Indigo Staff Crisis: लगातार चौथे दिन हवाई सफर ठप, 400+ उड़ानें रद्द; एयरपोर्ट पर यात्रियों का फूटा गुस्सा

Indigo Staff Crisis
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) इस समय अपने इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। Indigo Staff Crisis (स्टाफ की कमी) के कारण लगातार चौथे दिन हवाई यातायात पूरी तरह चरमरा गया है। शुक्रवार सुबह तक के आंकड़ों ने यात्रियों की नींद उड़ा दी है—देशभर में 400 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे हजारों यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं।
इंडिगो के क्रू मेंबर्स और पायलट्स की भारी कमी के चलते दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति यह है कि यात्रियों को न तो पहले से कोई मेल भेजा जा रहा है और न ही मैसेज, जिससे एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्हें कैंसिलेशन का झटका लग रहा है।
प्रमुख शहरों में कैंसिलेशन का आंकड़ा
Indigo Staff Crisis का सबसे बुरा असर मेट्रो सिटीज पर पड़ा है। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति भयावह है:
दिल्ली: सबसे ज्यादा 225 उड़ानें रद्द (आने-जाने वाली)।
बेंगलुरु: 102 उड़ानें कैंसिल।
पुणे और हैदराबाद: दोनों शहरों में 32-32 उड़ानें रद्द।
इसके अलावा, सैकड़ों फ्लाइट्स घंटों की देरी से चल रही हैं। यह संकट केवल उड़ानों के रद्द होने तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरी एयरलाइंस ने इस मौके का फायदा उठाते हुए अपने किराए भी दोगुने कर दिए हैं।
यात्रियों का दर्द: “शादी छूट गई, कनेक्टिंग फ्लाइट मिस हो गई”
एयरपोर्ट्स पर स्थिति तनावपूर्ण है। गोवा एयरपोर्ट पर फंसी एक महिला यात्री ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा,
“हम सुबह 5 बजे से इंतजार कर रहे हैं। यहां आने पर पता चला कि फ्लाइट कैंसिल है।
न कोई मेल आया, न मैसेज। हमें आज एक शादी में शामिल होना था, लेकिन स्टाफ कह रहा है कि कल भेजेंगे। हम बहुत निराश हैं।”
वहीं, एक अन्य यात्री जो दिल्ली से गोवा पहुंचे थे, ने बताया,
“मेरी लक्षद्वीप के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट थी। इंडिगो की देरी की वजह से वो छूट गई।
अब वे कोई मदद भी नहीं कर रहे हैं। हमें एयरपोर्ट पर लावारिस छोड़ दिया गया है।”
गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी यात्रियों का यही हाल है, जहां फ्लाइट कैंसिल होने के बाद लोगों को उनका सामान तक वापस नहीं मिल पा रहा है।
आखिर क्यों हुआ यह Indigo Staff Crisis?
इस पूरे संकट की जड़ में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के नए नियम हैं। DGCA ने 1 नवंबर से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियम लागू किए हैं।
नए नियम: पायलटों की उड़ान का समय घटाकर रोजाना 8 घंटे कर दिया गया है।
आराम: क्रू को 24 घंटे में कम से कम 10 घंटे का आराम देना अनिवार्य है।
नाइट लैंडिंग: इसे 6 से घटाकर 2 कर दिया गया है।
सुरक्षा की दृष्टि से बनाए गए इन नियमों के कारण इंडिगो को अचानक ज्यादा स्टाफ की जरूरत पड़ी, जिसकी भर्ती और ट्रेनिंग समय पर पूरी नहीं हो पाई। यही कारण है कि रोस्टर मैनेज नहीं हो पा रहा है।
सरकार सख्त: नागरिक उड्डयन मंत्री ने जताई नाराजगी
हालात बिगड़ते देख नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने गुरुवार को एक हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग की। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “नए नियमों की तैयारी के लिए एयरलाइंस के पास पर्याप्त समय था, फिर भी स्थिति इतनी खराब कैसे हुई?”
DGCA ने इंडिगो प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए हैं:
हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा करें।
क्रू की भर्ती और ट्रेनिंग का रोडमैप सौंपें।
यात्रियों को होटल और रिफंड की सुविधा तुरंत मुहैया कराएं।
किराए में मनमानी बढ़ोतरी न करें।
इंडिगो ने मांगी 2026 तक की मोहलत
इस भारी Indigo Staff Crisis के बीच, इंडिगो ने DGCA से अपील की है कि उन्हें FDTL के नियमों से 10 फरवरी 2026 तक की छूट दी जाए। कंपनी का कहना है कि परिचालन को पूरी तरह सामान्य करने में उन्हें कम से कम तीन महीने का समय लगेगा। इंडिगो ने यात्रियों से माफी मांगते हुए आश्वासन दिया है कि वे स्थिति को सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।
छोटे शहरों पर भी व्यापक असर
सिर्फ मेट्रो ही नहीं, छोटे शहरों के एयरपोर्ट भी सूने पड़े हैं।
इंदौर: यहां से 3 बड़ी उड़ानें रद्द हैं, जबकि बुधवार को 18 उड़ानें कैंसिल थीं।
जयपुर और जोधपुर: राजस्थान के इन शहरों से मुंबई और कोलकाता जाने वाली उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
मुंबई: यहां 86 फ्लाइट्स कैंसिल रही हैं।
चूंकि देश की 60% घरेलू उड़ानें इंडिगो ऑपरेट करती है (दिन भर में लगभग 2,300 उड़ानें), इसलिए अगर इसकी 10% फ्लाइट्स भी प्रभावित होती हैं, तो पूरा देश प्रभावित होता है। फिलहाल, यात्रियों के लिए सलाह है कि एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें।
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