Neemuch SP Meeting: त्योहारों पर हुड़दंगियों की खैर नहीं, एसपी अंकित जायसवाल ने थानों को दी 25 पॉइंट की ‘डेडलाइन’

Neemuch SP Meeting
नीमच। जिले में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। शनिवार, 14 फरवरी 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित Neemuch SP Meeting में जिले के पुलिस कप्तान अंकित जायसवाल ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी त्योहारों पर शांति भंग करने वालों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक चली इस मैराथन बैठक में एसपी ने न केवल अपराधों की समीक्षा की, बल्कि जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को 25 कड़े निर्देश जारी कर तत्काल प्रभाव से पालन करने के आदेश दिए।
त्योहारों पर सुरक्षा का त्रिस्तरीय घेरा: शिवरात्रि, रमजान और होली
इस Neemuch SP Meeting का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आगामी पर्वों की सुरक्षा रहा। इस बार पुलिस का फोकस केवल शिवरात्रि पर ही नहीं, बल्कि रमजान और होली पर भी समान रूप से है। एसपी ने निर्देश दिए कि शिव मंदिरों में पर्याप्त बल के साथ-साथ चल समारोहों के रूटों पर पुलिस की पैनी नजर रहनी चाहिए।
विशेष रूप से रमजान और होली को लेकर उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को ‘जनसंवाद’ आयोजित करने को कहा है। एसपी का मानना है कि जनता के बीच जाकर ही असामाजिक तत्वों की पहचान की जा सकती है और अफवाहों को रोका जा सकता है। मेलों के आयोजन पर उन्होंने साफ कहा कि झूला और चकरी संचालकों के साथ समन्वय कर सुरक्षा मानकों की जांच की जाए और मेला स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों व पीए सिस्टम की अनिवार्यता सुनिश्चित की जाए।
हाई-टेक पुलिसिंग: नफीस और ई-साक्ष्य का बढ़ेगा उपयोग
तकनीकी रूप से पुलिस को सक्षम बनाने के लिए Neemuch SP Meeting में डिजिटल टूल्स पर विशेष जोर दिया गया। एसपी जायसवाल ने निर्देश दिए कि हर थाना प्रभारी नफीस (NAFIS) एप्लीकेशन, आईसीजेएस (ICJS) और ई-साक्ष्य एप का अधिकतम उपयोग करें। इससे न केवल अपराधियों का डेटाबेस तैयार करने में मदद मिलेगी, बल्कि साक्ष्यों की सटीकता से कोर्ट में केस मजबूत होंगे।
एसपी ने कहा कि अब कागजी पुलिसिंग से ज्यादा तकनीकी पुलिसिंग का समय है। गुमशुदा बालक-बालिकाओं की बरामदगी के लिए भी डिजिटल सर्विलांस का सहारा लेने के निर्देश दिए गए हैं।
नशे के सौदागरों पर ‘सफेमा’ और ‘पीट एनडीपीएस’ का प्रहार
मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर एसपी का रुख बेहद सख्त रहा। Neemuch SP Meeting में यह आदेश दिया गया कि एनडीपीएस एक्ट के मामलों में केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि आरोपियों के आर्थिक साम्राज्य को भी नष्ट किया जाए। इसके लिए सफेमा (SAFEMA) और पीट एनडीपीएस के तहत संपत्तियों की कुर्की और सख्त कानूनी कार्यवाही के प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
आदतन अपराधियों और गुंडों के लिए उन्होंने जिला बदर और रासुका (NSA) जैसे अस्त्रों का उपयोग करने की चेतावनी दी है। अवैध शराब, जुआ और सट्टे के कारोबार पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए थाना प्रभारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
महिला सुरक्षा और व्यवहारिक पुलिसिंग पर फोकस
महिला सुरक्षा को लेकर एसपी ने पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि महिला संबंधी अपराधों का निराकरण समय-सीमा के भीतर होना चाहिए। इसके अलावा, थाने आने वाले हर फरियादी के साथ सद्व्यवहार पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।
एसपी ने निर्देश दिए कि रात्रि गश्त में अब थाना प्रभारी स्वयं मैदान में उतरें। बीट प्रभारी अपने क्षेत्रों में भ्रमण करें और संवेदनशील स्थानों पर फिक्स पिकेट लगाकर संदिग्धों की चेकिंग करें। वाहन चेकिंग के दौरान जनता के साथ शालीनता बरतने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि पुलिस की छवि सकारात्मक बनी रहे।
मैराथन बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण Neemuch SP Meeting में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवल सिंह सिसोदिया, उप पुलिस अधीक्षक (महिला सुरक्षा) श्रीमती निकीता सिंह सहित जिले के समस्त थाना और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक में सायबर सेल और स्थापना शाखा के प्रभारियों ने भी हिस्सा लिया, जहां पिछले एक साल के अपराध आंकड़ों का विश्लेषण कर भविष्य की रणनीति तैयार की गई।
6 घंटे की इस समीक्षा के बाद यह तय है कि नीमच पुलिस अब हर मोर्चे पर मुस्तैद है। अपराधियों के खिलाफ कड़े कदम और त्योहारों पर सुरक्षा का यह ‘ब्लूप्रिंट’ जिले में शांति बनाए रखने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
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