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बिजली के झटके से मौत: नीमच में निर्माण स्थल पर हादसा, ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप

बिजली के झटके से मौत

नीमच मध्यप्रदेश के नीमच जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां बिजली के झटके से मौत ने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। नीमच सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया नाथावत में बुधवार सुबह एक निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और परिजनों ने ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र माली निवासी ग्राम भोलियावास के रूप में हुई है। वह ठेकेदार लोकेश धाकड़ के अधीन मजदूरी कर रहा था और इन दिनों ग्राम पिपलिया नाथावत में एक मकान निर्माण कार्य में लगा हुआ था। रोज की तरह बुधवार सुबह भी वह काम पर पहुंचा, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा।

कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस जगह निर्माण कार्य चल रहा था वहां से ऊपर हाई वोल्टेज बिजली के तार गुजर रहे थे। इसके बावजूद सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं किए गए थे। सुबह करीब 10 बजे रेत से भरे डंपर को खाली करने का काम चल रहा था।

बताया गया कि नरेंद्र माली को डंपर पर चढ़कर रेत खाली करने के लिए कहा गया। इसी दौरान डंपर चालक ने वाहन को आगे-पीछे किया, लेकिन उसने ऊपर गुजर रहे बिजली के तारों पर ध्यान नहीं दिया। जैसे ही डंपर तारों के संपर्क में आया, नरेंद्र करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गया। यही घटना उसकी बिजली के झटके से मौत का कारण बन गई।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने नरेंद्र को जिला अस्पताल नीमच पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

 परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतक के परिजनों ने इस बिजली के झटके से मौत को पूरी तरह ठेकेदार और डंपर चालक की लापरवाही का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि अगर निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था।

परिजनों के प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं:

  • बिजली के तारों के नीचे काम करवाना बेहद खतरनाक था
  • ठेकेदार द्वारा कोई सुरक्षा उपाय नहीं किए गए
  • डंपर चालक ने लापरवाही से वाहन चलाया
  • रेत का परिवहन नियमों के विरुद्ध किया जा रहा था

इन आरोपों ने इस बिजली के झटके से मौत मामले को और गंभीर बना दिया है।

परिवार पर टूटा आर्थिक संकट

नरेंद्र माली अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। उसकी अचानक मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

पुलिस ने शुरू की जांच

नीमच सिटी थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बिजली के झटके से मौत मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाएगी। यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और अब पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।


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