Neemuch Exam Rules: नीमच में बोर्ड परीक्षाओं के लिए चक्रव्यूह तैयार, परीक्षा केंद्रों के पास धारा 163 लागू; नियम तोड़ा तो खैर नहीं

Neemuch Exam Rules
नीमच। मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का सीजन शुरू होते ही प्रशासन पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। नीमच जिले में माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित होने वाली हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं की शुचिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री हिमांशु चंद्रा ने कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है—नकल विहीन परीक्षा और विद्यार्थियों के लिए एक तनावमुक्त वातावरण।
इन नए Neemuch Exam Rules के तहत जिले के सभी परीक्षा केंद्रों को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। कलेक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (जो पहले धारा 144 के रूप में जानी जाती थी) का प्रयोग करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा की मर्यादा भंग करने की कोशिश करने वालों पर सीधी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
100 मीटर का सुरक्षा घेरा: परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के चारों ओर 100 मीटर की परिधि को ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’ घोषित कर दिया है। Neemuch Exam Rules के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के ठीक दो घंटे पहले से लेकर परीक्षा की समाप्ति तक इस दायरे में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। अक्सर देखा जाता है कि केंद्रों के बाहर अभिभावकों और अन्य लोगों की भीड़ जमा हो जाती है, जिससे न केवल परीक्षार्थियों को असुविधा होती है, बल्कि असामाजिक तत्वों को भी गड़बड़ी करने का मौका मिलता है। अब ऐसी किसी भी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस बल को खुली छूट दी गई है।
खोमचा और लारी पर प्रतिबंध: अब नहीं लगेगी भीड़
बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अक्सर केंद्रों के बाहर खाने-पीने की दुकानों और ठेलों पर जमावड़ा लगा रहता है। इस बार Neemuch Exam Rules ने इन पर भी कैंची चलाई है। 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का खोमचा, लारी या अस्थायी दुकान लगाना प्रतिबंधित है। इसका सीधा संदेश है कि परीक्षा केंद्र के आसपास केवल छात्र और अधिकृत कर्मचारी ही नजर आने चाहिए। यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है ताकि भीड़ की आड़ में नकल की सामग्री या मोबाइल जैसा सामान अंदर न पहुंचाया जा सके।
डिजिटल युग में ‘नो मोबाइल’ पॉलिसी
मोबाइल फोन आज की तारीख में नकल का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। इसी खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने Neemuch Exam Rules के जरिए मोबाइल के उपयोग पर डिजिटल स्ट्राइक की है। आदेश के मुताबिक, परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी परीक्षार्थी, शिक्षक या सहायक कर्मचारी को मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं होगी। इस नियम में केवल एक ही अपवाद है—कलेक्टर प्रतिनिधि। केवल अधिकृत प्रतिनिधि ही संचार के लिए मोबाइल रख सकेंगे, लेकिन वे भी परीक्षा कक्ष के भीतर इसका अनावश्यक प्रयोग नहीं करेंगे।
छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा का विशेष ध्यान
नकल रोकने की प्रक्रिया में अक्सर संवेदनशीलता की कमी देखी जाती है, लेकिन नीमच प्रशासन ने यहाँ सतर्कता दिखाई है। Neemuch Exam Rules में स्पष्ट लिखा गया है कि किसी भी छात्रा की तलाशी केवल महिला शिक्षिकाओं द्वारा ही ली जाएगी। इसके साथ ही, सामूहिक नकल को रोकने के लिए विशेष उड़नदस्ते (Flying Squads) तैनात किए गए हैं। यदि कहीं भी 5 या उससे अधिक अनाधिकृत लोग समूह में खड़े मिले, तो उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोलाहल पर नियंत्रण: विद्यार्थियों को चाहिए शांति
पढ़ाई के समय और परीक्षा के दौरान लाउडस्पीकर का शोर छात्रों के लिए सबसे बड़ी बाधा होता है। म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 10 का हवाला देते हुए, कलेक्टर ने Neemuch Exam Rules में ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। गृह विभाग के निर्देशों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति नियमों के विरुद्ध तेज आवाज में डीजे या लाउडस्पीकर बजाता है, तो उसका उपकरण जब्त करने के साथ-साथ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कानून का डंडा: जेल की हवा खा सकते हैं नियम तोड़ने वाले
प्रशासन केवल चेतावनी देकर नहीं रुक रहा है। Neemuch Exam Rules का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। प्रशासन का यह ‘रफ एंड टफ’ रवैया इसलिए जरूरी है क्योंकि बीते सालों में पेपर लीक और सामूहिक नकल जैसी घटनाओं ने पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। Neemuch Exam Rules प्रशासन की ईमानदारी और जीरो-टॉलरेंस नीति का प्रमाण है कि वह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी ‘सिस्टम’ को कुचलने के लिए तैयार है।
निष्कर्ष के तौर पर, नीमच में इस बार बोर्ड परीक्षाएं केवल एक शैक्षणिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अनुशासन की परीक्षा भी हैं। कलेक्टर के ये Neemuch Exam Rules उन सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी हैं जो परीक्षा प्रणाली को हल्के में लेते हैं। विद्यार्थियों के लिए सलाह यही है कि वे बिना किसी डर के परीक्षा दें, क्योंकि प्रशासन उनकी सुरक्षा और निष्पक्षता के लिए मैदान में डटा हुआ है।

