झालावाड़ सड़क दुर्घटना: बोलेरो-बाइक की भीषण भिड़ंत, मंदसौर के 4 लोगों की दर्दनाक मौत

झालावाड़। राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर शुक्रवार देर शाम एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। राजस्थान के झालावाड़ जिले में हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में मातम फैला दिया है। इस भयानक झालावाड़ सड़क दुर्घटना (Jhalawar Accident )में बोलेरो और एक मोटरसाइकिल की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें 4 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मरने वालों में से तीन लोग मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। यह सभी लोग राजस्थान से अपना काम खत्म करके वापस मध्य प्रदेश अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में मौत ने उन्हें अपना शिकार बना लिया।
हादसे की खौफनाक दास्तां: दोनों गाड़ियों के उड़े परखच्चे
यह रोंगटे खड़े कर देने वाला झालावाड़ सड़क दुर्घटना (Jhalawar Accident) झालावाड़ जिले के गंगधार थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे के आस-पास हुआ। डीएसपी हेमंत गौतम ने इस घटना की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि डग-चौमहला रोड पर स्थित करनपुरा गांव के पास यह जानलेवा भिड़ंत हुई।
जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार डग से गंगधार की ओर जा रहे थे, जबकि तेज रफ्तार बोलेरो गंगधार से डग की तरफ आ रही थी। करनपुरा गांव के नजदीक एक घुमाव पर दोनों वाहन अनियंत्रित हो गए और उनके बीच सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक पूरी तरह से चकनाचूर हो गई और बोलेरो का आगे का हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस झालावाड़ सड़क दुर्घटना (Jhalawar Accident) के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
बैग में मिले आधार कार्ड से हुई मृतकों की शिनाख्त
सूचना मिलते ही गंगधार थाने की पुलिस टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से खून से लथपथ शवों को घटनास्थल से उठाया और उन्हें तुरंत चौमहला के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी (शवगृह) में रखवाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के पास मौजूद एक बैग की जब तलाशी ली गई, तो उसमें से 3 आधार कार्ड बरामद हुए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर इस झालावाड़ सड़क दुर्घटना (Jhalawar Accident)के तीन मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के निवासियों के रूप में हुई है। मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
राजपाल (पुत्र परबत सिंह) – निवासी झांगरिया गांव, थाना सीतामऊ (मंदसौर)
जवाहरलाल (पुत्र रामचंद्र) – निवासी झांगरिया गांव, थाना सीतामऊ (मंदसौर)
नरेश (पुत्र कालूलाल) – निवासी उदयपुर गांव (मंदसौर)
खबर लिखे जाने तक चौथे मृतक के पास से कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिलने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस उसकी पहचान के लिए आसपास के थानों में सूचना भिजवा चुकी है।
एक ही बाइक पर बैठे थे 4 लोग, लापरवाही बनी काल

प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस को जो जानकारी दी, वह यातायात नियमों की एक बड़ी अनदेखी की तरफ इशारा करती है। बताया जा रहा है कि इस भयानक झालावाड़ सड़क दुर्घटना (Jhalawar Accident) के समय चारों मृतक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे। एक ही दोपहिया वाहन पर चार लोगों का बैठना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे वाहन का संतुलन भी बिगड़ जाता है। अंदेशा जताया जा रहा है कि ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के कारण ही बाइक सवार अपना संतुलन खो बैठे और सामने से आ रही बोलेरो से जा टकराए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डग-चौमहला रोड पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों का कहर देखने को मिलता है। इस मार्ग पर घुमावदार रास्तों के कारण हादसों का अंदेशा बना रहता है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर गति सीमा और चेतावनी बोर्ड निर्धारित करने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों पर लगाम लगाई जा सके।
मंदसौर के सीतामऊ क्षेत्र में पसरा मातम
हादसे के बाद गंगधार थाना अधिकारी अमरनाथ योगी ने आधार कार्ड पर दर्ज पते के आधार पर सीतामऊ पुलिस से संपर्क साधा और मृतकों के परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दी। जैसे ही मंदसौर के झांगरिया और उदयपुर गांव में यह खबर पहुंची, परिवारों में चीख-पुकार मच गई। पूरे क्षेत्र में मातम का सन्नाटा पसर गया है।
पुलिस ने बताया है कि शनिवार सुबह परिजनों के चौमहला अस्पताल पहुंचने के बाद ही शवों की अधिकृत शिनाख्त और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिए जाएंगे। फिलहाल पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया है और इस झालावाड़ सड़क दुर्घटना (Jhalawar Accident)के असल कारणों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।
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