Karulal Dhakad Death Case: नीमच में बवाल, 2 घंटे तक बंधक बना MP-Rajasthan हाईवे, प्रशासन के ‘3 दिन’ के आश्वासन पर माने परिजन

Karulal Dhakad Death Case
नीमच/नयागांव। मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा, जो अक्सर व्यापारिक गतिविधियों के लिए जानी जाती है, मंगलवार को आक्रोश और मातम के शोर में डूब गई। नीमच जिले के जावद थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सरवानिया मसानी के निवासी कारूलाल धाकड़ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया। यह Karulal Dhakad Death Case अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि परिजनों ने इसे सीधे तौर पर हत्या करार देते हुए हाईवे पर चक्का जाम कर दिया।
खेत में मिली लाश, सनसनी में बदला माहौल
Karulal Dhakad Death Case मंगलवार की सुबह जब किसान अपने खेतों की ओर रुख कर रहे थे, तभी मध्यप्रदेश–राजस्थान सीमा पर स्थित एक खेत में एक शव पड़ा मिला। शव की शिनाख्त कारूलाल धाकड़ के रूप में हुई। खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों और परिजनों का हुजूम उमड़ पड़ा।
Karulal Dhakad Death Case जानकारी के मुताबिक, कारूलाल पिछले 2 से 3 दिनों से लापता थे। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही नयागांव पुलिस चौकी में दर्ज कराई जा चुकी थी। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि वे इस हालत में मिलेंगे। शव मिलने की सूचना पर नीमच जिले की नयागांव चौकी पुलिस और राजस्थान के निंबाहेड़ा थाना पुलिस दोनों ही मौके पर पहुंचीं, क्योंकि मामला सीमावर्ती क्षेत्र का था।
फर्जी रजिस्ट्री और पटेल का दबाव: हत्या के गंभीर आरोप
इस Karulal Dhakad Death Case में नया मोड़ तब आया जब परिजनों ने पुलिस के सामने गंभीर आरोप लगाए। मृतक के परिजनों का कहना है कि यह कोई साधारण मौत या आत्महत्या नहीं है, बल्कि सुनियोजित हत्या है।
परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक प्रभावशाली पटेल ने कथित तौर पर फर्जी रजिस्ट्री करवाई थी और इसी को लेकर वह कारूलाल पर पैसों का भारी दबाव बना रहा था। परिजनों के मुताबिक, इसी विवाद और मानसिक प्रताड़ना के चलते कारूलाल की हत्या की गई और शव को गुमराह करने के लिए खेत में फेंक दिया गया। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि भू-माफिया और रसूखदार लोग गरीब किसानों को निशाना बना रहे हैं।
हाइवे पर संग्राम: 2 घंटे तक थमे रहे पहिए
कारूलाल का शव मिलने के बाद परिजनों का सब्र का बांध टूट गया। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए नयागांव क्षेत्र में मुख्य हाईवे पर चक्का जाम कर दिया। यह जाम इतना जबरदस्त था कि सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ट्रकों, बसों और निजी वाहनों के पहिए करीब 2 घंटे तक थमे रहे।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती और मामले का पर्दाफाश नहीं होता, वे शव को नहीं उठाएंगे और न ही जाम खोलेंगे। स्थिति तनावपूर्ण होती देख भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया।
सुसाइड नोट का रहस्य: जांच की दिशा क्या?
Karulal Dhakad Death Case घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस नोट को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक सुसाइड नोट में लिखी बातों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
पुलिस का कहना है कि यह जांच का विषय है कि सुसाइड नोट कारूलाल ने खुद लिखा था या इसे वहां प्लांट किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया, “हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट द्वारा सुसाइड नोट की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों (हत्या या आत्महत्या) की पुष्टि हो सकेगी।”
अधिकारियों की दौड़ और 3 दिन का आश्वासन
जाम की स्थिति विकराल होते देख प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही अपर कलेक्टर (ADM) और एसडीएम (SDM) सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बीच सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे परिजनों से लंबी बातचीत की।
परिजनों की मांग थी कि आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई हो। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद, प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया कि 3 दिनों के भीतर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अपर कलेक्टर के इस भरोसे के बाद ही परिजन माने और करीब 2 घंटे बाद हाईवे से जाम हटाया गया। जाम खुलने के बाद यातायात सुचारू हो सका।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी कर रही है। अब देखना यह होगा कि 3 दिन बाद पुलिस प्रशासन इस Karulal Dhakad Death Case में क्या खुलासा करता है। क्या कारूलाल को न्याय मिलेगा, या यह फाइल भी ठंडे बस्ते में चली जाएगी?
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