रतनगढ़ (प्रदीप तिवारी)। भीषण गर्मी के बीच आमजन, राहगीरों और पक्षियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से नगर रतनगढ़ में रतनगढ़ जल मंदिर के रूप में एक सराहनीय सामाजिक पहल की गई। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद से संबद्ध नवांकुर संस्था नवभौर समग्र सेवा संस्था, सेक्टर-2 रतनगढ़ द्वारा पशु चिकित्सालय के समीप जल मंदिर (प्याऊ) का विधिवत उद्घाटन किया गया। यह आयोजन केवल जल सेवा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे जल गंगा संवर्धन, जल संरक्षण जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी से जोड़ते हुए एक प्रेरक सामाजिक संदेश दिया गया।
मुख्य अतिथियों ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम योजना के अंतर्गत किया गया। इसमें आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के तहत जिला समन्वयक वीरेंद्र सिंह ठाकुर और ब्लॉक समन्वयक महेंद्र पाल सिंह भाटी के मार्गदर्शन में आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्व जिला उपाध्यक्ष प्रहलाद जी सोनी, नगर परिषद रतनगढ़ एल्डरमैन जीवनराम जी चारण, रोशनलाल जी बंजारा, भाजपा कार्यालय प्रभारी मुरली जी बैरागी और समाजसेवी सुरेश जी बैरागी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने फीता काटकर रतनगढ़ जल मंदिर का उद्घाटन किया।
जल संरक्षण पर संगोष्ठी में दिया गया संदेश
उद्घाटन के बाद जल गंगा संवर्धन विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने जल संकट, भूजल स्तर में गिरावट, वर्षा जल संचयन और पानी के जिम्मेदार उपयोग पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि पानी अब केवल सुविधा नहीं, बल्कि भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बनता जा रहा है। ऐसे समय में रतनगढ़ जल मंदिर जैसी पहलें समाज को यह संदेश देती हैं कि जल बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
पक्षियों के लिए 50 सकोरे किए गए वितरित
कार्यक्रम की एक विशेष पहल के रूप में पक्षियों के लिए 50 सकोरे भी वितरित किए गए। गर्मी के मौसम में जहां इंसानों को पानी की जरूरत बढ़ जाती है, वहीं पक्षियों और अन्य जीवों के लिए भी पानी की उपलब्धता आवश्यक हो जाती है। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों, दुकानों और छतों पर पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था अवश्य करें। इस पहल ने कार्यक्रम को पर्यावरणीय संवेदनशीलता से भी जोड़ दिया।
जनभागीदारी को बताया सफलता की कुंजी
कार्यक्रम का संचालन नगर विकास प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष एवं नवांकुर नवभौर समग्र सेवा संस्था सेक्टर-2 रतनगढ़ के अध्यक्ष श्री उमेश तिवारी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रतनगढ़ जल मंदिर केवल प्याऊ नहीं, बल्कि समाज को जल संरक्षण के लिए जागरूक करने वाला अभियान है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर पानी बचाने की जिम्मेदारी ले, तो जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जल संरक्षण की दिलाई गई शपथ
कार्यक्रम के अंत में परामर्शदाता योगिता पाटीदार ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणजनों का आभार व्यक्त किया। साथ ही जल स्त्रोत सेवा समागम कार्यक्रम के तहत उपस्थित सभी लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। लोगों ने संकल्प लिया कि वे पानी की बर्बादी नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे।
इनका रहा विशेष योगदान
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गो रक्षा दल रतनगढ़, नगर विकास प्रस्फुटन समिति, कमलेश अग्रवाल, CMCLDP विद्यार्थी राधा सेन, पुत्ती कुमारी, सुझाता रावत, उज्जवल कुमार, बंटी बंजारा, विक्रम बंजारा, रवि व्यास, योगिता पाटीदार और बड़ी संख्या में ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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