Mangalam Jewellers Fire में 65 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत, पूजा के दौरान हुआ दिल दहला देने वाला हादसा

Mangalam Jewellers Fire

Mangalam Jewellers Fire

नीमच: शहर के ह्रदय स्थल कहे जाने वाले घंटाघर इलाके में शनिवार की शाम एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। प्रसिद्ध मंगलम ज्वेलर्स Mangalam Jewellers Fire की घटना ने पूरे शहर को सन्न कर दिया। इस भीषण आगजनी में ज्वेलर्स के परिवार की एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब घर में संध्या वंदन और पूजा का दौर चल रहा था। खुशियों और सुख-शांति के लिए जलाया गया पूजा का दीपक ही इस विनाशकारी आग का कारण बना, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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पूजा की थाली से भड़की विनाशकारी लपटें

(वीडियो स्त्रोत : इंस्टाग्राम यूजर neemuch_newzo)

Mangalam Jewellers Fire घटना शनिवार शाम की है। नीमच के सबसे व्यस्ततम बाजार घंटाघर क्षेत्र में स्थित मंगलम ज्वेलर्स की इमारत की पहली मंजिल पर अचानक आग की लपटें उठने लगीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ज्वेलरी शोरूम के ठीक ऊपर दुकान मालिक मनीष सिंहल का निवास स्थान है।

शनिवार शाम को मनीष सिंहल की सास, 65 वर्षीय ललितादेवी पत्नी प्रेमचंद्र अग्रवाल, जो मूल रूप से भीलवाड़ा की निवासी थीं, पूजा कर रही थीं। बताया जा रहा है कि पूजा के दौरान प्रज्वलित दीपक से अचानक किसी ज्वलनशील वस्तु ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी पहली मंजिल धुएं के गुबार और लपटों में घिर गई।

मौके पर अफरा-तफरी और रेस्क्यू ऑपरेशन

Mangalam Jewellers Fire की खबर फैलते ही घंटाघर जैसे व्यस्त बाजार में हड़कंप मच गया। आग की लपटें देखकर आसपास के व्यापारियों और राहगीरों में भगदड़ मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया।

चूंकि घटना शाम के वक्त हुई थी, इसलिए बाजार में भारी भीड़ थी। संकरी गलियों और भीड़ के कारण दमकल की गाड़ियों को मौके पर पहुँचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन दमकल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक ललितादेवी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस चुकी थीं।

उदयपुर ले जाते समय हारीं जिंदगी की जंग

Mangalam Jewellers Fire बुझने के बाद परिजनों और बचाव दल ने ललितादेवी को अचेत अवस्था में बाहर निकाला। उनकी हालत बेहद गंभीर थी। उन्हें आनन-फानन में नीमच के स्थानीय निजी अस्पताल ले जाया गया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल उदयपुर (राजस्थान) के लिए रेफर कर दिया।

एंबुलेंस के जरिए उन्हें उदयपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रास्ते में ही ललितादेवी ने दम तोड़ दिया। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। भीलवाड़ा से अपनी बेटी के घर आईं ललितादेवी के साथ हुए इस हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।

पुलिस जांच: दीपक या शॉर्ट सर्किट ?

यद्यपि प्रारंभिक प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के बयानों के आधार पर यह माना जा रहा है कि आग पूजा के दीपक से लगी थी, लेकिन पुलिस प्रशासन हर पहलू से जांच कर रहा है। नीमच सिटी पुलिस का कहना है कि आग लगने के कारणों में शॉर्ट सर्किट की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। फॉरेंसिक टीम और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग इतनी तेजी से कैसे फैली और क्या घर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।

बाजार में सुरक्षा पर सवाल

नीमच के घंटाघर क्षेत्र में Mangalam Jewellers Fire की यह घटना शहर के पुराने बाजारों में फायर सेफ्टी की पोल भी खोलती है। संकरी गलियों में बनी बहुमंजिला इमारतों में नीचे दुकानें और ऊपर रिहायश होने के कारण आगजनी की घटनाओं में जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पर भी दबाव है कि वे व्यापारिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य करें।

फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा जाएगा। इस दुखद घटना के बाद रविवार को शहर के कई व्यापारियों ने शोक व्यक्त किया है।


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