Australia Terror Attack: बॉन्डी बीच पर खून की होली, 12 की मौत; माइकल वॉन ने रेस्त्रां में छिपकर बचाई जान

Australia Terror Attack

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सिडनी: Australia Terror Attack ऑस्ट्रेलिया का शांत और खूबसूरत बॉन्डी बीच रविवार की दोपहर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। यहूदी समुदाय का पवित्र त्योहार ‘हनुक्का’ (Hanukkah) मातम में बदल गया, जब दो हथियारबंद हमलावरों ने जश्न मना रहे लोगों को निशाना बनाकर भीषण गोलीबारी शुरू कर दी। इस Australia Terror Attack ने न केवल ऑस्ट्रेलिया बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस हमले में 11 निर्दोष लोगों की जान चली गई है, जबकि एक हमलावर भी मारा गया है। कुल 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 29 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

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खौफ का वो मंजर: लाशों से पट गया नॉर्थ बॉन्डी बीच

Australia Terror Attack घटना रविवार दोपहर की है जब बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय के लोग हनुक्का के पहले दिन का जश्न मना रहे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, अचानक दो हमलावर वहां पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के भीड़ पर फायरिंग शुरू कर दी। अफरा-तफरी के बीच लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस घटना की भयावहता को बयां कर रहे हैं। नॉर्थ बॉन्डी बीच के एक वीडियो में कई शव रेत पर बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों हमलावरों को गोली मारी। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक हमलावर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर हालत में गिरफ्तार किया गया है।

माइकल वॉन की आपबीती: ‘रेस्त्रां में छिपकर सांसे रोके बैठा था’

इस Australia Terror Attack के दौरान इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) भी घटनास्थल के बेहद करीब थे। वे बाल-बाल बचे हैं। वॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी दहशत भरी आपबीती साझा की।

माइकल वॉन ने लिखा,

“बॉन्डी में एक रेस्टोरेंट के अंदर बंद रहना और बाहर गोलियों की आवाज सुनना बहुत डरावना था। मैं सुरक्षित अपने घर पहुंच गया हूं, लेकिन वो पल भुलाए नहीं भूलते। उन बहादुर इमरजेंसी स्टाफ का बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने आतंकियों का सामना किया। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनों को खोया है।”

हमलावर कौन था? नौकरी जाने का गम या आतंकी साजिश?

Australia Terror Attack ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने गिरफ्तार किए गए हमलावरों में से एक की पहचान 24 वर्षीय नवीद अकरम के रूप में की है। जांच में सामने आया है कि नवीद वेस्टर्न सिडनी में राजमिस्त्री (Mason) का काम करता था। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ दिन पहले ही उसकी नौकरी छूट गई थी।

हालांकि, पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि क्या नौकरी जाने की हताशा ने उसे इस रास्ते पर धकेला या फिर यह एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी। जिस तरह से यहूदी समुदाय को त्योहार के दिन निशाना बनाया गया, उससे यह साफ है कि यह Australia Terror Attack नफरत से प्रेरित था। मारे गए हमलावर की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है कि वह नवीद है या उसका दूसरा साथी।

पीएम मोदी और दुनिया के नेताओं की प्रतिक्रिया

Australia Terror Attack इस बर्बर हमले की निंदा पूरी दुनिया में हो रही है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा:

“मैं ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हुए भयानक आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हनुक्का जैसे पवित्र त्योहार पर निर्दोषों को निशाना बनाना कायरता है। भारत इस दुख की घड़ी में ऑस्ट्रेलिया के साथ एकजुट है। हम आतंकवाद के खिलाफ हर लड़ाई का समर्थन करते हैं।”

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि यहूदी समुदाय पर हमला हर ऑस्ट्रेलियाई पर हमला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा,

“हमारे देश में नफरत और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। यह हमारे जीने के तरीके पर हमला है और हम इसे खत्म करके रहेंगे।”

इसके अलावा ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी नेताओं ने इसे यहूदी विरोधी (Anti-Semitic) हमला बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में भर्त्सना की है।

ऑस्ट्रेलिया में गन कल्चर और 29 साल बाद मास शूटिंग

ऑस्ट्रेलिया में मास शूटिंग की घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं। साल 1996 में पोर्ट आर्थर में हुए नरसंहार (जिसमें 35 लोग मारे गए थे) के बाद देश में दुनिया के सबसे सख्त ‘गन कंट्रोल लॉ’ लागू किए गए थे। उसके बाद से यह Australia Terror Attack सबसे बड़ी घटनाओं में से एक माना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी के आंकड़ों के मुताबिक, 2023-24 में पूरे ऑस्ट्रेलिया में बंदूक से हत्या के मात्र 31 मामले सामने आए थे। लेकिन बॉन्डी बीच की इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इससे पहले अप्रैल 2024 में बॉन्डी जंक्शन के शॉपिंग सेंटर में चाकूबाजी की घटना हुई थी, लेकिन फायरिंग की इतनी बड़ी घटना 29 साल बाद हुई है।

भारत में भी हाई अलर्ट: दिल्ली-मुंबई में सुरक्षा बढ़ी

Australia Terror Attack ऑस्ट्रेलिया में हुए इस हमले के इनपुट्स के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। भारत में यहूदी धर्मस्थलों और बस्तियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, 14 दिसंबर से शुरू हुए 8 दिवसीय हनुक्का त्योहार के दौरान आतंकी संगठन भारत में भी यहूदी संस्थानों को निशाना बना सकते हैं।

विशेष रूप से दिल्ली के पहाड़गंज (चाबाड़ हाउस), मुंबई के नरीमन हाउस और बेंगलुरु व पुणे में स्थित यहूदी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।


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