नीमच (The Times of MP): मालवा की वैष्णो देवी और देशभर में प्रसिद्ध आरोग्य तीर्थ स्थल के रूप में विख्यात महामाया मां भादवा माताजी के दरबार में इन दिनों आस्था का महाकुंभ लगा हुआ है। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित हो रहे भव्य भादवा माता मेला (Bhadwa Mata Mela) में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के चरणों में शीश नवाने पहुंच रहे हैं। मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से भी भक्त बड़ी संख्या में यहां आ रहे हैं।
सबसे बड़ी चुनौती और श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब महाअष्टमी (Maha Ashtami) के विशेष अवसर पर देखने को मिलता है। इस दिन भीड़ लाखों का आंकड़ा पार कर जाती है। इसी भारी भीड़, भक्तों की असीम आस्था और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए नीमच जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां जमीनी स्तर पर पूरी कर ली हैं।
बुधवार को नीमच जिले के कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा और पुलिस अधीक्षक (S.P.) श्री अंकित जायसवाल ने प्रशासनिक अमले के साथ मेला परिसर का सघन निरीक्षण किया। उन 5 व्यवस्थाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जो प्रशासन ने आपकी सुरक्षा के लिए लागू की हैं।
1. क्राउड मैनेजमेंट: सुगम दर्शन के लिए विशेष जिग-जैग और सुरक्षित कॉरिडोर

जब लाखों की भीड़ एक साथ माता के दर्शन के लिए आगे बढ़ती है, तो ‘भगदड़’ का खतरा सबसे अधिक होता है। प्रशासन ने भादवा माता मेला (Bhadwa Mata Mela) के लिए आधुनिक क्राउड मैनेजमेंट (Crowd Management) तकनीक का उपयोग किया है।
कलेक्टर और एसपी ने मंदिर में दर्शनार्थियों के प्रवेश (Entry) और निकासी (Exit) के लिए बनाए गए विशेष कॉरिडोर का खुद चलकर जायजा लिया। श्रद्धालुओं की कतारों को नियंत्रित करने और उन्हें एक ही दिशा में सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग की गई है।
अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि आम श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए वीआईपी मूवमेंट को सीमित रखा जाएगा।
2. हाई-टेक तीसरी आंख का पहरा: चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी (CCTV) की नजर
भादवा माता मेला (Bhadwa Mata Mela) की विशालता को देखते हुए पुलिस विभाग ने सुरक्षा को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया है। एसपी श्री अंकित जायसवाल ने मेला परिसर में स्थापित की गई ‘अस्थाई पुलिस चौकी’ और हाई-टेक सीसीटीवी कंट्रोल रूम का गहन निरीक्षण किया।
मंदिर के गर्भगृह, दान पेटी क्षेत्र, मुख्य द्वार, मेला ग्राउंड और पार्किंग तक हर जगह हाई-डेफिनिशन (HD) कैमरे लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम में बैठे पुलिसकर्मी 24 घंटे कई स्क्रीनों के जरिए पूरे मेले की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
यदि कैमरे में कहीं भी भीड़ का दबाव बढ़ता दिखता है, तो तुरंत वहां पुलिस बल भेजा जाएगा। इसके अलावा, सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी मेले में तैनात रहेंगे, जो जेबकतरों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखेंगे।
3. मास्टर ट्रैफिक प्लान: पार्किंग और सुगम यातायात की रूपरेखा
हजारों की संख्या में आने वाले वाहनों के कारण भादवा माता मेला (Bhadwa Mata Mela) में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बन सकता है। इसे रोकने के लिए कलेक्टर और एसपी ने सावन रोड पर वाहनों की विशाल पार्किंग व्यवस्था का अवलोकन किया।
यातायात प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नीमच शहर से भादवामाता और भादवामाता-जवासा चौराहे से होते हुए मंदिर तक आने वाले मुख्य मार्ग पर ‘विशेष यातायात सुरक्षा पॉइंट’ लगाए जाएं। महाअष्टमी के दिन भारी वाहनों का प्रवेश इस मार्ग पर पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
रास्तों पर दिशा-सूचक बोर्ड लगाए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को पार्किंग ढूंढने में कोई परेशानी न हो।
4. महाअष्टमी का दिव्य हवन और पूर्ण व्यवस्था
भादवा माता मंदिर केवल दर्शन के लिए ही नहीं, बल्कि अपने चमत्कारिक अनुष्ठानों के लिए भी जाना जाता है। मंदिर प्रबंधन समिति के प्रबंधक श्री अजय एरन ने बताया कि इस भादवा माता मेला (Bhadwa Mata Mela) का मुख्य आकर्षण महाअष्टमी का विशेष हवन है।
यह महाहवन 26 मार्च को रात्रि 10:30 बजे से पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रारंभ होगा। पूरी रात चलने वाले इस पवित्र हवन की पूर्णाहुति अगले दिन सुबह 4:00 बजे ब्रह्म मुहूर्त में होगी। हवन कुंड के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए अग्निशमन दल और मेडिकल टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
5. आरोग्य जल: मात्र 10 रुपये में मिलेगी माता की बावड़ी की चमत्कारी दवा
भादवा माता मंदिर को ‘आरोग्य स्थल’ का दर्जा प्राप्त है। मान्यता है कि यहां स्थित प्राचीन बावड़ी के जल से स्नान करने और उसे ग्रहण करने से लकवा (Paralysis), गंभीर चर्म रोग और नेत्र रोग दूर होते हैं।
इस बार भादवा माता मेला (Bhadwa Mata Mela) में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर संस्थान ने एक शानदार पहल की है। भीड़ के कारण सभी का सीधे बावड़ी तक पहुंचना मुश्किल होता है, इसलिए इस पवित्र जल को फिल्टर करके सीलबंद बोतलों में उपलब्ध करवाया जा रहा है।
श्रद्धालु माता के इस चमत्कारी आशीर्वाद को मात्र 10 रुपये के न्यूनतम सेवा शुल्क पर प्राप्त कर सकते हैं। इससे जल भरने को लेकर होने वाली अव्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गई है।
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