नीमच (Neemuch News)। मध्य प्रदेश के नीमच शहर में शुक्रवार शाम उस समय हलचल मच गई जब सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीम ने अचानक एक प्रतिष्ठित स्टील व्यापारिक प्रतिष्ठान पर कार्रवाई शुरू कर दी। यह जीएसटी रेड (GST Raid) शहर के प्रमुख कारोबारी क्षेत्र में स्थित ‘अन्नपूर्णा स्टील’ नामक प्रतिष्ठान पर की गई, जो स्थानीय कांग्रेस नेता हरीश दुआ के भाई रवि दुआ के स्वामित्व में बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल जीएसटी की चार सदस्यीय टीम एक इनोवा कार से नीमच पहुंची और सीधे अन्नपूर्णा स्टील पहुंचकर जांच शुरू कर दी। टीम ने प्रतिष्ठान के कार्यालय में मौजूद सभी दस्तावेजों, बिलिंग रिकॉर्ड, लेन-देन से जुड़े कागजात और अन्य कारोबारी फाइलों की गहन पड़ताल की। इस जीएसटी रेड (GST Raid) के दौरान करीब पांच घंटे तक लगातार जांच चलती रही, जिसके कारण आसपास के व्यापारियों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का माहौल बन गया।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक यह जीएसटी रेड (GST Raid) किसी शिकायत के आधार पर की गई। विभाग को कथित तौर पर जीएसटी से जुड़े लेन-देन में गड़बड़ी या संभावित कर चोरी की सूचना मिली थी। इसी शिकायत की जांच के लिए केंद्रीय जीएसटी टीम ने यह कदम उठाया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है। हालांकि इन दस्तावेजों में क्या जानकारी मिली है और क्या वास्तव में कर चोरी या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, इस बारे में अभी तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
5 घंटे तक चली मैराथन जांच

प्रतिष्ठान पर शुरू हुई जीएसटी रेड (GST Raid) लगभग पांच घंटे तक चली। इस दौरान टीम ने कार्यालय के कंप्यूटर रिकॉर्ड, बिल बुक, खरीद-फरोख्त से संबंधित कागजात और जीएसटी रिटर्न से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता हरीश दुआ भी मौके पर पहुंच गए। वे पूरे समय प्रतिष्ठान पर मौजूद रहे और अधिकारियों की जांच प्रक्रिया के दौरान वहीं डटे रहे। देर रात करीब 10:30 बजे जांच पूरी होने के बाद टीम वहां से रवाना हुई।
अधिकारियों ने जानकारी देने से किया इनकार
जब इस जीएसटी रेड (GST Raid) को लेकर टीम में शामिल अधिकारी कमलेश शर्मा से जानकारी लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फिलहाल किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा कि जांच प्रक्रिया जारी है और आधिकारिक जानकारी विभाग द्वारा उचित समय पर साझा की जाएगी।
दूसरी ओर, प्रतिष्ठान संचालक रवि दुआ और कांग्रेस नेता हरीश दुआ से भी इस मामले में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी।
व्यापारिक क्षेत्र में चर्चा का माहौल
नीमच के व्यापारिक क्षेत्र में इस जीएसटी रेड (GST Raid) के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय व्यापारियों के बीच यह चर्चा है कि यदि जांच में कोई बड़ी वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।
हालांकि फिलहाल विभाग की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच का दायरा कितना बड़ा है और क्या अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा सकती है।
विभागीय खुलासे का इंतजार
फिलहाल इस जीएसटी रेड (GST Raid) में जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच विभागीय स्तर पर की जाएगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि मामले में कर चोरी, फर्जी बिलिंग या अन्य वित्तीय अनियमितताओं का कोई मामला बनता है या नहीं।
स्थानीय प्रशासन और व्यापारिक समुदाय की नजर अब सेंट्रल जीएसटी विभाग के आधिकारिक बयान पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकती है।
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