नीमच कैश वैन हादसा में गार्ड की तड़प-तड़प कर मौत, सिस्टम फेल

नीमच कैश वैन हादसा

नीमच कैश वैन हादसा

नीमच/रतनगढ़। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलता एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। रतनगढ़ के डाक बंगला चौराहा पर एक सुरक्षा गार्ड की अपनी ही सर्विस गन से गोली लगने के कारण मौत हो गई। इस नीमचकैश वैन हादसा ने न केवल पुलिस महकमे को चौंका दिया है, बल्कि स्थानीय सरकारी अस्पताल की बदहाली को भी उजागर कर दिया है।

Shubham Solar Solution

ड्यूटी के दौरान अचानक हुआ फायर

जानकारी के अनुसार, मृतक मांगीलाल धाकड़ (निवासी जिला रतलाम) सेंट्रल बैंक की कैश डिलीवरी वैन में बतौर सुरक्षा गार्ड तैनात थे। घटना के वक्त वैन रतनगढ़ इलाके में थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक एक धमाके की आवाज़ आई और मांगीलाल लहूलुहान होकर नीचे गिर पड़े। जांच में पता चला कि उनकी 12 बोर की लोडेड बंदूक का सेफ्टी बटन अचानक दब गया या तकनीकी खराबी के कारण ट्रिगर दब गया, जिससे गोली सीधे उनके कूल्हे में जा धंसी।

यह नीमच कैश वैन हादसा इतना अचानक हुआ कि वैन में मौजूद अन्य कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और घायल गार्ड को तुरंत स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

इलाज के लिए तड़पते रहे, पर डॉक्टर थे गायब

इस पूरी घटना का सबसे काला पक्ष अस्पताल में देखने को मिला। जब घायल मांगीलाल को अस्पताल लाया गया, तब वहां तैनात चिकित्सक प्रांकुर यादव मौके से गायब थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में कोई भी ऐसा जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था जो इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार दे सके। काफी देर तक गार्ड खून से लथपथ हालत में अस्पताल के फर्श पर तड़पता रहा।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर इस नीमच कैश वैन हादसा के तुरंत बाद मांगीलाल को टांके लग जाते या उनका खून बहना रोक दिया जाता, तो आज वह जीवित होते। सिस्टम की इसी सुस्ती ने एक हंसते-खेलते परिवार का सहारा छीन लिया।

रास्ते में तोड़ दिया दम, लोगों में उबाल

गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बिना ही उन्हें नीमच जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन समय इतना ज्यादा बीत चुका था कि शरीर से काफी खून बह गया। नीमच ले जाते समय जावी गांव के पास मांगीलाल की सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई, जिससे ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।

जांच के घेरे में सुरक्षा और सिस्टम

पुलिस ने इस नीमच कैश वैन हादसा के बाद मर्ग कायम कर लिया है। अब जांच इस बिंदु पर भी की जा रही है कि क्या सुरक्षा गार्डों को दी जाने वाली बंदूकें मानकों पर खरी उतरती हैं? साथ ही, कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से मांग की जा रही है कि ड्यूटी के दौरान गायब रहने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, क्षेत्र में इस दुखद घटना को लेकर गहरा शोक व्याप्त है।


यह भी पढ़ें: Bengaluru Police का इंस्पेक्टर ₹4 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, बीच सड़क पर किया भयंकर ड्रामा!

हो सकता है आप चूक गए हों