वायरल वीडियो – भारत-पाकिस्तान जूनियर हॉकी: मलेशिया में ‘हैंडशेक विवाद’ खत्म? खिलाड़ियों ने मिलाया हाथ

मलेशिया। भारत और पाकिस्तान के बीच खेल के मैदान पर चल रहा ‘हैंडशेक विवाद’ मलेशिया में आयोजित सुल्तान जोहर कप (Sultan of Johor Cup) में भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के एक-दूसरे से हाथ मिलाने के बाद खत्म होता दिखाई दे रहा है। जोहर बाहरु स्थित तमन दया हॉकी स्टेडियम में मंगलवार को हुए इस मुकाबले की शुरुआत से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने न सिर्फ हाथ मिलाया, बल्कि हाई-फाइव के साथ खेल भावना का प्रदर्शन भी किया। इस घटना ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी हैं, क्योंकि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच खेल संबंधी तनाव चरम पर था।
खत्म हुई ‘दूरी’ की परंपरा
पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों ने खेल के मैदान पर एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखी थी। इसकी शुरुआत एशिया कप (Asia Cup) क्रिकेट टूर्नामेंट में हुई थी, जहां भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। यह परंपरा महिला वनडे वर्ल्ड कप (Women’s ODI World Cup) मैच में भी जारी रही थी।
यहां देखें हैंडशेक का नजारा
इस तनावपूर्ण माहौल में, मलेशिया के जोहर बाहरु में भारतीय जूनियर हॉकी टीम और पाकिस्तान के खिलाड़ियों का मैच से पहले हाथ मिलाना एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इससे पहले, अगस्त में पुरुष एशिया कप के लिए पाकिस्तान ने भारत में अपनी टीम नहीं भेजी थी, जिससे खेल संबंधी तनाव और बढ़ गया था।
PHF ने खिलाड़ियों को दिए थे विशेष निर्देश
इस मुकाबले से पहले पाकिस्तान हॉकी महासंघ (PHF) के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से तैयार रहने के निर्देश दिए थे। उन्हें स्पष्ट कहा गया था कि यदि भारतीय खिलाड़ी हाथ न मिलाएं तो उन्हें इसे नजरअंदाज करना चाहिए और किसी भी भावनात्मक टकराव में नहीं पड़ना चाहिए। खिलाड़ियों को मैच के दौरान किसी भी भावनात्मक प्रतिक्रिया से बचने और पूरी तरह से खेल की प्रतिस्पर्धा पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई थी। हालांकि, भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने हाई-फाइव और हैंडशेक के साथ सभी तरह के तनाव को दरकिनार करते हुए खेल भावना का प्रदर्शन किया।
जानें हैंडशेक विवाद की पूरी हिस्ट्री
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान में तनाव चरम पर है। इस हमले के बाद 14 सितंबर को एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच होना था। हालांकि बायकॉट की चर्चा थी, लेकिन दोनों टीमें मैदान पर उतरीं। यहीं से भारतीय प्लेयर्स ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार करने का सिलसिला शुरू हुआ, जो एशिया कप में तीनों बार भिड़ंत के दौरान जारी रहा।
यही नहीं, एशिया कप जीतने के बाद भारतीय प्लेयर्स ने एसीसी के चेयरमैन पाकिस्तान के मोहसिन नकवी से भी ट्रॉफी नहीं ली थी, जिसे लेकर खूब विवाद हुआ। 5 अक्तूबर को भारतीय महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप में पाकिस्तान से भिड़ी तब भी दोनों तरफ तनाव देखने को मिला और हाथ नहीं मिलाया गया। एक जूनियर फुटबॉल मुकाबले में भी दोनों देशों के खिलाड़ियों में ये तनातनी देखने को मिली थी। लेकिन अब, सुल्तान जोहर कप में जूनियर हॉकी टीम के खिलाड़ियों ने इस सिलसिले को तोड़कर खेल संबंधों में एक सकारात्मक अध्याय जोड़ा है।

