मनासा (दिलीप बोराना)। मध्यप्रदेश के नीमच जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्ती का स्पष्ट संकेत दिया है। गांधीसागर डूब क्षेत्र में अवैध रूप से जमा रेत के बड़े भंडार पर छापेमारी कर करीब 15 डंपर रेत जब्त की गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय रेत माफिया में हड़कंप मच गया है।
प्रशासन द्वारा चलाया गया यह अभियान अवैध रेत खनन पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
गांधीसागर डूब क्षेत्र में दबिश
यह पूरी कार्रवाई गांधीसागर के बैक वॉटर क्षेत्र में की गई, जहां अवैध रेत खनन लंबे समय से जारी था। जानकारी के अनुसार, खनन माफिया यहां से रेत निकालकर बड़े पैमाने पर स्टॉक जमा कर रहे थे।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशन और एडीएम बी.एस. कलेश के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई। एसडीएम किरण आंजना के नेतृत्व में राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने मनासा तहसील के ग्राम खानखेड़ी स्थित जीरो प्वाइंट पर अचानक छापा मारा।
मौके पर मिला भारी स्टॉक
जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां बड़े पैमाने पर अवैध रूप से जमा रेत के ढेर मिले। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह रेत अवैध रेत खनन के जरिए गांधीसागर के बैक वॉटर क्षेत्र से निकाली गई थी।
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लगभग 15 डंपर रेत के बराबर स्टॉक जब्त कर लिया। इस दौरान 2 जेसीबी मशीनों और डंपरों की सहायता से रेत को हटाकर सुरक्षित स्थान पर डंप कराया गया, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।
अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई
इस पूरे अभियान के दौरान जिला खनिज अधिकारी गजेंद्र डाबर भी मौके पर मौजूद रहे। तहसीलदार मुकेश निगम और नायब तहसीलदार नवीन छलोत्रे ने टीम के साथ मिलकर कार्रवाई को सफल बनाया।
अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई रेत के संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, अवैध रेत खनन में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों बढ़ रहा है अवैध खनन?
गांधीसागर डूब क्षेत्र में जल स्तर के उतार-चढ़ाव के कारण रेत की उपलब्धता अधिक रहती है। यही वजह है कि यह क्षेत्र अवैध रेत खनन के लिए माफियाओं का पसंदीदा ठिकाना बन गया है।
इस तरह का अवैध खनन पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है। इससे जलाशयों की संरचना कमजोर होती है और आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
माफिया में हड़कंप, प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध रेत खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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