IHRSO Human Rights Day: दुलाखेड़ा की धरा पर लिखा गया मानवता का नया अध्याय: IHRSO ने मानवाधिकार दिवस पर पेश की सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल।

IHRSO Human Rights Day

नीमच/दुलाखेड़ा। अधिकारों की बातें तो अमूमन हर मंच से होती हैं, लेकिन अधिकारों के साथ संवेदनाओं और कर्तव्यों को जोड़ने का साहस विरले ही कर पाते हैं। इसी साहस और समर्पण का एक जीवंत उदाहरण बुधवार को नीमच जिले के ग्राम दुलाखेड़ा में देखने को मिला। विश्व मानवाधिकार दिवस के पावन अवसर पर IHRSO Human Rights Day के तहत एक ऐसा माहौल बना, जिसने साबित कर दिया कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन (IHRSO) ने रामपुरा नवजीवन निशक्त जन कल्याण समिति द्वारा संचालित ‘निराश्रित सेवाश्रम’ के पवित्र प्रांगण में सेवा का महाकुंभ सजाया।

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IHRSO Human Rights Day इस भव्य आयोजन में न केवल दिव्यांग प्रतिभाओं के अदम्य साहस को सम्मानित किया गया, बल्कि कड़ाके की ठंड में उन्हें गर्म कपड़े और ब्रांडेड इनरवियर वितरित कर संगठन ने समाज को एक नई दिशा दिखाई।

प्रतिभा किसी शरीर की मोहताज नहीं: दिलीप व्यास

IHRSO Human Rights Day कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला परियोजना समन्वय अधिकारी (DPC) दिलीप जी व्यास ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से समां बांध दिया। उन्होंने कहा,

“प्रतिभा किसी शरीर या अंग की मोहताज नहीं होती। आज इन बच्चों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि समाज और संस्थाओं का सहयोग मिले, तो ये आसमान छू सकते हैं। IHRSO Human Rights Day पर किया गया यह प्रयास समाज की मुख्यधारा से इन बच्चों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।”

IHRSO Human Rights Day Celebration

IHRSO मंदसौर के जिला संयोजक सुरेश जी जोशी और सरपंच प्रतिनिधि रामा जी गुर्जर ने भी अपने विचारों से संगठन की इस पहल की सराहना की।

पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष ने कहा- ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’

IHRSO Human Rights Day Celebration

कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाते हुए विशिष्ट अतिथि और पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने IHRSO की पूरी टीम की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि IHRSO Human Rights Day जैसे अवसर पर इससे बेहतर और पवित्र आयोजन नहीं हो सकता। “नर सेवा ही नारायण सेवा है,” इस वाक्य को चरितार्थ करते हुए उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही ईश्वर की सच्ची प्रार्थना है। मंच पर मौजूद अतिथि ज्योति रमेश चंद्र जी मूंदड़ा, वरिष्ठ समाज सेविका ऊषा जी मूंदड़ा और बलदेव जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भव्यता प्रदान की।

खेल मैदान में दिखा अदम्य साहस, नम हुई आंखें

भाषणों के बाद जब खेल प्रतियोगिताओं का बिगुल बजा, तो दृश्य भावविभोर कर देने वाला था। IHRSO Human Rights Day के उपलक्ष्य में आयोजित ‘चेयर रेस’ और दौड़ प्रतियोगिता में जब दिव्यांग बच्चों ने अपनी शारीरिक बाधाओं को भूलकर दौड़ लगाई, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

किसी का पैर नहीं था, तो कोई देख नहीं सकता था, फिर भी लक्ष्य को पाने की उनकी जिजीविषा देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और सीना गर्व से चौड़ा हो गया। यह केवल एक खेल नहीं था, बल्कि जीवन की चुनौतियों से लड़ने का एक प्रदर्शन था।

न्यायिक अधिकारियों के हाथों मिला ‘विजयी सम्मान’

IHRSO Human Rights Day Celebration

कार्यक्रम का समापन सत्र और भी खास रहा, जब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शोभना मीणा और डीएलओ (DLO) प्रवीण पूनिया विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र सौंपे। न्यायिक अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि

“ये ट्रॉफी सिर्फ एक इनाम नहीं है, बल्कि इनके संघर्षों और हौसलों की जीत है। IHRSO Human Rights Day का यह कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।”

सेवा परमोधर्म: ठंड से राहत और भोजन प्रसादी

संगठन ने मौसम की नजाकत और कड़ाके की ठंड को देखते हुए मानवीय संवेदना का परिचय दिया। कार्यक्रम में आए सभी दिव्यांग प्रतिभागियों को ब्रांडेड इनरवियर (गर्म कपड़े) वितरित किए गए। इसके अलावा, कार्यक्रम में पधारे सैकड़ों ग्रामीणों, अभिभावकों और आम नागरिकों के लिए चाय-नाश्ते और सुरुचिपूर्ण भोजन की व्यवस्था की गई थी। लोगों ने एक साथ बैठकर भोजन प्रसादी ग्रहण की।

विजेताओं की सूची (जिन्होंने बढ़ाया मान)

प्रतियोगिताओं में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, जिसके परिणाम इस प्रकार रहे:

  • चेयर रेस (18 वर्ष से कम): मीत (प्रथम), शानू (द्वितीय), मोइनुद्दीन (तृतीय)।

  • चेयर रेस (18 वर्ष से अधिक): मांगी खान (प्रथम), आरती (द्वितीय), राजेश (तृतीय)।

  • रनिंग (MR वर्ग): मोइनुद्दीन (प्रथम), गीतेश (द्वितीय), राजेश (तृतीय)।

  • रनिंग (अस्थि बाधित): हीराम (प्रथम), शानू (द्वितीय), मुस्कान (तृतीय)।

  • रनिंग (18 वर्ष से अधिक): राजेश (प्रथम), मांगी खान (द्वितीय), फिरोज (तृतीय)।

इनकी रही सक्रिय भूमिका

इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में IHRSO की पूरी टीम ने दिन-रात एक कर दिया। संगठन की जिलाध्यक्ष पिंकी ठाकुर के नेतृत्व में माणक मोदी, आकाश शर्मा , जीनत बी, रेनू गोस्वामी, ज़ुबेद जी, तस्लीम जी, अनिता जी, राधा जी शुक्ला, धर्मपाल ग्रोवर जी, गोपाल जी गहलोद, रवि जी पुरोहित, सुरेश जी मालवीय, कैलाश जी बाबू शर्मा, अभिषेक जी गोस्वामी, अहसान जी और पार्वती मोदी सहित सभी पदाधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा।


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