नीमच नारकोटिक्स केस: क्या असली आरोपियों को बचाने के लिए रची गई साजिश? 7 साक्ष्यों के साथ समाज ने घेरा कलेक्ट्रेट, सीसीटीवी फुटेज से मचेगा हड़कंप
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
22 मार्च 2026, (अपडेटेड 22 मार्च 2026, 8:20 अपराह्न IST)

नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में नारकोटिक्स विंग की एक हालिया कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। इस कार्रवाई ने न केवल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय विश्वकर्मा जांगिड़ (सुथार) समाज के आक्रोश को भी भड़का दिया है। समाज का सीधा आरोप है कि नीमच नारकोटिक्स केस में असली अफीम तस्करों को बचाने के लिए एक निर्दोष व्यक्ति को मोहरा बनाया गया है।

रविवार को इस नीमच नारकोटिक्स केस में उस समय तूल पकड़ लिया जब सैकड़ों की संख्या में समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

साजिश या साठगांठ? क्या है पूरा मामला?

नीमच नारकोटिक्स केस में विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधि लक्ष्मी नारायण विश्वकर्मा ने मीडिया से चर्चा में बेहद चौंकाने वाले दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान विभाग के पास कुछ विशिष्ट लोगों के नाम थे, लेकिन कथित तौर पर ‘साठगांठ’ के चलते उन रसूखदारों को मामले से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह नीमच सिटी निवासी निरंजन सुथार को जबरन आरोपी बना दिया गया।

नीमच नारकोटिक्स केस ज्ञापन में तीन नाम प्रमुखता से उभरे हैं— निखिल, पवन और आर्यन आरोप है कि ये तीनों व्यक्ति इस पूरे अवैध खेल में शामिल थे, लेकिन खुद की गर्दन बचाने के लिए उन्होंने निरंजन का इस्तेमाल किया। परिजनों का कहना है कि ये लोग निरंजन को उसकी दुकान से बहला-फुसलाकर साथ ले गए थे और बाद में उसे नारकोटिक्स विंग के हवाले कर दिया गया।

सीसीटीवी फुटेज: जो पुलिस की थ्योरी को झुठला सकते हैं

इस नीमच नारकोटिक्स केस में सबसे बड़ा मोड़ सीसीटीवी फुटेज को लेकर आया है। समाज और परिजनों का दावा है कि उनके पास नीमच नारकोटिक्स केस में घटना के समय के पुख्ता वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। इन फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि निरंजन को किस तरह दुकान से ले जाया गया और उस दौरान वहां कौन-कौन मौजूद था।

समाज का कहना है,

“अगर प्रशासन निष्पक्ष है, तो उसे इन सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच करानी चाहिए।
दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि निरंजन उस जगह मौजूद था ही नहीं जहां से अफीम की बरामदगी दिखाई गई है।”

इस नीमच नारकोटिक्स केस के संबंध में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्थानीय कलेक्टर-एसपी को भी पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की गई है।

भाई का सनसनीखेज आरोप: अफीम की मात्रा में भी ‘हेराफेरी’

निरंजन के भाई जितेंद्र विश्वकर्मा ने नारकोटिक्स विंग की कार्यशैली पर जो आरोप लगाए हैं, वे विभाग की नीयत पर संदेह पैदा करते हैं। जितेंद्र के अनुसार, निरंजन 20 तारीख की शाम से अचानक लापता हो गया था और उसका फोन भी बंद आ रहा था। काफी खोजबीन के बाद अगले दिन पता चला कि वह नारकोटिक्स विंग की कस्टडी में है।

जितेंद्र ने आरोप लगाया कि जब वे विभाग के कार्यालय पहुंचे, तो उन पर केवल कागजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि अधिकारियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि अफीम की कुल मात्रा 2 किलो 800 ग्राम थी, लेकिन केस केवल 1 किलो का बनाया गया है। यह विसंगति दर्शाती है कि कहीं न कहीं रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई है ताकि केस को कमजोर या प्रबंधित किया जा सके।

समाज की चेतावनी

नीमच नारकोटिक्स केस
विश्वकर्मा जांगिड़ के लोग बड़ी संख्या में थाने पहुंचे।

विश्वकर्मा जांगिड़ समाज ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि 24 घंटे के भीतर नीमच नारकोटिक्स केस की फाइल फिर से नहीं खोली गई और निर्दोष निरंजन को न्याय नहीं मिला, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन किया जाएगा। समाज ने चेतावनी दी है कि वे पुलिस की इस तानाशाही और रसूखदारों को बचाने की नीति के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे।

प्रशासन के सामने खड़े गंभीर सवाल:

 

  1. क्या पुलिस ने वाकई सीसीटीवी फुटेज को नजरअंदाज किया है?

  2. अफीम की बरामदगी की मात्रा में अंतर होने के दावे की सच्चाई क्या है?

  3. निखिल, पवन और आर्यन जैसे संदिग्धों से पूछताछ क्यों नहीं की गई?

  4. क्या विभाग पर किसी राजनीतिक या आर्थिक शक्ति का दबाव है?

अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जीरो टॉलरेंस की नीति वाले प्रदेश में क्या इस छोटे से दुकानदार को न्याय मिल पाता है या वह सिस्टम की बलि चढ़ जाएगा।


यह भी पढ़ें: बिसलवास खुर्द में 9 महीने से अधूरा डोम: ट्रैक्टर हादसे ने बढ़ाई ग्रामीणों की नाराजगी

ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

ताइक्वांडो में नीमच का दमदार प्रदर्शन, छह स्वर्ण पदक जीते

नीमच। 70वीं शालेय खेलकूद प्रतियोगिता के तहत आयोजित उज्जैन...

विजय केडिया के दांव वाले इस शेयर ने 1 लाख को बनाया 2.15 करोड़

बिज़नेस डेस्क  | विजय केडिया की निवेश इकाई के...

मंदसौर में पुलिया से गिरा अधेड़, आंख के पास से घुसा सरिया कान के पीछे निकला

मंदसौर: मंदसौर जिले के सीतामऊ में निर्माणाधीन पुलिया के...

FASTag में OneTag सुविधा शुरू, स्टिकर बदले बिना बदल सकेंगे बैंक

मुंबई। FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए...

Related Articles

Popular Categories