मोरवन फैक्ट्री हिंसा: बड़ा एक्शन! 30 नामजद, दो स्थानीय नेता राजकुमार और पूरण अहीर ‘मुख्य साज़िशकर्ता’ घोषित
पुलिस ने इस मामले में फैक्ट्री मैनेजर और पटवारी की शिकायत पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जिनकी जांच अब एक संयुक्त टीम द्वारा की जा रही है।
दो FIR, 30 से अधिक आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिंसा के बाद फील्ड मैनेजर विपिन मिश्रा और मोरवन हल्का नंबर 25 के पटवारी विष्णु पाटीदार की शिकायत पर रतनगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत डिकेन चौकी में दो प्राथमिकियाँ दर्ज की गईं। दोनों FIR में आरोप समान हैं, जिसके चलते पुलिस अब संयुक्त जांच कर रही है।
नामजद आरोपियों में मुख्य रूप से राजकुमार अहीर (राजस्व कॉलोनी, नीमच) और पूरणमल अहीर (बावल, जावद) शामिल हैं। इनके अलावा, करीब 30 अन्य पुरुष और महिलाएं भी नामजद की गई हैं, जिनमें विनोद कछावा, वीरेंद्र सिंह राजपूत, देवीलाल जाट, अमरसिंह बंजारा, जूनीशंकर अहीर, और सरोज जाट आदि शामिल हैं।
मुख्य नेताओं पर गंभीर धाराएं
पुलिस दस्तावेजों के मुताबिक, राजकुमार अहीर और पूरणमल अहीर ने ही भीड़ को संगठित किया और उन्हें हिंसा के लिए उकसाया। इन दोनों पर न केवल तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप है, बल्कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, बलवा (दंगा) और अन्य गंभीर धाराओं सहित करीब एक दर्जन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
हिंसा के दौरान भीड़ ने फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल निर्माण को रोकने की कोशिश की, गाली-गलौज, झूमाझटकी और पत्थरबाजी की। इस दौरान फैक्ट्री की दो जेसीबी मशीनें, एक मिक्सर ट्रक और एक महिंद्रा एक्सयूवी गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दी गईं। घटना में फील्ड मैनेजर विपिन मिश्रा और पटवारी विष्णु पाटीदार घायल हुए थे।
आरोपियों का खंडन, पुलिस की दबिश
मामले में नामजद किए गए जनपद सदस्य पूरणमल अहीर ने बयान जारी कर हिंसा में शामिल होने की बात से साफ इनकार किया है, जबकि दूसरे मुख्य आरोपी राजकुमार अहीर ने भी मौके पर उपस्थिति का खंडन करते हुए लोगों से आंदोलन शांतिपूर्ण रखने की अपील की है।
थाना रतनगढ़ पुलिस ने हिंसा में शामिल अधिकांश आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मोरवन, बावल और राजनगर क्षेत्र में दबिशें देनी शुरू कर दी हैं। खबर लिखे जाने तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने जांच तेज़ कर दी है।
Beta feature


