बड़ा खुलासा: प्रदूषण और शोषण के ‘पाप’ में डूबे सेठ को कर्मों की सजा; 2 करोड़ का Soybean Plant Gaban कर मुनीम ने खड़ी कर ली 70 लाख की कोठी!
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
05 दिसम्बर 2025, (अपडेटेड 05 दिसम्बर 2025, 2:38 अपराह्न IST)

| Soybean Plant Gaban  : इनसाइड स्टोरी |

शहर: कहते हैं कि ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती, लेकिन जब पड़ती है तो अच्छे-अच्छों की हेकड़ी निकल जाती है। शहर के औद्योगिक गलियारों में इन दिनों एक ऐसा ही मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे लोग ‘चोरी’ नहीं बल्कि ‘कर्मों का फल’ कह रहे हैं। एक नामी सोया प्लांट (Soybean Plant) के सेठ, जो अपनी तिजोरी भरने के लिए न तो पर्यावरण की परवाह करते हैं और न ही अपने कर्मचारियों की, उन्हें उनके ही सबसे वफादार मुनीम ने ऐसा चूना लगाया है कि वो किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रहे। इस Soybean Plant Gaban की गूंज पूरे बाजार में सुनाई दे रही है।

प्रदूषण विभाग की लताड़ के बाद अब ‘घर के भेदी’ का वार

अभी इस सोया प्लांट के मालिक (सेठ) संभल भी नहीं पाए थे कि उन पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। कुछ ही दिन पहले फैक्ट्री से निकल रहे जानलेवा काले धुएं और नियमों की धज्जियां उड़ाने को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board) की टीम ने फैक्ट्री का दौरा किया था और सेठ को जमकर लताड़ लगाई थी। सेठ जी अभी अधिकारियों को ‘मैनेज’ करने और फैक्ट्री बचाने की जुगाड़ में लगे ही थे कि इधर उनकी नाक के नीचे एक और बड़ा खेल हो गया।

जिस ‘नंबर दो’ (काले कारोबार) की कमाई पर सेठ जी को गुमान था, उसी कमाई में उनके मुनीम ने सेंध लगा दी। सूत्रों की मानें तो मुनीम ने एक बाहरी दलाल के साथ सांठ-गांठ कर, कच्चे बिलों और नकद लेन-देन में हेरा-फेरी करते हुए सेठ को करीब 2 करोड़ (2 खोखे) का चूना लगा दिया।

किराए की कोठरी से ‘विकास नगर’ के बंगले तक का सफर

इस Soybean Plant Gaban का खुलासा तब हुआ जब मुनीम की जीवनशैली में अचानक ‘अंबानी’ जैसा बदलाव आ गया। जानकारी के मुताबिक, उक्त मुनीम वर्षों से शंकर ऑइल मिल क्षेत्र में एक साधारण से किराए के मकान में रहता था। उसकी हालत ऐसी थी कि महीने का खर्च चलाना भी मुश्किल था। लेकिन सेठ की ‘अंधी कमाई’ में हाथ साफ करते ही मुनीम ने शहर के पॉश इलाके ‘विकास नगर’ में 70 लाख रुपए का आलीशान मकान नकद (Cash) खरीद लिया।

जब सेठ जी को भनक लगी कि उनका मुनीम रातों-रात लखपति कैसे बन गया, तो उन्होंने अपनी पुरानी बहियां और कच्चा हिसाब खंगाला। जांच में जो सामने आया, उसे देखकर सेठ के पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि मुनीम और दलाल की जोड़ी ने पिछले कुछ समय में धीरे-धीरे करके करीब 2 करोड़ रुपए पार कर दिए हैं।

थाने में क्यों ‘भीगी बिल्ली’ बन गए सेठ जी?

कहानी में असली ट्विस्ट तब आया जब मामला पुलिस थाने पहुंचा। 2 करोड़ की चपत खाने के बाद सेठ जी गुस्से में तमतमाते हुए थाने तो गए, लेकिन वहां जाकर उनकी जुबान पर ताला लग गया। कानूनी जानकारों का कहना है कि यह पूरा मामला ‘नंबर दो’ के धंधे का था। सेठ जी पुलिस को यह समझा ही नहीं पाए कि चोरी हुई रकम का स्रोत (Source of Income) क्या है।

  • अगर एफआईआर (FIR) दर्ज करवाते, तो पुलिस जांच करती।

  • जांच होती, तो बात आयकर विभाग (Income Tax) और प्रदूषण विभाग तक पहुंचती।

  • नतीजतन, फैक्ट्री सील होने और भारी पेनल्टी का डर सेठ को सताने लगा।

40 ‘पेटी’ पर हुआ अपमानजनक समझौता

अंत में, वही हुआ जो अक्सर काले धन के मामलों में होता है। थाने की चारदीवारी के भीतर ही एक ‘गुप्त पंचायत’ बैठी। मुनीम ने अपना जुर्म तो कबूल कर लिया, लेकिन साथ ही यह भी इशारा कर दिया कि वह सेठ की सारी पोल खोल सकता है। मरता क्या न करता, सेठ जी को झुकना पड़ा।

समझौते के तहत मुनीम ने गबन की गई राशि में से सिर्फ 40 लाख (40 पेटी) रुपए नकद लौटाने की बात मानी। बाकी के डेढ़ करोड़ से ज्यादा की रकम और विकास नगर वाला नया मकान मुनीम के पास ही रह गया। सेठ जी 40 लाख का थैला उठाकर, अपमान का घूंट पीकर अपने घर लौट आए।

बाजार में चर्चा: ‘चोर के घर चोरी’

इस घटना के बाद शहर के व्यापारियों में हड़कंप तो है, लेकिन सहानुभूति किसी को नहीं है। दबी जुबान में लोग कह रहे हैं कि यह सेठ के पापों का ही प्रायश्चित है। मजदूरों का शोषण करके और हवा में जहर घोलकर जो पैसा कमाया गया था, वह किसी ‘शुभ काम’ में तो लगने से रहा।

इस Soybean Plant Gaban कांड ने साबित कर दिया है कि जब आप सिस्टम और समाज को धोखा देते हैं, तो कोई न कोई ‘विभीषण’ आपके घर में ही पैदा हो जाता है। सेठ जी अब अपनी खाली तिजोरी और फैक्ट्री की चिमनी को देखकर बस यही सोच रहे हैं कि “लम्हों ने खता की थी, सदियों ने सजा पाई।”


यह भी पढ़ें: Indigo Staff Crisis: लगातार चौथे दिन हवाई सफर ठप, 400+ उड़ानें रद्द; एयरपोर्ट पर यात्रियों का फूटा गुस्सा

ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

रिद्धि राठौड़ का शानदार प्रदर्शन, 400 और 600 मीटर दौड़ में जीते स्वर्ण पदक

नीमच। शालेय संभाग स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्विमफ्लाय स्पोर्ट्स...

मनासा में घर में सो रहे 40 वर्षीय कालू को सांप ने काटा, समय पर अस्पताल पहुंचाया

मनासा। नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में शुक्रवार अलसुबह...

Related Articles

Popular Categories