गरोठ (Garoth News)। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ गरोठ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम दसोरिया में शुक्रवार की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गरोठ न्यूज़ (Garoth News) के गलियारों में आज इस खौफनाक घटना और उसके बाद हुए चमत्कार की सबसे ज्यादा चर्चा है।
एक महिला करीब 5 फीट गहरे मिट्टी के मलबे में दब गई थी, लेकिन ग्रामीणों की तत्परता और “देवदूत” बनकर आई जेसीबी ने महिला को मौत के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
सुबह का वक्त और अचानक मची चीख-पुकार
गरोठ न्यूज़ (Garoth News) के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे गांव का माहौल बिल्कुल सामान्य था। कुछ महिलाएं आगामी त्योहारों और ‘दक्षा पूजन’ के लिए पीली मिट्टी लेने गांव के बाहरी इलाके में गई थीं। इन्हीं महिलाओं के समूह में 35 वर्षीय अंतरी बाई (पत्नी श्यामलाल मैहर) भी शामिल थीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही अंतरी बाई ने मिट्टी खोदना शुरू किया, ऊपर मौजूद मिट्टी का एक विशाल टीला अचानक भरभरा कर उनके ऊपर गिर गया।
सेकंडों के भीतर अंतरी बाई पूरी तरह मलबे के नीचे दब गईं। उनके साथ मौजूद अन्य महिलाएं इस खौफनाक मंजर को देखकर स्तब्ध रह गईं। पल भर के लिए किसी को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन फिर उन्होंने तुरंत जोर-जोर से शोर मचाना और मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।
रेस्क्यू ऑपरेशन: जब ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान
हादसा इतना भयानक और अचानक था कि पुलिस या प्रशासन के पहुंचने का इंतजार करना जानलेवा साबित हो सकता था। मलबे के नीचे दबी महिला की सांसें टूट रही थीं। ग्रामीणों ने बिना एक सेकंड गंवाए खुद मोर्चा संभाल लिया। मिट्टी काफी भारी और नम थी, जिसे हाथों या फावड़े से हटाना नामुमकिन था और इसमें बहुत ज्यादा समय लगता।
युवाओं ने तुरंत अकलमंदी दिखाते हुए स्थानीय स्तर पर काम कर रही एक जेसीबी मशीन को मौके पर बुलवा लिया। यह एक बेहद संवेदनशील रेस्क्यू था, क्योंकि जेसीबी के पंजे से महिला को चोट लगने का भी डर था।
बेहद सावधानीपूर्वक और कुशल तरीके से मलबे को हटाया गया। करीब 15-20 मिनट की दिल दहला देने वाली मशक्कत के बाद अंतरी बाई को बाहर निकाला गया। गनीमत यह रही कि मिट्टी के ढेलों के बीच हवा की कुछ गुंजाइश बनी रही, जिससे महिला की सांसें चलती रहीं।
अस्पताल में स्थिति और डॉक्टरों का बयान
मलबे से निकालने के तुरंत बाद अंतरी बाई को लहूलुहान और बेहोशी की हालत में इंद्रा गांधी शासकीय चिकित्सालय, गरोठ ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत रेफर कर दिया।
अब महिला की स्थिति खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि अंतरी बाई अब पूरी तरह से होश में हैं और अपने परिजनों से बातचीत कर रही हैं। यह उनके परिवार और पूरे दसोरिया गांव के लिए किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं है।
ग्रामीणों का साहस बना पूरे जिले के लिए मिसाल
दसोरिया गांव के युवाओं और वरिष्ठ ग्रामीणों ने जिस तरह से संकट के समय में आपसी समन्वय दिखाया, जेसीबी का तुरंत प्रबंध किया और समय रहते एक सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया, उसकी हर तरफ जमकर सराहना हो रही है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि संकट के समय सामुदायिक एकता और सूझबूझ कितनी बड़ी ताकत बन सकती है।
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