Gold Crash Factory Controversy: नीमच में खूनी खेल, जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटे-भांजे पर 30 गुंडों का जानलेवा हमला; इलाका छावनी में तब्दील

Gold Crash Factory Controversy

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नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देती एक बड़ी वारदात सामने आई है। सगराना स्थित एक औद्योगिक इकाई अब जंग का मैदान बन चुकी है। जिसे अब Gold Crash Factory Controversy (विवाद)के नाम से देखा जा रहा है। इस विवाद ने शुक्रवार को उस वक्त हिंसक रूप ले लिया, जब जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान के बेटे और भांजे पर 30 से ज्यादा लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है और पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।

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साजिश या अचानक हमला? 

घटनाक्रम के मुताबिक, यह पूरा मामला शुक्रवार दोपहर का है। जिला पंचायत अध्यक्ष के पुत्र इंद्रजीत सिंह और उनके भांजे आदित्य फैक्ट्री पर अपने व्यावसायिक कार्य से गए थे। बताया जा रहा है कि वे फैक्ट्री में रेत के डंपर खाली करवाने और उसका रुका हुआ भुगतान लेने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि यह Gold Crash Factory Controversy (विवाद )उनके लिए जानलेवा साबित होगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही उनकी गाड़ी फैक्ट्री परिसर के पास पहुंची, वहां पहले से घात लगाकर बैठे करीब 30-35 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। उनके हाथों में लाठियां, लोहे की रॉड और पत्थर थे। बिना किसी बात को सुने, भीड़ ने दोनों युवाओं पर पत्थरों की बारिश कर दी और लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। इस दौरान उनकी गाड़ी को भी पूरी तरह चकनाचूर कर दिया गया।

रंगदारी और पुरानी रंजिश का एंगल

इस Gold Crash Factory Controversy (विवाद)की जड़ें काफी गहरी बताई जा रही हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान ने सीधे तौर पर सगराना की सरपंच रानीदेवी के देवर महेंद्र सिंह पर आरोप लगाया है। चौहान का कहना है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश थी।

आरोप है कि महेंद्र सिंह और उसका गुट लंबे समय से फैक्ट्री संचालकों और वहां काम करने वालों से अवैध वसूली (रंगदारी) की मांग कर रहा था। फैक्ट्री प्रबंधन ने पहले भी पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि स्थानीय दबंग उन्हें परेशान कर रहे हैं। शुक्रवार का हमला इसी अवैध वसूली के विरोध का परिणाम बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि यह विवाद अब केवल पैसों का नहीं, बल्कि वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है।

घायलों की हालत और अस्पताल का मंजर

इस हिंसक झड़प में जिला पंचायत अध्यक्ष के भांजे आदित्य के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे काफी खून बह गया। वहीं, बेटे इंद्रजीत को भी शरीर पर कई जगह गंभीर घाव लगे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए कैंट थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी तुरंत मौके पर पहुंचे और खून से लथपथ दोनों युवकों को जिला अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में भी Gold Crash Factory Controversy (विवाद) की गूंज सुनाई दी। खबर मिलते ही अध्यक्ष समर्थकों की भारी भीड़ अस्पताल परिसर में जमा हो गई। तनाव को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल को भी सुरक्षा घेरे में ले लिया है। डॉक्टरों की टीम घायलों के इलाज में जुटी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर लेकिन गंभीर बताई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई: दबिश जारी

नीमच पुलिस के लिए यह मामला अब प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। दिनदहाड़े एक जनप्रतिनिधि के परिवार पर हमला होना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

पुलिस की टीमें मुख्य आरोपी महेंद्र सिंह और उसके साथियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि यह Gold Crash Factory Controversy जिस तरह से हिंसक हुई है, उसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। एहतियात के तौर पर फैक्ट्री और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो।


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