US Attack on Venezuela: 7 बड़े धमाकों से दहला कराकस, मादुरो ने घोषित की ‘नेशनल इमरजेंसी’

US Attack on Venezuela

US Attack on Venezuela

कराकस/वाशिंगटन: लंबे समय से चल रहे कूटनीतिक तनाव और प्रतिबंधों के दौर के बाद, स्थिति अब भयावह युद्ध में बदल गई है। शनिवार तड़के US Attack on Venezuela (वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले) की खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस समेत कई प्रमुख शहरों पर सीधा सैन्य हमला बोल दिया है। इस हवाई कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश में तत्काल प्रभाव से ‘नेशनल इमरजेंसी’ (राष्ट्रीय आपातकाल) की घोषणा कर दी है और इसे अमेरिका की संप्रभुता पर चोट बताया है।

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US Attack on Venezuela राजधानी कराकस में विनाश का मंजर: 30 मिनट में 7 धमाके

शनिवार की सुबह स्थानीय समयानुसार लगभग 1:50 बजे कराकस के आसमान में अमेरिकी फाइटर जेट्स की गूंज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहर के ऊपर अमेरिकी लड़ाकू विमान बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते देखे गए, जिसके तुरंत बाद US Attack on Venezuela सिलसिलेवार धमाके शुरू हो गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अUS Attack on Venezuela पूरी तरह से सुनियोजित था। आधे घंटे के भीतर कराकस में 7 से ज्यादा भीषण धमाके हुए। इन हमलों के कारण शहर के कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों की बिजली गुल हो गई है, जिससे अंधेरा और अफरातफरी का माहौल है। US Attack on Venezuela की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि धमाकों की गूंज मीलों दूर तक सुनी गई।

कराकस के अलावा, बमबारी का असर मिरांडा (Miranda), अरगुआ (Aragua) और ला गुइरा (La Guaira) राज्यों में भी देखा गया है। हिगुएरोटे एयरपोर्ट और आसपास के सैन्य ठिकानों से काले धुएं का गुबार उठता देखा गया, जो इस हमले की भयावहता को बयां कर रहा है।

निशाने पर कौन? रक्षा मंत्री का घर और सैन्य अड्डे तबाह

अमेरिका द्वारा किए गए इस एयर स्ट्राइक में वेनेजुएला के सामरिक ठिकानों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, हमलों में निम्नलिखित स्थानों को टारगेट किया गया:

  1. रक्षा मंत्री का आवास: वेनेजुएला के रक्षा मंत्री के निजी आवास पर बमबारी की गई।

  2. कराकस का बंदरगाह: देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बंदरगाह को निशाना बनाया गया।

  3. फोर्ट ट्यूना (Fort Tiuna): यह कराकस का सबसे महत्वपूर्ण सैन्य परिसर है।

  4. ला कार्लोटा (La Carlota): प्रमुख एयरबेस को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है।

राष्ट्रपति मादुरो का पलटवार: ‘तेल लूटने आया है अमेरिका’

इस हमले के तुरंत बाद वेनेजुएला की सरकार ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह US Attack on Venezuela ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि एक “कायरतापूर्ण साम्राज्यवादी कार्रवाई” है।

मादुरो ने आरोप लगाया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार (Oil Reserves) और खनिज संसाधनों पर कब्जा करना है। उन्होंने कहा, “वाशिंगटन में बैठे लोग हमारी संप्रभुता को कुचलकर हमारे संसाधनों को लूटना चाहते हैं, लेकिन वेनेजुएला की जनता और सेना इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।”

वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 (Article 51) का हवाला दिया है, जो किसी भी देश को बाहरी आक्रमण की स्थिति में आत्मरक्षा (Self-Defense) का अधिकार देता है। मादुरो ने जनता और सेना से एकजुट होकर इस विदेशी आक्रमण का सामना करने की अपील की है।

डोनाल्ड ट्रम्प का तर्क: ड्रग कार्टेल का खात्मा जरूरी

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस सैन्य कार्रवाई (US Attack on Venezuela) को सही ठहराया है। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि यह हमला वेनेजुएला के लोगों के खिलाफ नहीं, बल्कि वहां सत्ता के संरक्षण में चल रहे ड्रग कार्टेल और अपराधी समूहों के खिलाफ है।

व्हाइट हाउस का आरोप है कि निकोलस मादुरो ‘कार्टेल डे लॉस सोल्स’ (Cartel de los Soles) नामक एक कुख्यात ड्रग सिंडिकेट का नेतृत्व करते हैं। अमेरिका ने इस संगठन और ‘ट्रेन डे अरागुआ’ (Tren de Aragua) गैंग को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है।

ट्रम्प ने अपने बयान में कहा, “प्रवासी संकट और अमेरिका में अवैध नशीले पदार्थों की बाढ़ का मुख्य कारण वेनेजुएला की अस्थिरता और वहां के भ्रष्ट शासक हैं। हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिए यह US Attack on Venezuela अनिवार्य हो गया था।”

बातचीत की पेशकश के बाद धोखा?

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों के लिए यह हमला हैरानी भरा है। गौरतलब है कि शुक्रवार को ही वेनेजुएला सरकार ने संकेत दिया था कि वह मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर आने को तैयार है। लेकिन इस कूटनीतिक पहल के 24 घंटे के भीतर ही अमेरिकी युद्धपोतों की तैनाती और ट्रम्प की ‘ग्राउंड ऑपरेशन’ की धमकी हकीकत में बदल गई।

फिलहाल, वेनेजुएला में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और नागरिक सुरक्षा बलों को भी तैनात कर दिया गया है। दुनिया भर की नजरें अब इस संघर्ष पर टिकी हैं, जो लातिन अमेरिका में एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है।


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