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नीमच में BPL मकान विवाद पर उबाल, कलेक्टर कार्यालय पर समाज का प्रदर्शन

BPL मकान विवाद

नीमच। नीमच में मंगलवार को BPL मकान विवाद ने बड़ा रूप ले लिया, जब राजपूत और ब्राह्मण समाज के संयुक्त नेतृत्व में सैकड़ों लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन करने लगे। यह पूरा मामला एक बीपीएल परिवार के पुश्तैनी मकान को तोड़ने की प्रस्तावित कार्रवाई से जुड़ा है, जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।

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क्या है पूरा BPL मकान विवाद?

जानकारी के अनुसार, जावद क्षेत्र के ग्राम कास्या में रहने वाले सचिन पाराशर के मकान को प्रशासन द्वारा अतिक्रमण बताकर हटाने की तैयारी की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर BPL मकान विवाद खड़ा हुआ और मामला अब सामाजिक और राजनीतिक रूप ले चुका है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संबंधित परिवार पिछले करीब 70 वर्षों से उसी स्थान पर रह रहा है। मकान के भीतर भगवान खाटूश्याम जी का मंदिर भी स्थित है, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं भी जुड़ी हुई हैं।

गरीब परिवार पर कार्रवाई से बढ़ा आक्रोश

इस BPL मकान विवाद में सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि पाराशर परिवार बीपीएल श्रेणी से संबंधित है। परिवार की एक महिला आशा कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं दे रही है, जबकि सचिन पाराशर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं।

ऐसे में लोगों का सवाल है कि क्या प्रशासन ने सभी तथ्यों की जांच की है या बिना उचित प्रक्रिया के कार्रवाई की जा रही है। इसी कारण से यह BPL मकान विवाद तेजी से बढ़ता गया।

एक परिवार को निशाना बनाने का आरोप

प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि यदि यह वास्तव में अतिक्रमण है, तो पूरे गांव में समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। केवल एक परिवार के खिलाफ कार्रवाई करना प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बिना सुनवाई के बेदखली का आदेश देना कानून के खिलाफ है। इस मुद्दे ने BPL मकान विवाद को और अधिक गंभीर बना दिया है।

प्रशासन को दी गई चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस BPL मकान विवाद में तुरंत हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। समाज के नेताओं ने कहा कि यह अब केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज के सम्मान का मुद्दा बन चुका है।

पीड़ित परिवार का दर्द

पीड़ित विद्या पाराशर ने कहा कि बिना जांच और सुनवाई के इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। वहीं, सचिन पाराशर ने आरोप लगाया कि उन्हें साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है।

उनका कहना है कि उनका मकान पुश्तैनी है और प्रशासन ने बिना पर्याप्त सबूतों के कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे उनका परिवार संकट में आ गया है। इस बयान के बाद BPL मकान विवाद और चर्चा में आ गया।

समाज की एकजुटता बनी ताकत

समाज के प्रतिनिधि गिरिराज सिंह ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस मामले पर रोक नहीं लगाई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि BPL मकान विवाद अब पूरे क्षेत्र का मुद्दा बन चुका है और इसके खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।


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