नीमच । सोने की कीमत में गिरावट (Gold Price Crash) ने निवेशकों को चौंका दिया है। आमतौर पर वैश्विक तनाव के समय सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट दिख रही है। मध्य पूर्व में जारी तनाव और आर्थिक परिस्थितियों के चलते सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को 24 कैरेट सोना ₹5,346 की भारी गिरावट के साथ ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले यह ₹1.51 लाख के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी भी ₹15,176 गिरकर ₹2.25 लाख प्रति किलो पर आ गई है।
34 दिनों में Gold Price Crash: कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?
सोने की कीमत में गिरावट (Gold Price Crash) की बात करें तो पिछले 34 दिनों में सोना ₹13,590 तक सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी में गिरावट और भी ज्यादा तेज रही है, जो ₹42,040 तक नीचे आ चुकी है।
अगर लंबे ट्रेंड को देखें तो स्थिति और गंभीर नजर आती है:
- 29 जनवरी 2026 को सोना अपने ऑल टाइम हाई ₹1.76 लाख पर था
- अब यह लगभग ₹31,000 नीचे आ चुका है
चांदी में गिरावट और ज्यादा गहरी रही:
- ऑल टाइम हाई: ₹3.86 लाख प्रति किलो
- वर्तमान कीमत: ₹2.25 लाख
- कुल गिरावट: ₹1.61 लाख
यह स्पष्ट करता है कि सोने की कीमत में गिरावट (Gold Price Crash) सिर्फ एक मामूली करेक्शन नहीं बल्कि बड़े स्तर की गिरावट है।
क्यों हो रहा है Gold Price Crash? समझिए बड़े कारण
1. कैश की तरफ बढ़ा रुझान
इस बार जंग के दौरान निवेशकों का रुख बदला हुआ है। लोग सोना खरीदने के बजाय अपनी होल्डिंग बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं। अनिश्चितता के माहौल में लिक्विडिटी बनाए रखना प्राथमिकता बन गई है।
2. प्रॉफिट बुकिंग का दबाव
जनवरी में जब सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर था, तब बड़े निवेशकों ने भारी मुनाफावसूली की। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और सोने की कीमत में गिरावट (Gold Price Crash) तेज हो गया।
3. अमेरिकी ब्याज दरों का असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने भी सोने की चमक फीकी कर दी है। ऊंची ब्याज दरें निवेशकों को बॉन्ड और डॉलर जैसे विकल्पों की ओर आकर्षित कर रही हैं।
4. ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता
मध्य पूर्व के हालात के बावजूद इस बार निवेशक सुरक्षित संपत्ति के तौर पर डॉलर को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे सोने की मांग कमजोर हुई है।
हरों में अलग-अलग क्यों होते हैं दाम?
Gold Price Crash के बावजूद देशभर में सोने के दाम एक जैसे नहीं होते। इसके पीछे कई कारण हैं:
- ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा लागत: शहरों के बीच दूरी बढ़ने पर लागत भी बढ़ती है
- डिमांड-सप्लाई का अंतर: दक्षिण भारत में सोने की खपत ज्यादा है
- लोकल एसोसिएशन की भूमिका: ज्वेलर्स एसोसिएशन स्थानीय रेट तय करते हैं
- पुराने स्टॉक का असर: ज्वेलर्स किस रेट पर खरीदी कर चुके हैं, इससे बिक्री मूल्य प्रभावित होता है
क्या आगे भी जारी रहेगा Gold Price Crash?
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमत में गिरावट (Gold Price Crash) अभी थमने वाला नहीं है। बाजार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है और बड़े निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- अल्पकाल में कीमतों में और गिरावट संभव है
- निवेशकों को फिलहाल नए निवेश से बचना चाहिए
- लॉन्ग टर्म निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी की रणनीति अपना सकते हैं
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
अगर आप भी Gold Price Crash के दौरान निवेश की सोच रहे हैं, तो जल्दबाजी से बचना जरूरी है।
✔ अभी एकमुश्त निवेश से बचें
✔ गिरावट में धीरे-धीरे खरीदारी करें
✔ लंबी अवधि का नजरिया रखें
✔ बाजार के संकेतों पर नजर बनाए रखें
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