नीमच (Neemuch News) । Neemuch Mandi Open वित्तीय वर्ष 2025-26 अपने अंतिम पड़ाव पर है। मार्च महीने की क्लोजिंग के कारण अक्सर बैंकों में लगातार छुट्टियों का दौर शुरू हो जाता है। ऐसे में अपनी पकी हुई उपज बेचने की तैयारी कर रहे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आना स्वाभाविक था।
लेकिन, मध्य प्रदेश के नीमच जिले के किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। जिला और मंडी प्रशासन के एक अहम फैसले के बाद यह तय हो गया है कि 27 से 29 मार्च तक बैंक बंद रहने के बावजूद नीमच मंडी खुली (Neemuch Mandi Open) रहेगी। किसानों को अब अपनी फसल बेचने और उसका पैसा पाने के लिए बैंकों के दोबारा खुलने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
भोपाल मंडी बोर्ड के सख्त निर्देश और प्रशासन की पहल
यह देखा जाता है कि जब भी बैंकों में लगातार दो या तीन दिन का सरकारी अवकाश होता है, तो कृषि उपज मंडियों में भी व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। व्यापारी नकद भुगतान करने में असमर्थता जताते हैं और इसके चलते मंडियों में अघोषित ताले लग जाते हैं। लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है।
भोपाल स्थित मंडी बोर्ड के आयुक्त सह प्रबंध संचालक ने किसानों की जमीनी समस्याओं और वित्तीय वर्ष के अंत में मंडी समिति की आय को ध्यान में रखते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के पालन में ही यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी सूरत में किसानों का काम न रुके औरनीमच मंडी खुली (Neemuch Mandi Open) रहे।
मंडी प्रशासन और नीमच व्यापारी संघ के बीच हुई एक लंबी और सकारात्मक समन्वय बैठक के बाद यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है कि इन तीन दिनों (27, 28 और 29 मार्च) में नीलामी का कार्य पूरी तरह से सुचारू रूप से चलता रहेगा।
किसानों को नहीं करना होगा लंबा इंतजार
मार्च का महीना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। रबी की फसल कटने के बाद किसान उसे सीधे मंडी लेकर पहुंचते हैं ताकि उन्हें अपनी साल भर की मेहनत का उचित दाम मिल सके। इसी पैसे से उन्हें अपने पुराने कर्ज, खाद-बीज का उधार या अन्य लेन-देन चुकता करने होते हैं।
इस विशेष व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यही है कि किसानों को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में अपनी ही उपज का पैसा पाने के लिए लंबा और थका देने वाला इंतजार न करना पड़े। हर हाल में मंडी का संचालन जारी रखने और नीमच मंडी खुली (Neemuch Mandi Open) रखने का यह निर्णय इसी दिशा में उठाया गया एक किसान-हितैषी कदम है।
भुगतान की पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था: कैसे मिलेगा पैसा?
अब सबसे बड़ा सवाल जो हर किसान के मन में उठ रहा होगा, वह यह है कि जब बैंक बंद हैं तो उपज का भुगतान (Payment) कैसे होगा? इस उलझन को सुलझाते हुए नीमच मंडी सचिव उमेश बसेड़िया (शर्मा) ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
उन्होंने बताया कि नीलामी के बाद मंडी व्यापारियों के पास जो भी नकद राशि (Cash) उपलब्ध होगी, उसके अनुसार किसानों को मौके पर ही नकद भुगतान किया जाएगा। वहीं, जो शेष राशि बचेगी, उसे लेकर किसानों को घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। व्यापारियों द्वारा वह बाकी का पैसा आरटीजीएस (RTGS) या एनईएफटी (NEFT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में सुरक्षित तरीके से ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
चूंकि बैंक हॉलिडे के दौरान भी रिज़र्व बैंक के डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन क्लियरिंग सिस्टम 24×7 काम करते हैं, इसलिए यह व्यवस्था बेहद कारगर साबित होगी। यह सिस्टम सुनिश्चित करता है कि नीमच मंडी खुली (Neemuch Mandi Open) होने का वास्तविक और सीधा फायदा हमारे अन्नदाताओं को मिले।
पासबुक लाना क्यों है अनिवार्य?
इस नई और पारदर्शी ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए मंडी प्रशासन ने किसानों से एक बेहद खास अपील की है। जो भी किसान भाई 27 से 29 मार्च के बीच अपनी उपज लेकर नीमच मंडी आ रहे हैं, वे अनिवार्य रूप से अपनी बैंक पासबुक (Bank Passbook) की साफ फोटोकॉपी या मूल प्रति अपने साथ जरूर लाएं।
कई बार बैंक खाते की गलत जानकारी या आईएफएससी (IFSC) कोड में एक छोटी सी गलती के कारण भी किसानों का लाखों रुपये का ऑनलाइन पैसा अटक जाता है। अगर किसान पासबुक साथ लाएंगे, तो मंडी कार्यालय में अकाउंट नंबर का मिलान आसानी से हो जाएगा और भुगतान प्रक्रिया में कोई तकनीकी बाधा (Technical Glitch) नहीं आएगी।
प्रशासन बार-बार जोर दे रहा है कि भले ही बैंक बंद हों, लेकिन नीमच मंडी खुली (Neemuch Mandi Open) है और आपका एक-एक पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।
सहयोग की अपील: विवाद से बचें, डिजिटल का साथ दें
अक्सर देखा गया है कि नकद भुगतान पूरा न मिलने पर मंडी परिसरों में किसानों और व्यापारियों के बीच गलतफहमी या विवाद की स्थिति बन जाती है। इसलिए प्रशासन ने पहले ही सभी पक्षों से शांति और पूर्ण सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
मंडी सचिव ने स्पष्ट कहा है कि यह व्यवस्था केवल और केवल किसानों की भलाई के लिए ही लागू की गई है। अगर बैंक बंद होने के कारण आपको नकद पैसा कम मिलता है, तो परेशान होकर विवाद करने के बजाय डिजिटल भुगतान प्रणाली का सहयोग करें। एक जिम्मेदार नागरिक और जागरूक किसान होने के नाते यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम प्रशासन की इस पहल का समर्थन करें ताकि भविष्य में भी ऐसी विपरीत परिस्थितियों में Neemuch Mandi Open रखी जा सके और जिले का कृषि कारोबार बिना थमे रफ्तार भरता रहे।
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