Cyber Fraud पर नीमच पुलिस का धांसू प्रहार: ठगों से वापस छीने 4.66 लाख रुपये, 35 लाख किए होल्ड

Cyber Fraud

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नीमच। डिजिटल दुनिया की रफ्तार जितनी तेज है, उतनी ही तेजी से ऑनलाइन ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। आज के समय में साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) एक ऐसी लाइलाज बीमारी बनता जा रहा है, जिसने आम आदमी की नींद उड़ा रखी है।

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लेकिन अगर पुलिस महकमा सतर्क हो और सही समय पर सटीक कदम उठाए, तो इन डिजिटल डकैतों के हौसले पस्त किए जा सकते हैं। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में हाल ही में पुलिस की साइबर सेल ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। नीमच पुलिस ने ऑनलाइन जालसाजों पर ऐसा शिकंजा कसा है कि अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

SP अंकित जायसवाल के सख्त निर्देश और पुलिस का एक्शन

जिले में लगातार मिल रही धोखाधड़ी की शिकायतों को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) के बढ़ते ग्राफ को रोकने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए साइबर सेल प्रभारी प्रदीप शिन्दे और उनकी पूरी टीम को विशेष टॉस्क सौंपा। एसपी महोदय का स्पष्ट निर्देश था कि किसी भी सूरत में आम जनता की गाढ़ी कमाई को लुटने नहीं दिया जाएगा।

इन सख्त निर्देशों के बाद, साइबर सेल ने साल 2026 के जनवरी और फरवरी महीने में प्राप्त शिकायतों पर युद्ध स्तर पर काम शुरू किया। मात्र दो महीने के भीतर पुलिस ने 10 प्रमुख मामलों में शानदार तकनीकी दक्षता दिखाते हुए पेमेंट गेटवे, ई-वॉलेट्स और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से संपर्क किया।

माननीय न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने फ्रीज की गई कुल 4,66,500/- रुपये की राशि सीधे उन आवेदकों के बैंक खातों में रिफंड करवा दी, जो ठगी का शिकार हुए थे। जब पैसा वापस खातों में आया, तो पीड़ितों ने राहत की सांस ली।

35 लाख रुपये खातों में करवाए होल्ड: अपराधियों की कमर टूटी

नीमच साइबर सेल की कार्यवाही महज़ रिफंड तक ही सीमित नहीं रही। जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से जुड़े जितने भी नए आवेदन प्राप्त हुए, उन पर त्वरित संज्ञान लिया गया। साइबर टीम ने जालसाजों द्वारा विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही लगभग 35 लाख रुपये की विशाल रकम को होल्ड (Hold) करवा दिया है।

यह एक बहुत बड़ी कामयाबी है। फिलहाल पुलिस की टीम इन पैसों को पीड़ितों के खातों में वापस लौटाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। जब इतनी बड़ी रकम होल्ड होती है, तो यह सीधे तौर पर साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर एक करारी चोट है।

साल 2025 में भी रचा था इतिहास: 38 लाख की हुई थी वापसी

नीमच पुलिस का यह एक्शन अचानक नहीं हुआ है, बल्कि यह उनकी लगातार हो रही मॉनिटरिंग का नतीजा है। अगर हम पिछले रिकॉर्ड की बात करें, तो साल 2024-2025 में भी पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) के कई जटिल मामलों को सुलझाया था।

उस दौरान भी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और न्यायालय के आदेशों के माध्यम से साल 2025 में कुल 38 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि ठगी के शिकार लोगों को वापस दिलवाई थी। लगातार हो रही इन कार्यवाहियों ने यह साबित कर दिया है कि नीमच में साइबर अपराधियों की अब खैर नहीं है।

नीमच पुलिस की अपील: जागरूकता ही है सबसे बड़ा हथियार

तकनीक के इस दौर में जालसाज हर दिन ठगी के नए तरीके खोज रहे हैं। कभी लॉटरी तो कभी केवाईसी (KYC) अपडेट के नाम पर लोगों को फंसाया जाता है। इस तरह के साइबर धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से बचने के लिए नीमच पुलिस ने आम जनता के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है:

  • तुरंत करें शिकायत: यदि आपके साथ कोई भी ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो घबराएं नहीं और न ही संकोच करें। तत्काल प्रभाव से नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या NCRP पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें। आप सीधे नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल नीमच में भी जा सकते हैं।

  • लालच में न आएं: इंटरनेट, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मिलने वाले लुभावने ऑफर्स, लॉटरी या इनाम के लालच में बिल्कुल न पड़ें। किसी के भी बहकावे में आने से बचें।

  • अनजान लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान नंबर से आए एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज या ईमेल की लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। यह आपकी निजी जानकारी हैकर्स तक पहुँचा सकता है।

  • सतर्क रहें: अपने बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड, पिन या ओटीपी (OTP) किसी भी व्यक्ति के साथ शेयर न करें।


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