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जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्राओं के लिए हेल्थ और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट अभियान

जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय

नीमच। जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य, जीवनशैली सुधार और समग्र व्यक्तित्व विकास को लेकर अप्रैल 2026 के दौरान एक विशेष अभियान संचालित किया गया। उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार राष्ट्रीय कार्यबल (NTF) के अंतर्गत आयोजित इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देना रहा।

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अप्रैल माह में चरणबद्ध तरीके से आयोजित इस अभियान में जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और डिजिटल सेवाओं से जुड़ाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर फोकस किया गया।

 हेल्दी हैबिट्स पर विशेष सत्र

अभियान की शुरुआत अप्रैल के पहले सप्ताह में “हेल्दी हैबिट्स चैलेंज” विषय पर आयोजित विशेष सत्र से हुई। इस दौरान जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि हरित ने छात्राओं को संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध को समझाया।

उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में असंतुलित खानपान और अनियमित दिनचर्या से मानसिक तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में छोटी-छोटी आदतों को सुधारकर बड़ी समस्याओं से बचा जा सकता है।

900 छात्राओं के बनाए गए ABHA कार्ड

इस पहल की एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में करीब 900 छात्राओं के ABHA (Ayushman Bharat Health Account) कार्ड बनाए गए। इससे छात्राओं को डिजिटल हेल्थ सिस्टम से जोड़ा गया।

अब छात्राएं अपने स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकेंगी और आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टरों के साथ आसानी से साझा कर पाएंगी। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अनुभव साझा कर दिखा सकारात्मक बदलाव

अप्रैल के दूसरे सप्ताह में “अनुभव साझा करें” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की छात्राओं ने हेल्दी हैबिट्स चैलेंज के अपने अनुभव साझा किए।

कई छात्राओं ने बताया कि उन्होंने नियमित व्यायाम, समय पर भोजन और डिजिटल डिटॉक्स जैसी आदतों को अपनाया, जिससे उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ और पढ़ाई में भी एकाग्रता बढ़ी।

काउंसलिंग शिविर में मिला मार्गदर्शन

इसी क्रम में मनोवैज्ञानिक परामर्श शिविर का आयोजन भी किया गया। इस दौरान व्याख्याता सिमरन बी ने टीम एक्टिविटी के माध्यम से छात्राओं को तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने के तरीके बताए।

उन्होंने समझाया कि प्रतियोगिता और पढ़ाई के दबाव के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। सही मार्गदर्शन और संवाद से मानसिक समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

प्राचार्य का प्रेरणादायक संदेश

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रतिभा कालानी ने कहा कि जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में इस तरह के कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर के साथ स्वस्थ मन का होना भी बेहद जरूरी है।

उन्होंने छात्राओं को अनुशासित जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक सोच रखने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

स्थायी बदलाव है मुख्य उद्देश्य

कार्यक्रम संयोजक एवं NTF प्रभारी डॉ. हिना हरित ने बताया कि जाजू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं बल्कि छात्राओं के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्राओं को जीवन के प्रति जागरूक बनाते हैं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।


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