नीमच के संस्कार पाटीदार ने मसाला उद्योग से खड़ी की सफलता की नई इबारत, सालाना कमा रहे ₹10 लाख

PMFME Yojana
नीमच (मध्य प्रदेश): वर्तमान समय में जब बेरोजगारी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, तब मध्य प्रदेश के नीमच जिले के एक युवा ने सरकारी योजना के सही इस्तेमाल से आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। नीमच के ग्राम बिसलवास कलां के युवा उद्यमी संस्कार पाटीदार ने PMFME Yojana का लाभ उठाकर न केवल अपना स्वयं का मसाला प्रसंस्करण (Processing) उद्योग स्थापित किया, बल्कि आज वे क्षेत्र के सफलतम उद्यमियों की सूची में शामिल हो गए हैं। उनकी यह कहानी उन तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणा है जो खुद का स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME Yojana) से मिला सहारा
संस्कार पाटीदार ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर कुछ नया करने की ठानी थी। उनके इस सपने को धरातल पर उतारने का काम PMFME Yojana ने किया। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के सहयोग से इस योजना के अंतर्गत अपनी इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया। संस्कार ने कुल 12.24 लाख रुपये की लागत से ‘श्री उत्सव मसाला उद्योग’ के नाम से अपनी प्रसंस्करण इकाई शुरू की। इसमें मुख्य रूप से अजवाइन और अन्य स्थानीय मसालों के प्रसंस्करण पर ध्यान दिया गया है।
वित्तीय सहायता और सरकारी सब्सिडी की ताकत
किसी भी छोटे उद्योग को शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा पूंजी की होती है, जिसे PMFME Yojana ने बेहद सरल बना दिया है। संस्कार को इस उद्योग के लिए बैंक ऑफ इंडिया से 9.80 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। योजना की सबसे खास बात यह रही कि उन्हें शासन की ओर से 4.28 लाख रुपये का अनुदान (Subsidy) भी मिला। इस बड़ी आर्थिक मदद ने संस्कार के व्यापारिक जोखिम को कम कर दिया और उन्हें अपने ब्रांड पर ध्यान केंद्रित करने का मौका दिया।
‘अग्निपुष्प’ ब्रांड का बढ़ता दायरा और बम्पर कमाई
अपना स्वयं का सेटअप तैयार करने के बाद संस्कार ने ‘अग्निपुष्प’ नाम से अपना ब्रांड रजिस्टर करवाया। आज उनके द्वारा तैयार किए गए शुद्ध मसाले न केवल नीमच के स्थानीय बाजार में पसंद किए जा रहे हैं, बल्कि उदयपुर और जयपुर (राजस्थान) जैसे महानगरों में भी इनकी भारी मांग है। PMFME Yojana के सफल क्रियान्वयन का ही परिणाम है कि संस्कार पाटीदार आज इस व्यापार से प्रति वर्ष 8 से 10 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त कर रहे हैं। वे अब एक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर युवा बन चुके हैं जो अपने परिवार के साथ-साथ क्षेत्र की समृद्धि में भी योगदान दे रहे हैं।
क्षेत्र के अन्य लोगों को भी मिल रहा रोजगार
संस्कार पाटीदार ने PMFME Yojana के जरिए केवल अपनी ही प्रगति नहीं की, बल्कि उन्होंने अपने गांव के अन्य लोगों को भी इस उद्योग में शामिल कर उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया है। एक छोटा सा विचार जब सरकारी मदद से जुड़ता है, तो वह कैसे एक बड़े बदलाव का वाहक बन सकता है, संस्कार इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।
नीमच जिला: योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश का अग्रणी जिला
नीमच जिले में PMFME Yojana को लेकर प्रशासन काफी सक्रिय है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जिले ने इस योजना में उल्लेखनीय प्रगति की है। रिपोर्ट के अनुसार, नीमच जिले में अब तक कुल 205 हितग्राहियों को इस योजना का सीधा लाभ दिया जा चुका है। अकेले इस चालू वित्तीय वर्ष में ही 120 हितग्राहियों को लाभान्वित कर नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करवाई गई हैं। इसी सक्रियता के चलते नीमच जिला आज प्रदेश और संभाग के अग्रणी जिलों में प्रथम पंक्ति में खड़ा है।
कैसे करें आवेदन?
अगर आप भी संस्कार पाटीदार की तरह अपना उद्योग शुरू करना चाहते हैं, तो PMFME Yojana आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए उद्यानिकी विभाग या जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से संपर्क किया जा सकता है। यह योजना खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में काम करने वाले छोटे उद्यमियों को तकनीकी और वित्तीय मजबूती प्रदान करती है, जिससे वे अपने उत्पाद को बड़े बाजार तक पहुंचा सकें।
संस्कार पाटीदार की यह ‘सफलता की कहानी’ यह साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो सफलता निश्चित है।
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