मुकाबले ने न केवल भारतीय प्रशंसकों को रोमांचित किया, बल्कि कार्लसन के गिरते धैर्य को भी जगजाहिर कर दिया।
मैदान पर क्या हुआ? क्यों भड़के कार्लसन?
वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियनशिप के एक महत्वपूर्ण राउंड Carlsen vs Arjun में जब मैग्नस कार्लसन का सामना भारत के अर्जुन एरिगैसी से हुआ, तो खेल की शुरुआत से ही दबाव साफ दिख रहा था। खेल के अंतिम क्षणों में, जब समय का दबाव (Time Pressure) चरम पर था, कार्लसन के हाथ से उनकी क्वीन (वजीर) फिसलकर नीचे गिर गई। एक छोटी सी तकनीकी चूक और अर्जुन की सटीक चालों ने कार्लसन को हार की कगार पर धकेल दिया।
कार्लसन के हाथ पटकने का वीडियो देखें…
जैसे ही कार्लसन को अपनी हार का अहसास हुआ, उन्होंने अपना आपा खो दिया और टेबल पर पूरी ताकत से हाथ पटका। Carlsen vs Arjun मैच का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। फिडे (FIDE) द्वारा साझा किए गए फुटेज में दुनिया का सबसे दिग्गज खिलाड़ी अपनी हार को स्वीकार करने में संघर्ष करता नजर आ रहा है।
भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ता दबदबा
यह पहली बार नहीं है जब Carlsen vs Arjun मुकाबले ने सुर्खियां बटोरी हों। 22 साल के अर्जुन एरिगैसी, जो वर्तमान में वर्ल्ड नंबर-5 हैं, इस साल अलग-अलग फॉर्मेट में कार्लसन को कई बार मात दे चुके हैं। अर्जुन ने इसी टूर्नामेंट की रैपिड कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर यह साबित कर दिया है कि वे आने वाले समय में विश्व चैंपियन की गद्दी के प्रबल दावेदार हैं। भारतीय शतरंज के लिए यह एक स्वर्णिम युग है, जहां गुकेश, प्रज्ञानंद और अर्जुन जैसे युवा खिलाड़ी कार्लसन के वर्चस्व को सीधी चुनौती दे रहे हैं।
पुराना है गुस्से का इतिहास: गुकेश और कैमरामैन की घटना
कार्लसन के गुस्से का शिकार केवल अर्जुन ही नहीं रहे हैं। इससे पहले इसी ब्लिट्ज टूर्नामेंट के दौरान रूस के व्लादिस्लाव आर्टेमिएव से हारने के बाद कार्लसन ने बाहर जाते समय एक कैमरामैन को धक्का दे दिया था। उस मैच में 15वीं चाल पर की गई एक बड़ी गलती ने कार्लसन को टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर खड़ा कर दिया था।
इसके अलावा, कुछ महीने पहले नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में भी भारत के डी. गुकेश ने जब कार्लसन को हराया था, तब भी उन्होंने बोर्ड पर मुक्का मारा था। क्लासिकल चेस में गुकेश की वह पहली जीत थी, जिसने कार्लसन के आत्मविश्वास को हिलाकर रख दिया था। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामक और सटीक गेमप्ले शैली कार्लसन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को मानसिक रूप से परेशान कर रही है, जिसका परिणाम Carlsen vs Arjun जैसे मैचों में देखने को मिलता है।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
शतरंज प्रेमियों के बीच कार्लसन के इस Carlsen vs Arjun व्यवहार को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे खेल के प्रति उनकी दीवानगी और जीतने की तड़प बता रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे अनप्रोफेशनल व्यवहार मान रहे हैं। हालांकि, भारतीय प्रशंसक इस बात से खुश हैं कि उनके देश के खिलाड़ी दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को इस कदर दबाव में लाने में सक्षम हैं। Carlsen vs Arjun की इस राइवलरी ने शतरंज को क्रिकेट जैसा रोमांच प्रदान कर दिया है।
निष्कर्ष और आगे की राह
वर्ल्ड ब्लिट्ज चैंपियनशिप अभी जारी है और इसका फाइनल मुकाबला बुधवार को खेला जाएगा। अर्जुन एरिगैसी की शानदार फॉर्म को देखते हुए भारत को एक और स्वर्ण पदक की उम्मीद है। वहीं, कार्लसन के लिए यह टूर्नामेंट आत्ममंथन का समय है। उन्हें न केवल अपनी चालों पर, बल्कि अपनी भावनाओं पर भी नियंत्रण पाने की जरूरत होगी, क्योंकि आने वाले समय में भारतीय खिलाड़ियों की चुनौती और कड़ी होने वाली है।
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