Farmer Death – अफीम की रखवाली करते समय खुले कुएं में गिरने से किसान की मौत
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
28 फ़रवरी 2026, (अपडेटेड 28 फ़रवरी 2026, 3:59 अपराह्न IST)

नीमच। मध्य प्रदेश का मालवा अंचल, विशेषकर नीमच और मंदसौर का इलाका, अपनी उच्च गुणवत्ता वाली अफीम की खेती के लिए पूरे देश में जाना जाता है। लेकिन इसी ‘काले सोने’ (अफीम) की फसल को सहेजने और बचाने की जद्दोजहद में एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है। जावद थाना क्षेत्र की सरवानिया चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम मोड़ी में एक 45 वर्षीय किसान की खुले कुएं में गिरने से जान चली गई। अचानक हुई इस किसान की मौत (farmer death) की खबर ने पूरे इलाके में मातम पसार दिया है।

अन्नदाता का जीवन पहले ही मौसम की मार, कर्ज और कड़ी मेहनत के बीच गुजरता है, उस पर ऐसे अचानक होने वाले हादसे पूरे परिवार को अंदर तक तोड़ कर रख देते हैं। 

अफीम की लुवनी-चिरन और खेतों में रात की गश्त

प्राप्त और पुख्ता जानकारी के अनुसार, ग्राम मोड़ी के रहने वाले 45 वर्षीय भारत सिंह राजपूत (पिता करण सिंह राजपूत) खेती-किसानी के काम से जुड़े हुए थे। इन दिनों नीमच जिले के खेतों में अफीम की फसल पूरी तरह से तैयार है। खेतों में ‘लुवनी-चिरन’ (डोडों पर चीरा लगाकर अफीम निकालने की पारंपरिक प्रक्रिया) का बेहद संवेदनशील काम जोरों पर चल रहा है।

अफीम एक बेहद मूल्यवान और प्रतिबंधित फसल है, इसलिए इसकी सुरक्षा किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। तस्करों, जंगली जानवरों और पक्षियों से फसल को बचाने के लिए किसानों को कड़ाके की ठंड और घुप अंधेरे में भी रात-दिन खेतों में ही डेरा डालना पड़ता है।

भारत सिंह भी अपने गांव के ही एक अन्य किसान गोविंद सिंह सोनीगरा के खेत (जो खेड़ा रोड पर स्थित है) पर इसी फसल की रखवाली का जिम्मा संभाल रहे थे। इसी बीच यह दर्दनाक किसान की मौत (farmer death) का वाकया हो गया।

संतुलन बिगड़ा और कुआं बन गया मौत का फंदा

रोजाना की तरह भारत सिंह खेत में गश्त कर रहे थे। स्थानीय लोगों और शुरुआती जांच के मुताबिक, खेत के बीच में एक बिना मुंडेर का (खुला) गहरा कुआं मौजूद था। अफीम के डोडों की निगरानी करते समय अचानक भारत सिंह का पैर फिसल गया। और संतुलन पूरी तरह से बिगड़ जाने के कारण वे संभल नहीं पाए और सीधे उस कुएं में जा गिरे।

कुएं में काफी पानी भरा हुआ था और वहां कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद नहीं था जो उनकी चीख सुन सके या उन्हें तुरंत बाहर निकाल सके। पानी में डूबने और अंदरूनी चोटें लगने के कारण मौके पर ही उनकी जान चली गई। इस किसान की मौत (farmer death) ने एक बार फिर खेतों में मौजूद सुरक्षा मानकों और खुले कुओं के जानलेवा खतरे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सुबह हुई घटना की जानकारी, मौके पर पहुंची पुलिस

इस खौफनाक हादसे का पता तब चला जब खेत के आसपास कुछ हलचल नहीं दिखी और ग्रामीण वहां पहुंचे। कुएं में झांकने पर उन्हें भारत सिंह का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद खेत पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बिना कोई देरी किए घटना की सूचना तुरंत सरवानिया पुलिस चौकी को दी।

सूचना मिलते ही सरवानिया चौकी प्रभारी निलेश सोलंकी अपनी पूरी पुलिस टीम और आवश्यक राहत उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। कुआं गहरा होने के कारण शव को बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती थी।

पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से रस्सियों का जाल बनाया और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद भारत सिंह के शव को कुएं से बाहर निकाला गया। एक और किसान की मौत (farmer death) की घटना से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं।

पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

शव बाहर निकालने के बाद पुलिस ने मौके पर ही पंचनामा तैयार किया। घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई और वजह।

औपचारिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नीमच जिला अस्पताल के मुर्दाघर में भेज दिया है। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर लिया है और इस किसान की मौत (farmer death) के मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की आधिकारिक और मेडिकल पुष्टि हो सकेगी।

गांव में शोक की लहर और प्रशासन से मुआवजे की अपील

भारत सिंह की मौत की मनहूस खबर जैसे ही उनके घर पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के मुखिया का साया यूं अचानक उठ जाने से उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जो व्यक्ति एक दिन पहले तक हंसता-बोलता अपनी ड्यूटी पर गया था, उसका यूं तिरपाल में लिपटा हुआ शव देखकर पूरा मोड़ी गांव स्तब्ध है। 

यह किसान की मौत (farmer death) सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा नहीं है, बल्कि प्रशासन और किसानों दोनों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खेतों में बने हर कुएं के चारों ओर पक्की मुंडेर या जाली का होना बेहद अनिवार्य है।

अफीम जैसी कीमती फसल की रखवाली करते समय किसान अक्सर अपनी जान जोखिम में डालते हैं, ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना जरूरी है। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से मांग की है कि मृतक किसान के पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए, ताकि उनके आश्रितों का भरण-पोषण हो सके।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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