नीमच में खनिज माफिया पर बड़ी स्ट्राइक: अवैध उत्खनन और परिवहन करते 5 वाहन जब्त, प्रशासन की सख्त घेराबंदी

Illegal Mining
नीमच | मध्य प्रदेश के नीमच जिले में अवैध उत्खनन (Illegal Mining) यानी अवैध उत्खनन करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने एक निर्णायक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले के जावद और सिंगोली क्षेत्रों में लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद, खनिज विभाग की विशेष टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए 4 डंपर और 1 जेसीबी (JCB) मशीन को रंगे हाथों पकड़ा है। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
खनिज अधिकारी के नेतृत्व में सुनियोजित कार्रवाई
खनिज अधिकारी श्री गजेंद्र सिंह डाबर ने इस पूरी कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध उत्खनन (Illegal Mining) की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में खनिज निरीक्षक श्री सुनील जाधव और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि जावद क्षेत्र के ग्राम दामोदरपुरा, केसरपुरा और सिंगोली के दुर्गम इलाकों में बड़े पैमाने पर खनिज संपदा का अवैध दोहन किया जा रहा है।
सूचना मिलते ही टीम ने प्रभावी रणनीति बनाई और मौके पर दबिश दी। वहाँ खनिज मिट्टी, एम-सैंड और गिट्टी का अवैध उत्खनन एवं परिवहन धड़ल्ले से चल रहा था। टीम को देखते ही वाहन चालकों ने भागने की कोशिश की, लेकिन विभाग की मुस्तैदी के आगे उनकी एक न चली।
जब्त वाहनों का विवरण और कानूनी घेराबंदी
इस सघन जांच अभियान के दौरान कुल 5 वाहनों को अभिरक्षा में लिया गया है। अवैध उत्खनन (Illegal Mining) में संलिप्त इन वाहनों पर मध्य प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है। जब्त वाहनों की सूची निम्नलिखित है:
डम्पर संख्या: आर.जे. 06 जी.बी. 8742
डम्पर संख्या: आर.जे. 09 जी.ई. 8906
वाहन संख्या: एम.पी. 21 एच. 1914
ट्रेलर संख्या: आर.जे. 09 जी.डी. 2255
जेसीबी मशीन: आर.जे. 32 ई.ए. 0876
वर्तमान में इन सभी वाहनों को सुरक्षा के मद्देनजर नयागांव पुलिस चौकी और सिंगोली थाने की अभिरक्षा में खड़ा करवाया गया है। विभाग अब इन वाहनों के मालिकों पर भारी आर्थिक दंड और कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा चलाने की तैयारी कर रहा है।
क्षेत्र में हड़कंप: माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस
नीमच जिला अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अवैध उत्खनन (Illegal Mining) के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। राजस्थान की सीमा से सटे होने के कारण यहाँ से अवैध परिवहन की संभावनाएँ बनी रहती हैं। हालांकि, खनिज निरीक्षक सुनील जाधव का कहना है कि प्रशासन अब “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रहा है। विभाग केवल मुख्य मार्गों पर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों के कच्चे रास्तों पर भी पैनी नजर रख रहा है ताकि अवैध उत्खनन (Illegal Mining) को जड़ से खत्म किया जा सके।
दामोदरपुरा और केसरपुरा के ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा था, बल्कि क्षेत्र की सड़कें भी जर्जर हो रही थीं।
भविष्य की रणनीति: जारी रहेगी जांच
खनिज विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई अभी थमी नहीं है। जिले के अन्य क्षेत्रों जैसे मनासा, जीरन और रामपुरा में भी अवैध उत्खनन (Illegal Mining) के संदिग्ध ठिकानों की सूची तैयार कर ली गई है। अधिकारी श्री डाबर ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति बिना वैध रॉयल्टी या अनुमति के खनिज संपदा के साथ छेड़छाड़ करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश खनिज नियम 2022 के नए प्रावधानों के अनुसार, अब अवैध उत्खनन में लिप्त वाहनों को छुड़ाना बेहद महंगा और मुश्किल हो गया है। सरकार का उद्देश्य राजस्व की चोरी रोकना और पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। इस कार्रवाई ने यह संदेश साफ कर दिया है कि प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में है।
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