Rah-Veer Yojana Reward: नीमच में इंसानियत की मिसाल, घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को मिलेगा ₹25,000 का इनाम, पुलिस ने भेजा प्रस्ताव

Rah-Veer Yojana Reward
नीमच:- Rah-Veer Yojana Reward अक्सर सड़कों पर हम हादसों को देखते हैं, लेकिन पुलिस के डर या कानूनी पचड़ों में फंसने की घबराहट से लोग मदद करने से कतराते हैं। लेकिन नीमच पुलिस ने इस धारणा को बदलने के लिए एक शानदार पहल की है। यदि आप सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति की मदद करते हैं, तो पुलिस आपको परेशान नहीं करेगी, बल्कि Rah-Veer Yojana Reward के तहत आपको सम्मानित करेगी। इसी कड़ी में नीमच में एक ‘गुड सेमेरिटन’ (नेक इंसान) को 25,000 रुपये का नकद इनाम दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
Rah-Veer Yojana Reward गोल्डन ऑवर में मदद कर वीरेंद्र बने ‘राह-वीर’
Rah-Veer Yojana Reward ताजा मामला नीमच जिले का है, जहाँ इंसानियत का बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला। मालखेड़ा निवासी वीरेंद्र पाटीदार (पिता प्रभुलाल जी पाटीदार) ने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तड़पते हुए नहीं छोड़ा। उन्होंने बिना किसी देरी के घायलों को संभाला और ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के तुरंत बाद का वह एक घंटा जिसमें जान बचने की संभावना सबसे अधिक होती है) के भीतर अस्पताल पहुंचाया।
वीरेंद्र की इस तत्परता से घायलों को समय पर इलाज मिल सका। इस नेक काम को देखते हुए जिला पुलिस ने उन्हें Rah-Veer Yojana Reward देने का फैसला किया है।
थाना प्रभारी से लेकर कलेक्टर तक पहुंची फाइल
Rah-Veer Yojana Reward के इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन ने भी उतनी ही तेजी दिखाई है। नीमच सिटी थाना प्रभारी पुष्पा सिंह चौहान ने घटना की गंभीरता और वीरेंद्र पाटीदार के साहस को देखते हुए तत्काल एक प्रकरण तैयार किया। इसे यातायात थाना प्रभारी सोनू बडगूजर के पास भेजा गया।
यातायात पुलिस ने Rah-Veer Yojana Reward के नियमों के तहत फाइल तैयार कर जिला कलेक्टर कार्यालय नीमच को भेज दी है। अब जल्द ही वीरेंद्र पाटीदार को प्रशासन की ओर से 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यह प्रक्रिया यह साबित करने के लिए काफी है कि प्रशासन अब मददगारों को प्रोत्साहित करने के लिए कितना गंभीर है।
Rah-Veer Yojana Reward क्या है राह-वीर योजना और क्यों है यह महत्वपूर्ण?
पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवलसिंह सिसोदिया और नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) किरण चौहान के निर्देशन में ‘राह-वीर योजना’ का क्रियान्वयन जोर-शोर से किया जा रहा है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। अक्सर देखा जाता है कि समय पर इलाज न मिलने से घायल दम तोड़ देते हैं। Rah-Veer Yojana Reward इसी डर को खत्म करने और लोगों को मदद के लिए आगे आने को प्रेरित करने के लिए शुरू किया गया है।
शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि
मोटरयान सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जो भी नागरिक अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाएगा, उसे ‘गुड सेमेरिटन’ माना जाएगा। ऐसे व्यक्ति को नकद 25,000 रुपये तक की राशि दी जा सकती है।
अब न कोर्ट के चक्कर, न पुलिस की पूछताछ
आम जनता के मन में यह बहुत बड़ा भ्रम है कि घायल की मदद करने पर पुलिस उन्हें गवाह बना लेगी या बार-बार कोर्ट जाना पड़ेगा। नीमच यातायात पुलिस ने साफ किया है कि Rah-Veer Yojana Reward प्राप्त करने वाले या किसी भी मददगार से:
दुर्घटना के संबंध में कोई पूछताछ या कथन (Statement) नहीं लिए जाते।
उन्हें साक्ष्य या गवाही के लिए बार-बार थाने या माननीय न्यायालय नहीं बुलाया जाता।
उनकी पहचान को (यदि वे चाहें) गुप्त रखा जाता है।
Rah-Veer Yojana Reward आप भी बन सकते हैं अगले राह-वीर
Rah-Veer Yojana Reward नीमच यातायात पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने आस-पास होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति संवेदनशील बनें। यदि कोई घायल सड़क पर है, तो वीडियो बनाने के बजाय उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाएं। आपकी थोड़ी सी हिम्मत किसी के घर का चिराग बुझने से बचा सकती है। साथ ही, शासन की तरफ से आपको Rah-Veer Yojana Reward के रूप में आर्थिक प्रोत्साहन और समाज में सम्मान भी मिलेगा।
Rah-Veer Yojana Reward तो अगली बार जब आप सड़क पर किसी को मुसीबत में देखें, तो हिचकिचाएं नहीं। आगे बढ़ें, मदद करें और गर्व से ‘राह-वीर’ बनें।
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