नीमच, 28 मार्च 2026। शहर के प्रमुख जल स्रोत ग्वालटोली तालाब (Gwalatoli Talab) पर शनिवार को आयोजित स्वच्छता और श्रमदान अभियान ने एक सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत कर दी है। जिला प्रशासन द्वारा जल संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने मिलकर तालाब की सफाई की और इसे पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह परिहार, कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, एडीएम बी.एस. कलेश और नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चौपड़ा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन सभी ने केवल औपचारिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई, बल्कि स्वयं तालाब परिसर में उतरकर श्रमदान किया।
जब आम लोगों ने अपने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को हाथों में उपकरण लेकर सफाई करते देखा, तो वे भी प्रेरित हुए और बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ गए। ग्वालटोली तालाब (Gwalatoli Talab) के आसपास रहने वाले नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सफाई अभियान से बदला Gwalatoli Talab का स्वरूप
श्रमदान के दौरान ग्वालटोली तालाब (Gwalatoli Talab) के आसपास जमा गंदगी और कचरे को व्यवस्थित तरीके से हटाया गया। बड़ी मात्रा में कचरा एकत्रित कर ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से ट्रेंचिंग ग्राउंड तक पहुंचाया गया।
लंबे समय से उपेक्षित पड़े इस तालाब में अब साफ-सफाई के बाद स्पष्ट बदलाव नजर आने लगा है। जहां पहले गंदगी और अव्यवस्था थी, वहां अब स्वच्छता और सुव्यवस्था दिखाई दे रही है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने वर्षों बाद ग्वालटोली तालाब (Gwalatoli Talab) को इस तरह साफ और सुंदर रूप में देखा है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ मिला है, बल्कि आसपास का वातावरण भी अधिक सुखद हो गया है।
विकास कार्यों का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश
सिर्फ सफाई तक सीमित न रहते हुए प्रशासन ने ग्वालटोली तालाब (Gwalatoli Talab) के समग्र विकास की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। तालाब के सौंदर्यीकरण और गहरीकरण का कार्य तेजी से जारी है, जिससे इसकी जल संग्रहण क्षमता को बढ़ाया जा सके।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मौके पर पहुंचकर इन कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह तालाब भविष्य में जल संरक्षण का एक आदर्श उदाहरण बन सकता है।
नगरपालिका की सीएमओ दुर्गा बामनिया को निर्देश दिए गए कि वे कार्यों की नियमित निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि विकास कार्य योजनाबद्ध तरीके से पूरे हों।
जनभागीदारी और जागरूकता से मिलेगी स्थायी सफलता
इस अभियान में सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण रही। पर्यावरण के प्रति जागरूक संगठनों और स्थानीय समूहों ने न केवल श्रमदान किया, बल्कि लोगों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।
ग्वालटोली तालाब (Gwalatoli Talab) पर चलाया गया यह अभियान एक सामूहिक प्रयास के रूप में सामने आया है, जहां प्रशासन और जनता ने मिलकर काम किया। यही कारण है कि इसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि इसी तरह नियमित रूप से सफाई और रखरखाव किया जाता रहा, तो ग्वालटोली तालाब (Gwalatoli Talab) आने वाले समय में शहर की पहचान बन सकता है। यह न केवल जल संरक्षण का एक मजबूत केंद्र बनेगा, बल्कि लोगों के लिए एक स्वच्छ और सुंदर स्थल भी साबित होगा।
अंततः यह कहा जा सकता है कि ग्वालटोली तालाब (Gwalatoli Talab) पर आयोजित यह श्रमदान और स्वच्छता अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक पहल है। यह पहल यह संदेश देती है कि जब प्रशासन और जनता मिलकर कार्य करते हैं, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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