मंदसौर। जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम हुआ शामगढ़ रोड एक्सीडेंट एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। तेज रफ्तार कार की टक्कर से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो मासूम बच्चों सहित एक पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल मंदसौर में जारी है।
हादसे का पूरा घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, पूरालाल (48) अपने परिवार के साथ बर्डियापूना गांव से शामगढ़ की ओर जा रहे थे। उनके साथ प्रेमबाई (42), दिलीप (5) और दिलखुश (8) भी थे। सभी लोग मेलखेड़ा बस स्टैंड तक जाने के लिए निकले थे, जहां से आगे की यात्रा करनी थी।
घर से निकलने के करीब 1 किलोमीटर बाद ही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह शामगढ़ रोड एक्सीडेंट इतना भीषण था कि टक्कर के बाद सभी लोग सड़क पर दूर जा गिरे।
इस दर्दनाक हादसे में प्रेमबाई की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
घायलों की हालत नाजुक


इस शामगढ़ रोड एक्सीडेंट में घायल तीनों लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है—
- दिलीप (5) के सिर और कमर में गंभीर चोट
- दिलखुश (8) के सिर, पैर और पीठ पर गहरी चोट
- पूरालाल (48) के शरीर पर कई जगह गंभीर चोट
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत शामगढ़ अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल मंदसौर रेफर कर दिया।
पुलिस कार्रवाई और जांच
हादसे में शामिल कार (हुंडई वेन्यू MP 44 ZE 6999) को पुलिस ने जब्त कर लिया है। शामगढ़ थाना पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही इस शामगढ़ रोड एक्सीडेंट का मुख्य कारण मानी जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
खुशी का माहौल मातम में बदला
बताया जा रहा है कि प्रेमबाई और दिलखुश भानपुरा के निवासी थे और वे बर्डियापूना गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद घर लौटते समय यह शामगढ़ रोड एक्सीडेंट हो गया।
एक पल में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
यह शामगढ़ रोड एक्सीडेंट एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैफिक नियंत्रण, स्पीड लिमिट और जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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