Neemuch Traffic Police Campaign: लेडी सिंघम ने संभाली कमान, NCC कैडेट्स के साथ बदला शहर का नजारा

Neemuch Traffic Police Campaign
नीमच। सड़क सुरक्षा केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन बचाने का एक संकल्प है। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” थीम पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज 10 जनवरी को Neemuch Traffic Police Campaign के अंतर्गत एक मेगा अवेयरनेस प्रोग्राम और चेकिंग अभियान चलाया गया।
दबंग सोनू बडगुर्जर: ‘लेडी सिंघम’ की कार्यप्रणाली से कांप रहे नियम तोड़ने वाले
इस पूरे अभियान का चेहरा बनी हैं यातायात थाना प्रभारी सोनू बडगुर्जर। सोनू बडगुर्जर को उनकी कर्तव्यनिष्ठा और ‘नो कॉम्प्रोमाइज’ एटीट्यूड के लिए जाना जाता है। एक दबंग अधिकारी के रूप में उन्होंने न केवल पुलिस महकमे में अपनी अलग पहचान बनाई है, बल्कि अपराधियों और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के मन में खौफ भी पैदा किया है।
यह भी पढ़ें: Viral Video 700% महंगा करैला: अमेरिका में सब्जी की कीमत देख उड़ जाएंगे होश, जानें क्या है US Karela Price का सच
आज के Neemuch Traffic Police Campaign में भी उनकी सक्रियता देखते ही बनती थी। उन्होंने न केवल ऑफिस में बैठकर रणनीतियां बनाईं, बल्कि खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर मोर्चा संभाला। उनके नेतृत्व में यातायात पुलिस की टीम, जिसमें एएसआई संगीता चौहान, प्रधान आरक्षक नाहर सिंह, प्रताप पटेल और आरक्षक गोपाल मालवीय शामिल थे, ने पूरी मुस्तैदी के साथ काम किया।
NCC कैडेट्स ने सीखा यातायात प्रबंधन का पाठ
Neemuch Traffic Police Campaign की शुरुआत में 5 मध्य प्रदेश NCC बटालियन मंदसौर के 50 कैडेट्स को यातायात थाने पर आमंत्रित किया गया। यहाँ एक विशेष सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें कैडेट्स को यातायात के बारीक नियमों, संकेतों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके सिखाए गए।
सेमिनार के बाद, TI सोनू बडगुर्जर इन कैडेट्स को लेकर शहर के सबसे व्यस्त ‘कमल चौक’ पहुंचीं। यहाँ कैडेट्स ने पुलिस के साथ मिलकर लाइव ट्रैफिक मैनेज किया। भारी ट्रैफिक के बीच इन युवाओं ने आम जनता को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और वाहन की गति नियंत्रित रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
हुड़दंगियों और स्टंटबाजों की अब खैर नहीं
Neemuch Traffic Police Campaign केवल समझाइश तक सीमित नहीं है। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल और ASP नवल सिंह सिसोदिया के कड़े निर्देशों के बाद अब पुलिस एक्शन मोड में है। अभियान के तहत उन लोगों को टारगेट किया जा रहा है जो दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं:
शराब पीकर वाहन चलाना: इसके लिए ब्रीथ एनालाइजर मशीनों का उपयोग कर सघन चेकिंग की जा रही है।
बुलेट पटाखा: शांति भंग करने वाले साइलेंसरों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
नाबालिग चालक: बच्चों को गाड़ी देने वाले माता-पिता पर भी अब कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।
स्टंटबाजी और ओवरस्पीड: लापरवाह चालकों के खिलाफ प्रकरण बनाकर सीधे माननीय न्यायालय में पेश किए जा रहे हैं।
डिजिटल जागरूकता पर विशेष जोर
जागरूकता फैलाने के लिए आधुनिक तरीकों का सहारा लिया जा रहा है। Neemuch Traffic Police Campaign के तहत डिजिटल फ्लैग्स और बैनर तैयार करवाए गए हैं। इन्हें शहर की ऑटो, बसों और सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किया गया है ताकि हर नागरिक तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुँच सके। सोशल मीडिया पर भी ‘डिजीटल अवेयरनेस’ के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
ट्रैफिक पुलिस की मार्मिक अपील
अंत में, यातायात पुलिस ने नीमच की जनता से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखें। शराब पीकर गाड़ी न चलाएं, काली फिल्म का प्रयोग न करें और अपने नाबालिग बच्चों को वाहन की चाबी न सौंपें। याद रखें, आपका एक गलत फैसला पूरे परिवार को उम्र भर का दर्द दे सकता है।
यह भी पढ़ें: सावधान! 11 जनवरी को शहर के इन मुख्य इलाकों में 4 घंटे तक बंद रहेगी बिजली, अभी निपटा लें अपने जरूरी काम

