जोधपुर नशा तस्करी मिर्च के अंदर नशा ! 1 मिर्च की कीमत ₹5000, जोधपुर से हैदराबाद तक फैला ड्रग्स का नेटवर्क

जोधपुर नशा तस्करी
जोधपुर। राजस्थान की सूर्य नगरी से नशा तस्करों के अजीबोगरीब और बेहद शातिर प्रयोग का मामला सामने आया है। जोधपुर नशा तस्करी के इस नए तरीके ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के भी होश उड़ा दिए हैं। मथानिया इलाके से हरी मिर्च के भीतर MD (Mephedrone) ड्रग्स और स्मैक छिपाकर हैदराबाद भेजने की एक बड़ी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए तस्करों ने सब्जी का सहारा लिया।
मिर्च के भीतर ड्रग्स: ₹5000 की एक मिर्च
जोधपुर NCB के डायरेक्टर घनश्याम सोनी ने इस गिरोह की कार्यप्रणाली का एक वीडियो साझा किया है। जोधपुर नशा तस्करी में शामिल इन अपराधियों ने बड़ी हरी मिर्चों को बीच से चीरा लगाकर उनमें ड्रग्स की छोटी-छोटी पुड़ियाँ छिपाई थीं।
जांच में यह बात निकलकर आई कि मिर्च के आकार के अनुसार उसमें नशा भरा गया था। किसी मिर्च में दो तो किसी में चार-पांच पुड़ियाँ तक बरामद हुई हैं। बाजार में इन नशीले पदार्थों की ऊंची मांग के कारण, नशीली पुड़ियों वाली एक मिर्च की कीमत 4000 से 5000 रुपये तक आंकी गई है।
जांबाज ड्राइवर की सतर्कता से खुला राज
इस हाईटेक जोधपुर नशा तस्करी का खुलासा किसी नाकेबंदी में नहीं, बल्कि एक प्राइवेट बस ड्राइवर की सूझबूझ से हुआ। जोधपुर से हैदराबाद जा रही एक बस के ड्राइवर को पार्सल की पैकिंग पर शक हुआ। जब उसने पार्सल खोलकर देखा, तो उसमें केवल हरी मिर्च दिखाई दी।
संदेह गहराने पर ड्राइवर ने जब एक मिर्च को बीच से काटा, तो अंदर का नजारा देख वह दंग रह गया। मिर्च के भीतर फॉयल पेपर में लिपटे हुए MD ड्रग्स के क्रिस्टल और स्मैक भरी हुई थी। ड्राइवर ने तुरंत इस जोधपुर नशा तस्करी का वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
धमकी देकर भागा आरोपी
वीडियो बनाने के दौरान ही एक अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचा और ड्राइवर से पार्सल मांगने लगा। जब ड्राइवर ने मिर्च के अंदर नशा होने की बात कही, तो आरोपी ने उसे डराते हुए कहा, “तुझे पार्सल लाने के पैसे मिल गए हैं, अपना काम कर।” इसके बाद वह व्यक्ति पार्सल लेकर फरार हो गया। हालांकि, बस ड्राइवर ने बिना डरे तुरंत हैदराबाद पुलिस और NCB को इस संदिग्ध गतिविधि की सूचना दे दी।
NCB की अपील: समाज को बचाना सबकी जिम्मेदारी
NCB डायरेक्टर ने वीडियो संदेश के माध्यम से जनता से अपील की है कि जोधपुर नशा तस्करी जैसे अपराधों को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा:
किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत NCB हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस को दें।
समाज को नशे के इस जाल से बचाने के लिए ट्रांसपोर्टर्स और आम नागरिक सतर्क रहें।
युवाओं को इस जहर से दूर रखने के लिए जागरूकता जरूरी है।
तस्करी का पुराना गढ़ बनता जा रहा इलाका
जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में बसों के माध्यम से तस्करी के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय हैं:
22 दिसंबर: एक निजी बस से करीब 97 किलो डोडा पोस्त जब्त किया गया था, जिसमें तीन गिरफ्तारियां हुई थीं।
10 मई: मध्य प्रदेश के नीमच में जोधपुर से गई बस से 8 किलो अफीम का दूध बरामद हुआ था।
इन वारदातों से स्पष्ट है कि तस्कर अब जांच से बचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। जोधपुर नशा तस्करी के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस अब पार्सल भेजने वालों की तलाश में जुट गई है।
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