Hyderabad Road Accident में मंदसौर के पिता-पुत्र की जान गई; बेकाबू SUV ने तंबू में सो रहे परिवार को कुचला

Hyderabad Road Accident

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गरोठ/मंदसौर: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार सुबह हुए एक भीषण Hyderabad Road Accident ने एक ही परिवार के दो चिरागों को हमेशा के लिए बुझा दिया। मेलारदेवपल्ली थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित SUV कार ने सड़क किनारे तंबू लगाकर सो रहे पिता-पुत्र को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह टक्कर में पिता और उनके एक बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा पुत्र गंभीर रूप से घायल है।

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कैसे हुआ यह हृदयविदारक हादसा?

यह Hyderabad Road Accident उस समय हुआ जब पूरा शहर गहरी नींद में था। सुवासरा थाना क्षेत्र के ग्राम अजयपुर निवासी प्रभुनाथ (55 वर्ष) अपने दो बेटों, दीपक नाथ (25 वर्ष) और सत्यनारायण उर्फ सतुनाथ (27 वर्ष) के साथ हैदराबाद के मेलारदेवपल्ली इलाके में सड़क किनारे तंबू लगाकर रुके हुए थे। ये लोग सर्दियों के मौसम में कंबल बेचने का पारंपरिक व्यवसाय करते थे।

बुधवार तड़के, एक सफेद रंग की तेज रफ्तार SUV कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और सीधे उस तंबू में जा घुसी जहाँ यह परिवार सो रहा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तंबू के परखच्चे उड़ गए। इस Hyderabad Road Accident में दीपक नाथ की मौके पर ही सांसें थम गईं। वहीं, उनके पिता प्रभुनाथ को जब गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

रोजी-रोटी की तलाश में गए थे तेलंगाना

अजयपुर गांव के रहने वाले प्रभुनाथ का परिवार आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहा था। हर साल की तरह, इस साल भी वे बेहतर भविष्य और परिवार के पालन-पोषण के लिए मध्य प्रदेश से तेलंगाना गए थे। वे वहां फुटपाथ और सड़क किनारे अस्थाई दुकानें लगाकर कंबल बेचते थे। उन्हें क्या पता था कि जिस सड़क के किनारे वे अपनी जीविका तलाश रहे हैं, वही Hyderabad Road Accident उनके जीवन का आखिरी मोड़ साबित होगा।

दीपक नाथ, जिसकी उम्र महज 25 वर्ष थी, अपने पिता का मुख्य सहारा था। उसकी असमय मौत ने परिवार के सामने दुखों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। ग्रामीण बताते हैं कि यह परिवार बहुत ही मिलनसार और मेहनती था। इस Hyderabad Road Accident की खबर जैसे ही अजयपुर पहुंची, पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले।

घायल बेटे की स्थिति नाजुक

हादसे में घायल सत्यनारायण उर्फ सतुनाथ फिलहाल हैदराबाद के एक निजी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती है। डॉक्टरों के अनुसार, उसके सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार हैदराबाद पहुंच चुके हैं। इस Hyderabad Road Accident ने न केवल दो जानें लीं, बल्कि तीसरे बेटे को भी जीवन और मौत के बीच लाकर खड़ा कर दिया है।

पुलिस जांच और स्थानीय प्रशासन की भूमिका

मेलारदेवपल्ली पुलिस ने इस Hyderabad Road Accident के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें कार की रफ्तार सामान्य से कहीं अधिक दिखाई दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

गांव के सरपंच कैलाश पाटीदार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि शवों का पोस्टमॉर्टम करा लिया गया है। गुरुवार शाम तक एम्बुलेंस के जरिए दोनों शवों को पैतृक गांव अजयपुर लाया जाएगा। सरपंच ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए क्योंकि घर के कमाने वाले सदस्य अब इस दुनिया में नहीं रहे।

सड़क किनारे व्यवसाय करने वालों का बढ़ता खतरा

यह Hyderabad Road Accident एक बड़े खतरे की ओर इशारा करता है। देश के विभिन्न हिस्सों में हजारों लोग सड़क किनारे अस्थाई तंबू लगाकर अपना जीवन यापन करते हैं। तेज रफ्तार वाहन चालक अक्सर नींद या नशे की हालत में इन मासूमों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और फुटपाथ पर रहने वालों की सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है।

इस Hyderabad Road Accident ने मंदसौर जिले में शोक की लहर पैदा कर दी है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि सरकार को ऐसे प्रवासी मजदूरों के लिए सुरक्षा बीमा योजना सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि हादसे की स्थिति में उनके पीछे रहने वाले परिवार को दर-दर की ठोकरें न खानी पड़ें।


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