जयपुर (Jaipur News): महानगरों की बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों के बीच अक्सर दूरियां देखने को मिलती हैं, लेकिन संकट के समय यही लोग एक-दूसरे का सबसे बड़ा सहारा भी बनते हैं। राजधानी जयपुर के हरमाड़ा इलाके में स्थित एक पॉश सोसायटी में हाल ही में एक दिल दहला देने वाला झूला दुर्घटना (jhula accident) सामने आया, लेकिन इस हादसे ने सोसायटी के लोगों की एकजुटता और इंसानियत की एक बेहतरीन मिसाल भी पेश की है।
कैसे हुआ यह jhula accident और कैसे दिखाई लोगों ने तत्परता?
यह पूरी घटना हरमाड़ा थाना क्षेत्र के सीकर रोड स्थित सनसिटी के मैक्स हाईट (Max Heights) अपार्टमेंट की है। रविवार का दिन होने के कारण सोसायटी में काफी रौनक थी। अपार्टमेंट में रहने वाली विजय लक्ष्मी शर्मा की भतीजी अपने परिवार के साथ उनसे मिलने आई हुई थी। शाम करीब 4 बजे, 12 वर्षीय बहादुर बच्ची आशी पारीक खेलने के लिए ग्राउंड फ्लोर के पार्क में गई।
वह खुशी-खुशी झूल रही थी कि अचानक झूले का स्ट्रक्चर टूट गया और यह झूला दुर्घटना (jhula accident) हो गया। लोहे का भारी पाइप बच्ची के ऊपर आ गिरा। इस हादसे में बच्ची के जबड़े और नाक की हड्डी टूट गई और सिर में भी चोट आई।



बच्ची की चीख सुनते ही ग्राउंड फ्लोर और आस-पास मौजूद सभी निवासी अपने सारे काम छोड़कर तुरंत दौड़ पड़े। बिना एक भी पल गंवाए, लोगों ने भारी झूले को हटाया और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, डॉक्टर्स कर रहे हैं बेहतरीन काम
स्थानीय निवासियों और परिजनों की सूझबूझ से मासूम आशी को बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाया गया। सही समय पर मेडिकल मदद मिलने से एक बहुत बड़ी अनहोनी टल गई। इस झूला दुर्घटना (jhula accident) के बाद आशी को जयपुर के प्रतिष्ठित सीके बिड़ला हॉस्पिटल (CK Birla Hospital) में भर्ती करवाया गया है।
आशी के पिता अश्वनी पारीक ने बताया कि बेटी के मुंह में मल्टीपल फ्रैक्चर आए हैं, लेकिन उन्हें जयपुर के बेहतरीन डॉक्टर्स पर पूरा भरोसा है। डॉक्टर्स की एक विशेषज्ञ टीम बच्ची की मेजर सर्जरी करने जा रही है। पूरा शहर इस नन्ही परी के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।
200 परिवार आए एक साथ: भविष्य की सुरक्षा के लिए उठी मजबूत आवाज
इस झूला दुर्घटना (jhula accident) ने मैक्स हाईट अपार्टमेंट में रहने वाले करीब 200 परिवारों को एक सूत्र में बांध दिया है। हालांकि, कुछ कर्मचारियों द्वारा मौके से खून के धब्बे मिटाने जैसी अमानवीय कोशिशें की गईं, लेकिन सोसायटी के जागरूक नागरिकों ने तुरंत हस्तक्षेप करके स्थिति को संभाल लिया।
अब सभी परिवार एक साथ मिलकर सोसायटी मैनेजमेंट से बेहतर सुविधाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे हर महीने 4,000 रुपये मेंटेनेंस देते हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए। निवासियों की यह एकजुटता भविष्य में ऐसे किसी भी हादसे को रोकने के लिए एक बहुत ही सकारात्मक कदम है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, न्याय की जगी पूरी उम्मीद
हादसे के तुरंत बाद परिजनों ने हरमाड़ा थाने में शिकायत दर्ज करवाई। हरमाड़ा एसएचओ (SHO) उदय यादव और उनकी टीम ने जिस तत्परता के साथ इस jhula accident पर एक्शन लिया है, वह काबिले तारीफ है। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और तेजी से जांच शुरू कर दी है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने पीड़ित परिवार और सोसायटी के निवासियों में न्याय के प्रति एक मजबूत विश्वास जगाया है।
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