मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ एक जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे दो दोस्त सड़क हादसे का शिकार हो गए। शनिवार देर रात हुए इस मंदसौर दुर्घटना (Mandsaur Accident) ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
बाजखेड़ी फंटे पर एक बेकाबू और तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण भिड़ंत में एक युवक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा साथी अपनी आखिरी सांसों के लिए अस्पताल में संघर्ष कर रहा है।
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशुतोष चौहान (पुत्र प्रकाश चौहान) और उनका मित्र हिमांशु गुर्जर शनिवार की रात सीतामऊ क्षेत्र में अपने एक परिचित का जन्मदिन मनाने गए थे। खुशियों भरे माहौल में वक्त बिताने के बाद, दोनों युवक अपनी मोटरसाइकिल (क्रमांक MP14MV 7031) पर सवार होकर वापस मंदसौर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतज़ार कर रही है।
जैसे ही वे बाजखेड़ी फंटे के समीप पहुँचे, अचानक सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर (क्रमांक MH 04 CM 1711) ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस मंदसौर दुर्घटना (Mandsaur Accident) की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और आशुतोष चौहान डंपर के पहियों के नीचे आ गए।
टक्कर की आवाज़ सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक आशुतोष के प्राण पखेरू उड़ चुके थे।
घायल की हालत नाजुक, भीलवाड़ा रेफर
हादसे में घायल हिमांशु गुर्जर की हालत भी बेहद गंभीर बनी हुई है। घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और एम्बुलेंस की मदद से हिमांशु को मंदसौर जिला अस्पताल पहुँचाया।
डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि हिमांशु को अंदरूनी चोटें आई हैं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी स्थिति स्थिर नहीं है। प्राथमिक उपचार के बाद, बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों ने उसे तत्काल राजस्थान के भीलवाड़ा रेफर कर दिया है।
पुलिस की कार्रवाई: डंपर जब्त, आरोपी फरार
इस मंदसौर दुर्घटना (Mandsaur Accident) की जानकारी मिलते ही नई आबादी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और दुर्घटना में शामिल डंपर को अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि, हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी डंपर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा।
पुलिस ने डंपर के दस्तावेजों और नंबर प्लेट के आधार पर वाहन मालिक की पहचान कर ली है और चालक की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। रविवार सुबह मृतक आशुतोष के शव का पोस्टमार्टम कर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है।
भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर सवाल
यह मंदसौर दुर्घटना (Mandsaur Accident) कोई पहली घटना नहीं है जब मंदसौर की सड़कों पर भारी वाहनों ने मासूमों की जान ली हो। बाजखेड़ी फंटा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय डंपर और ट्रक चालक अक्सर निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस की गश्त और चेक-पोस्ट की कमी के कारण ये चालक मनमर्जी से वाहन चलाते हैं, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
आशुतोष के परिवार में इस घटना के बाद से कोहराम मचा हुआ है। जिस घर में शनिवार सुबह तक जन्मदिन की बातें हो रही थीं, वहां अब सिर्फ सिसकियाँ और सन्नाटा है। इस मंदसौर दुर्घटना Mandsaur Accident ने एक बार फिर प्रशासन को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक सड़कों पर इस तरह खून बहता रहेगा।
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