Petrol Pump :चीताखेड़ा के पेट्रोल पंप पर मोबाइल पर बात करना पड़ा भारी, आग का गोला बनी मोटरसाइकिल

Petrol Pump

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चीताखेड़ा (Neemuch News)। “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी!” यह कहावत हम बचपन से सुनते आ रहे हैं, लेकिन जब लोग इसे नजरअंदाज करते हैं, तो परिणाम बेहद खौफनाक हो सकते हैं। मध्य प्रदेश के नीमच जिले के चीताखेड़ा से एक ऐसी ही रूह कंपा देने वाली घटना (Petrol Pump) सामने आई है, जो हर उस व्यक्ति के लिए एक बड़ा सबक है जो नियमों को हल्के में लेता है।

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शुक्रवार की शाम एक युवक की मामूली सी लापरवाही के कारण चीताखेड़ा स्थित भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप (Petrol Pump) पर एक भयानक दुर्घटना होते होते रह गई। Petrol Pump पर फ्यूल भरवाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना इतना भारी पड़ा कि देखते ही देखते बाइक पर आग की लपेटे बन गई।

कैसे शुरू हुई मौत की यह आहट?

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम को चीताखेड़ा स्थित तिरुपति फिलिंग स्टेशन पर आम दिनों की तरह ग्राहकों की भीड़ थी। तभी एक युवक अपनी मोटरसाइकिल में ईंधन डलवाने के लिए वहां पहुंचा। मशीन के पास गाड़ी खड़ी कर वह अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। जैसे ही कर्मचारी ने नोजल से ईंधन भरना शुरू किया, अचानक युवक की जेब में रखा मोबाइल फोन बजने लगा।

नियमों के अनुसार इस क्षेत्र में फोन का उपयोग पूर्णतः वर्जित होता है, लेकिन युवक ने चेतावनी को अनदेखा करते हुए तुरंत कॉल रिसीव कर लिया। बात शुरू हुए अभी कुछ सेकंड ही बीते थे कि अचानक एक तेज ‘फूश’ की आवाज आई और मोबाइल से निकली तरंगों ने वहां मौजूद ज्वलनशील वाष्प (Vapor) के साथ मिलकर आग पकड़ ली। पलक झपकते ही इस पेट्रोल पंप (Petrol Pump) पर खड़ी उस बाइक पर आग की लपेटे निकलने लगी।

पंप संचालक ने दिखाया साहस, टला बड़ा विस्फोट

आग की लपटें उठते ही वहां मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर भागने लगा। अफरा-तफरी के इस माहौल में अगर आग भूमिगत टैंक या मशीनों तक पहुंच जाती, तो पूरा इलाका दहल सकता था।

लेकिन, इस संकट के समय में पेट्रोल पंप (Petrol Pump) कर्मचारी ने अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत वहां रखे अग्निशमन उपकरणों (Fire Extinguishers) को उठाया। उनकी फुर्ती और सूझबूझ से कुछ ही मिनटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। अगर कर्मचारी ने यह तत्परता न दिखाई होती, तो आज चीताखेड़ा एक बड़े मातम का गवाह बन सकता था।

क्यों मौत का सामान बन सकता है मोबाइल?

अक्सर लोग सोचते हैं कि मोबाइल से आग कैसे लग सकती है?  पेट्रोल पंप (Petrol Pump) पर हवा में हमेशा पेट्रोल की अदृश्य वाष्प (Vapors) मौजूद रहती है, जो कि बेहद ज्वलनशील होती है।जब आप फोन पर बात करते हैं, तो डिवाइस से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन निकलता है।

इसके अलावा, कॉल कनेक्ट होते समय फोन के सर्किट में एक हल्का सा स्टैटिक चार्ज या अदृश्य स्पार्क पैदा हो सकता है। यह मामूली सा स्पार्क वहां मौजूद गैस के संपर्क में आते ही एक भयंकर विस्फोट का रूप ले सकता है। यही कारण है कि पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा सख्त निर्देश दिए जाते हैं कि ईंधन भरवाते समय फोन का स्विच ऑफ होना चाहिए या कम से कम उसका इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होना चाहिए।

सुरक्षा के लिए इन नियमों को बनाएं अपनी आदत

प्रशासन और पेट्रोलियम विभाग हमेशा आम जनता से अपील करते हैं कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए कुछ बुनियादी नियमों का कड़ाई से पालन करें:

  1. इंजन हमेशा बंद रखें: अपनी गाड़ी का इंजन ईंधन भरवाते समय अनिवार्य रूप से बंद कर दें।

  2. नो मोबाइल जोन: Petrol Pump परिसर में प्रवेश करते ही फोन पर बात करना बंद कर दें। इसे अपनी जेब या डिक्की में सुरक्षित रखें।

  3. धूम्रपान सख्त मना है: बीड़ी, सिगरेट या किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री का उपयोग परिसर के आसपास बिल्कुल न करें।

  4. प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग न करें: खुले प्लास्टिक के डिब्बों में ईंधन लेना खतरनाक है क्योंकि इनमें स्टैटिक चार्ज जमा होने की संभावना सबसे अधिक होती है।

चीताखेड़ा का यह  हादसा हम सभी को यह सोचने पर मजबूर करता है कि हमारी एक छोटी सी भूल कितनी जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। अगली बार जब आप किसी Petrol Pump पर जाएं, तो इन नियमों को महज एक साइनबोर्ड न समझें, बल्कि अपनी जिंदगी का रक्षा कवच मानें। एक छोटी सी कॉल आपकी या किसी मासूम की जान से बढ़कर नहीं हो सकती।


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