खाटूश्यामजी में ‘Khatu Gang’ का अंत: 10 महिलाओं समेत गिरोह के 18 सदस्य गिरफ्तार, ससुर-बहू मिलकर उड़ाते थे सोने की चेन

Khatu Gang
सीकर| राजस्थान के सीकर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में नए साल के जश्न के बीच पुलिस ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सीकर पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन चलाकर शातिर Khatu Gang के 18 सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। इस गिरोह की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसमें परिवार के सदस्य—ससुर, बेटा और बहू—एक साथ मिलकर अपराध को अंजाम देते थे। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली है।
भीड़ का फायदा उठाती थी यह शातिर ‘Khatu Gang’
नए साल और एकादशी जैसे मौकों पर खाटूश्यामजी में लाखों की तादाद में भक्त पहुँचते हैं। इसी भीड़ का फायदा उठाकर यह Khatu Gang सक्रिय होती थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह में महिलाएं अग्रिम पंक्ति में रहती थीं। ये 10 महिलाएं मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों पर ग्रुप बनाकर खड़ी हो जाती थीं और जैसे ही कोई ‘टारगेट’ (सोने की चेन पहना हुआ श्रद्धालु) पास आता, उसे चारों तरफ से घेर लेती थीं।
धक्का-मुक्की और बातों में उलझाने के दौरान ये महिलाएं बड़ी सफाई से सोने की चेन काटकर अपने पास खड़े पुरुष साथियों को थमा देती थीं। पुरुषों का काम उस चेन को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुँचाना होता था, ताकि यदि महिलाओं की तलाशी भी ली जाए, तो उनके पास से कुछ बरामद न हो। यह Khatu Gang इतनी संगठित थी कि पुलिस के लिए इन्हें रंगे हाथों पकड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
सादा वर्दी में पुलिस का ‘सीक्रेट ऑपरेशन’
खाटूश्यामजी के थानाधिकारी (SHO) पवन कुमार चौबे ने बताया कि पिछले कुछ समय से मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में चेन स्नेचिंग की शिकायतें बढ़ रही थीं। शिकायतों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हो गया था कि कोई संगठित गिरोह यहाँ सक्रिय है। इसी के मद्देनजर, पुलिस ने नए साल पर एक विशेष रणनीति तैयार की।
इस बार DST टीम के इंचार्ज वीरेंद्र यादव और कैलाश चंद यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को सादा कपड़ों (Civil Dress) में तैनात किया गया। ये पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के बीच ही घुल-मिल गए और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने लगे। जैसे ही पुलिस की टीम ने Khatu Gang के सदस्यों की संदिग्ध हरकतों को नोट किया, घेराबंदी कर उन्हें एक-एक करके दबोच लिया गया। पुलिस की इस मुस्तैदी का परिणाम यह रहा कि नए साल के दौरान इतनी भीड़ होने के बावजूद चोरी की एक भी वारदात सफल नहीं हो पाई।
हरियाणा और यूपी से जुड़े हैं गिरोह के तार
गिरफ्तार किए गए 18 आरोपियों में से अधिकांश हरियाणा और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस द्वारा पकड़ी गई इस Khatu Gang में भूमिका (20), पिंकी (27), पूजा (28), टीना (29), शर्मिला (37), ज्योति (30), काजल (20), राखी कुमारी (23), दर्शना (40) और कोमल (22)

जैसी महिलाएं शामिल हैं।

वहीं पुरुषों में जयपाल (62), राजकुमार (30), जयकरण (34), मोहनसिंह (24), दीपक (22), भरतपाल (21), रोहित (24) और प्रवीण चौहान शामिल हैं। पूछताछ में पता चला है कि ये सभी आरोपी हरियाणा के पटौदी और फिरोजपुर जैसे इलाकों से किराए की गाड़ियाँ लेकर खाटूश्यामजी पहुँचते थे। इनका मकसद केवल भीड़भाड़ वाले दिनों में आकर वारदात करना और फिर तुरंत फरार हो जाना था। Khatu Gang का यह मॉडल पूरी तरह से पेशेवर और जोखिम मुक्त तरीके से डिजाइन किया गया था।
7-8 महीनों से राजस्थान में था आतंक
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे पिछले सात-आठ महीनों से राजस्थान के विभिन्न धार्मिक मेलों में सक्रिय थे। खाटूश्यामजी के अलावा वे अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों को भी निशाना बनाते थे। लेकिन सीकर पुलिस की पैनी नजर और रणनीतिक योजना ने इस बार Khatu Gang के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे राज्य में हुई अन्य बड़ी चोरी और लूट की वारदातों का भी खुलासा होने की प्रबल संभावना है। पुलिस अब उन ज्वेलर्स और खरीदारों की भी तलाश कर रही है जिन्हें यह Khatu Gang चोरी का माल बेचती थी।
यह कार्रवाई न केवल सीकर पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि आस्था के केंद्रों पर भक्तों को निशाना बनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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