Singrauli Murder Case:अंधविश्वास में पड़ोसी ने ली 2 की जान, कुल्हाड़ी से किए ताबड़तोड़ वार

Singrauli Murder Case
सिंगरौली (अतरवा गांव): मध्य प्रदेश के ऊर्जा धानी कहे जाने वाले सिंगरौली जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में पैठ जमाए बैठे अंधविश्वास के खौफनाक चेहरे को भी उजागर कर दिया है। जिले के जियावन थाना क्षेत्र के अतरवा गांव में घटित Singrauli Murder Case ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। यहाँ एक 21 वर्षीय युवक ने जादू-टोने के शक में अपने ही पड़ोसियों पर कुल्हाड़ी से हमला कर दो लोगों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
भोर की शांति में गुजी मौत
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले Singrauli Murder Case की शुरुआत 12 फरवरी की सुबह करीब 4 बजे हुई। गांव के अधिकांश पुरुष एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गए हुए थे, जिससे गांव में सन्नाटा पसरा था। घर में 50 वर्षीय फूलकुमारी अपनी बहू राधा सिंह के साथ सो रही थी। तभी उनके पड़ोसी छत्रपति सिंह (21) ने दरवाजा खटखटाया। फूलकुमारी ने जैसे ही दरवाजा खोला, छत्रपति ने कहा कि उसके घर में ‘विशेष पूजा’ का आयोजन है और उन्हें तुरंत चलना होगा।
फूलकुमारी ने असमय पूजा की बात कहकर आने से मना कर दिया और दरवाजा बंद करने की कोशिश की। बस इतनी सी बात पर छत्रपति के सिर पर खून सवार हो गया। उसने पास पड़े भारी-भरकम चिमटे से महिला को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया और उन्हें घसीटते हुए करीब 20 फीट दूर अपने घर के आंगन तक ले गया।
चश्मदीद बहू की आपबीती: ‘बचाने जाती तो मुझे भी मार डालता’

घटना की एकमात्र चश्मदीद राधा सिंह ने भर्राई आँखों से बताया कि वह डर के मारे पास के खेत में छिप गई थी। उसने अपनी आँखों के सामने मौत का वो मंजर देखा जो उसे ताउम्र भूल नहीं पाएगा। राधा के मुताबिक, आरोपी छत्रपति ने आंगन में ले जाकर उसकी सास फूलकुमारी की गर्दन पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। सास ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाती रही, लेकिन आरोपी के ऊपर पागलपन सवार था।
इसी बीच, चीख-पुकार सुनकर एक अन्य पड़ोसी कमल सिंह (65) उन्हें बचाने के लिए दौड़े। उन्होंने आरोपी के हाथ से कुल्हाड़ी छीनने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने फूलकुमारी को छोड़ कमल सिंह पर हमला कर दिया। इस Singrauli Murder Case की वीभत्सता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने कमल सिंह की गर्दन काटकर धड़ से अलग कर दी। करीब दो घंटे तक आरोपी लाशों के पास कुल्हाड़ी लेकर घूमता रहा।
नारियल, सिंदूर और कटी हुई गर्दन: अंधविश्वास का सबूत
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी गायत्री मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचीं। घटनास्थल का नजारा देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। आरोपी के आंगन में एक छोटा सा कच्चा चबूतरा बना था, जिसे दो दिन पहले ही तैयार किया गया था। चबूतरे पर चार नारियल, अगरबत्ती और सिंदूर रखा हुआ था। कमल सिंह की कटी हुई गर्दन ठीक उसी नारियल के पास पड़ी थी, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि आरोपी ने अंधविश्वास के चलते ‘बलि’ देने का प्रयास किया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने कमल सिंह के शरीर पर 25 से 30 वार किए थे, जबकि फूलकुमारी पर 10 से 15 वार किए गए। आरोपी ने इस दौरान दो अन्य पड़ोसियों, सुमित्रा और रामभजन पर भी हमला किया, जो फिलहाल जिला अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं।
गर्भपात और पिता की मौत का बदला?
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी छत्रपति को शक था कि फूलकुमारी जादू-टोना करती है। उसे लगता था कि करीब 6 महीने पहले हुई उसके पिता की मौत और हाल ही में उसकी पत्नी का हुआ गर्भपात इसी जादू-टोने का नतीजा है। आरोपी की पत्नी शांति ने बताया कि छत्रपति पिछले एक महीने से काफी चिड़चिड़ा और हिंसक हो गया था और अक्सर पूजा-पाठ में डूबा रहता था। इसी सनक ने इस Singrauli Murder Case की पटकथा लिखी।
पुलिस की भारी घेराबंदी के बीच गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी मां हीरा काली और पत्नी के साथ घर के अंदर कुंडी लगाकर बैठ गया था। पुलिस को आशंका थी कि उसके पास हथियार है और वह किसी और पर भी हमला कर सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जियावन थाने के अलावा अन्य थानों से 20 से अधिक जवानों को बुलाया गया। करीब ढाई घंटे की घेराबंदी और गांव वालों की समझाइश के बाद आरोपी की मां ने दरवाजा खोला, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।
यह Singrauli Murder Case आधुनिक समाज के माथे पर एक कलंक है, जहाँ आज भी लोग शिक्षा के अभाव में अंधविश्वास की वेदी पर मासूमों की जान ले रहे हैं। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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