Sanwalia Seth: कोटा के भक्त ने सांवरिया सेठ के दरबार में चढ़ाया 1.5 किलो चांदी का लहसुन, देखें मनमोहक तस्वीरें

Sanwalia Seth Mandafiya Darshan

Sanwalia Seth Mandafiya Darshan

चित्तौड़गढ़ (मंडफिया): आस्था और विश्वास के केंद्र भगवान श्री Sanwalia Seth के दरबार में श्रद्धा का एक ऐसा अद्भुत उदाहरण सामने आया है, जिसे देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध है। राजस्थान के कोटा जिले की भामाशाह मंडी से आए तीन बड़े कारोबारियों ने अपने व्यापार में हुई अप्रत्याशित उन्नति और मन्नत पूरी होने पर ठाकुर जी के चरणों में कीमती चांदी के उपहार भेंट किए हैं। इन भेंटों में डेढ़ किलो वजनी चांदी का लहसुन, चांदी का तराजू-कांटा और एक चांदी का मकान शामिल है।

Shubham Solar Solution

व्यापार में हुई ‘सांवरा’ की कृपा: चढ़ाया 1.5 किलो चांदी का लहसुन

कोटा के प्रसिद्ध लहसुन व्यापारी रवि मालपानी के लिए भगवान Sanwalia Seth केवल एक आराध्य देव नहीं, बल्कि उनके जीवन और व्यापार के आधार स्तंभ हैं। रवि मालपानी ने बताया कि कुछ समय पहले जब उनका व्यवसाय कठिन दौर से गुजर रहा था, तब उन्होंने ठाकुर जी से मन्नत मांगी थी कि यदि उनका कारोबार दोबारा सुचारू रूप से चल निकला और उसमें वृद्धि हुई, तो वे चांदी का लहसुन चढ़ाएंगे।

आज जब उनका व्यापार कई गुना बढ़ गया है, तो उन्होंने अपनी श्रद्धा को मूर्त रूप देते हुए Sanwalia Seth को डेढ़ किलो शुद्ध चांदी से बना लहसुन अर्पित किया। इस लहसुन की बनावट इतनी बारीक और सजीव है कि यह पहली नजर में बिल्कुल असली दिखाई देता है। रवि का कहना है कि यह भेंट उनकी सफलता का श्रेय ठाकुर जी को देने का एक छोटा सा प्रयास है।

जब भगवान को बनाया ‘बिजनेस पार्टनर’: चांदी का तराजू और बांसुरी भेंट

इसी जत्थे में शामिल कोटा के एक और प्रमुख अनाज व्यापारी लोकेश गौतम ने भी अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया। लोकेश का मानना है कि उनका असली बिजनेस पार्टनर कोई इंसान नहीं, बल्कि स्वयं Sanwalia Seth हैं। वे अपने व्यापार का हर लेन-देन और बड़ा फैसला भगवान की रजा मानकर ही करते हैं।

लोकेश ने अपनी मन्नत पूरी होने पर करीब 800 ग्राम वजनी चांदी का तराजू-कांटा और एक अत्यंत कलात्मक चांदी की बांसुरी ठाकुर जी को भेंट की। लोकेश गौतम पिछले तीन सालों से लगातार कोटा से श्रद्धालुओं का जत्था लेकर मंडफिया पहुँच रहे हैं। उनके अनुसार, तराजू उनके निष्पक्ष और ईमानदार व्यापार का प्रतीक है, जिसे उन्होंने भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया है।

आशियाने का सपना हुआ सच, तो चढ़ाया चांदी का मकान

सोयाबीन व्यापारी पिंटू सुमन के लिए यह पल भावनाओं से भरा था। उन्होंने Sanwalia Seth से प्रार्थना की थी कि जब उनका अपना घर बनाने का सपना पूरा हो जाएगा, तो वे भगवान को चांदी का घर भेंट करेंगे। जैसे ही उनका यह सपना साकार हुआ, उन्होंने करीब 300 ग्राम चांदी से निर्मित एक सुंदर छोटा मकान मंदिर में दान स्वरूप भेंट किया। यह दर्शाता है कि भक्त अपने जीवन की हर छोटी-बड़ी खुशी का श्रेय अपने आराध्य को देना चाहते हैं।

250 श्रद्धालुओं की भव्य पदयात्रा और भक्ति का उल्लास

कोटा के खड़े गणेश मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबी रही। लोकेश गौतम के नेतृत्व में करीब 250 श्रद्धालु दो बसों में सवार होकर मंडफिया पहुँचे। यात्रा की शुरुआत में Sanwalia Seth के ध्वज की विधिवत पूजा की गई। पूरे रास्ते भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा और ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ और ‘सांवरिया सेठ की जय’ के नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।

मंदिर पहुँचने पर श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन किए। व्यापारियों ने अपनी भेंट मुख्य पुजारी को सौंपी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर मंडल की ओर से भी इन विशेष भेंटों को स्वीकार कर व्यापारियों का स्वागत किया गया।

चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित भगवान Sanwalia Seth का मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि लाखों लोगों के भरोसे का प्रतीक है। व्यापारियों द्वारा अपने व्यावसायिक उपकरणों और उपज को चांदी के रूप में अर्पित करना यह सिद्ध करता है कि भक्त भगवान को अपने कर्म और सफलता का अभिन्न हिस्सा मानते हैं।


यह भी पढ़ें: सूर्य का मकर राशि में प्रवेश; जानिए 14 या 15 जनवरी में से कब मनाना है त्योहार?

हो सकता है आप चूक गए हों