Meditation Day 2025: नीमच पुलिस को मिली ‘संजीवनी’, 3 दिवसीय अनूठा प्रयोग शुरू

Meditation Day

Meditation Day

नीमच : तनाव भरी ड्यूटी और भागदौड़ के बीच नीमच पुलिस के लिए Meditation Day (ध्यान दिवस) एक नई उम्मीद लेकर आया है। वर्दी के कड़े अनुशासन के बीच अब ‘आंतरिक शांति’ को जगह दी जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को नीमच पुलिस कंट्रोल रूम में एक ऐसे बदलाव की नींव रखी गई, जो पुलिसिंग के मायने बदल सकता है।

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पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अंकित जायसवाल की विशेष पहल पर, आगामी Meditation Day (21 दिसंबर) के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय विशेष ध्यान योग कार्यशाला का आगाज हुआ। यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि पुलिस महकमे के लिए ‘मेंटल हेल्थ बूस्टर’ है।

खाकी के लिए ‘ध्यान’ की डोज क्यों?

“हर दिल ध्यान, हर दिन ध्यान”—इसी मंत्र के साथ हार्टफुलनेस संस्था (Heartfulness Institute) और मप्र पुलिस ने हाथ मिलाया है। अक्सर हम देखते हैं कि पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी के दबाव में रहते हैं, जिसका सीधा असर उनके व्यवहार और परिवार पर पड़ता है। Meditation Day के बहाने शुरू हुआ यह अभियान इसी तनाव को जड़ से खत्म करने की कोशिश है।

शुक्रवार को कार्यशाला के पहले दिन, हार्टफुलनेस संस्था की समन्वयक श्रीमती दीपाली अरोरा ने पुलिस अधिकारियों को तनावमुक्ति के वैज्ञानिक तरीके समझाए। उन्होंने बताया कि कैसे Meditation Day को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर पुलिसकर्मी न केवल शांत रह सकते हैं, बल्कि अपनी ड्यूटी को और अधिक प्रभावशाली बना सकते हैं।

कंट्रोल रूम से थानों तक पहुंचा ‘सुकून’

यह अभियान केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं है। जिले के हर थाने में आज एक अलग ही नजारा था। जहाँ आमतौर पर अपराधियों की धरपकड़ की चर्चा होती है, वहां आज पुलिसकर्मी आंखें बंद कर अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करते नजर आए।

विशेषज्ञों ने पुलिसकर्मियों को सिखाया कि:

  • गुस्से पर काबू कैसे पाएं: जिससे जनता के साथ संवाद सुधरे।

  • फोकस कैसे बढ़ाएं: ताकि विवेचना (Investigation) में गलती न हो।

  • तनाव और नशे से दूरी: मानसिक शांति मिलने पर नकारात्मक आदतों की जरूरत नहीं रहती।

21 दिसंबर: महा-अभियान का दिन

इस तीन दिवसीय कार्यशाला का चरमोत्कर्ष रविवार, 21 दिसंबर को Meditation Day के मुख्य आयोजन के रूप में देखने को मिलेगा। इस दिन सुबह 10:00 बजे पूरा नीमच पुलिस परिवार—एसपी ऑफिस से लेकर सुदूर थानों तक—एक साथ, एक समय पर ‘सामूहिक ध्यान’ करेगा।

यह दृश्य अपने आप में ऐतिहासिक होगा जब कानून के रक्षक, खुद की रक्षा (मानसिक स्वास्थ्य) के लिए एक साथ ध्यान मुद्रा में बैठेंगे। यह पहल बता रही है कि एक ‘स्मार्ट पुलिस’ वही है जो शारीरिक रूप से फिट हो और मानसिक रूप से हिट हो।


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