Advertisement

नीमच को नंबर-1 बनाने के लिए स्वच्छता अभियान की कमान खुद अध्यक्ष ने संभाली, आधी रात को सड़कों पर उतरा अमला

Swachhata Campaign

नीमच (Neemuch News) देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में नीमच का नाम दर्ज कराने के लिए नगर पालिका परिषद अब पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रही है। शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण के टॉप-10 पायदानों पर पहुंचाने के संकल्प के साथ स्वच्छता अभियान (Swachhata Campaign) को अब जमीनी स्तर पर बेहद सख्त और प्रभावी बना दिया गया है।

Shubham Solar Solution

इसी रणनीति के तहत बुधवार की देर रात एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) दुर्गा बामनिया ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए शहर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया।

आधी रात को टैगोर मार्ग पर औचक निरीक्षण

जब पूरा शहर गहरी नींद के आगोश में था, तब नीमच के सबसे व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र टैगोर मार्ग पर प्रशासन की मुस्तैदी जांची जा रही थी। अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा और सीएमओ दुर्गा बामनिया ने पैदल मार्च करते हुए स्वच्छता अभियान (Swachhata Campaign) के तहत चल रहे रात्रिकालीन सफाई कार्य का सूक्ष्मता से जायजा लिया। इस दौरान सफाई कर्मियों की दो अलग-अलग टीमें, जिनमें लगभग 15 सदस्य शामिल थे, पूरी मुस्तैदी के साथ सड़कों को चकाचक करने में जुटी हुई थीं। अध्यक्ष ने स्वयं सफाई की गुणवत्ता की जांच की और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन भी किया।

लापरवाह दुकानदारों को अंतिम चेतावनी: अब सीधा कटेगा चालान

स्वच्छता अभियान (Swachhata Campaign) निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा का कड़ा रुख भी देखने को मिला। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि शहर को स्वच्छ रखना केवल नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक और विशेषकर व्यापारी वर्ग का कर्तव्य है। स्वच्छता अभियान (Swachhata Campaign) की सफलता तभी संभव है जब अनुशासन कायम हो।

अध्यक्ष ने दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि कई बार की गई अपील और समझाइश के बावजूद यदि दुकान के बाहर गंदगी या कचरा फैला हुआ पाया गया, तो नगर पालिका अब नरम रुख नहीं अपनाएगी।

भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर सीधे चालानी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों से आग्रह किया कि वे अपनी दुकान का कचरा डस्टबिन में ही डालें और उसे सड़क पर फेंकने की आदत को पूरी तरह त्याग दें।

जनता की शिकायतों पर सीएमओ का त्वरित एक्शन

निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने अपनी व्यवहारिक समस्याएं भी साझा कीं। मुख्य शिकायत यह थी कि सफाई के बाद भी सड़कों के किनारों पर मिट्टी के बारीक कण छूट जाते हैं, जो बाद में उड़कर दुकानों और घरों के भीतर जाते हैं।

इस पर सीएमओ दुर्गा बामनिया ने गंभीरता दिखाते हुए मौके पर मौजूद स्वच्छता निरीक्षकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान (Swachhata Campaign) का उद्देश्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि सड़कों को धूल मुक्त करना भी है। सीएमओ ने संबंधित दरोगाओं को भविष्य में इस तरह की चूक न होने की सख्त हिदायत दी।

बोहरा गली के निवासियों के लिए ‘मिडनाइट’ खुशखबरी

क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की दिशा में अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। स्थानीय निवासियों की मांग को स्वीकार करते हुए अब बोहरा गली में भी रात के समय  कचरा गाड़ी चलाने का निर्णय लिया गया है।

इस नई व्यवस्था से तंग गलियों में दिन भर होने वाली गंदगी की समस्या से स्थाई निजात मिलेगी और इस स्वच्छता अभियान (Swachhata Campaign) को निचले स्तर तक मजबूती मिलेगी।

नीमच को नंबर-1 बनाना ही एकमात्र लक्ष्य

मीडिया से चर्चा करते हुए अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने कहा,

“स्वच्छता केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। यदि हमारा परिवेश स्वच्छ रहेगा, तो बीमारियां हमसे कोसों दूर रहेंगी। रात के समय स्वच्छता अभियान (Swachhata Campaign) चलाने का मुख्य लाभ यह है कि इस वक्त ट्रैफिक नहीं होता, जिससे सफाई कर्मचारी पूरी कुशलता के साथ अपना काम कर पाते हैं और सुबह शहरवासियों को एक ताज़ा, धूलमुक्त और स्वच्छ वातावरण मिलता है। हमारा एकमात्र लक्ष्य नीमच को स्वच्छता के मानचित्र पर शीर्ष पर देखना है।”

प्रशासनिक अमले की उपस्थिति

इस सघन निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सभापति, स्वच्छता निरीक्षक भेरु अहीर भारद्वाज, गोपाल जी नरवाले, अविनाश घेघट सहित विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि आने वाले दिनों में यह अभियान शहर के अन्य वार्डों और उपनगरीय क्षेत्रों में भी इसी तरह प्रभावी ढंग से संचालित किया जाएगा।


यह भी पढ़ें: 5 लाख की फिरौती और पक्की रजिस्ट्री के बावजूद अवैध कब्ज़ा बरकरार: चीताखेड़ा में कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देते जमीन माफिया